'कांग्रेस 200 सीटें मांगे तो जीरो याद दिला देना!' अखिलेश यादव को ओपी राजभर की सलाह, राहुल गांधी और सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की संभावित सीट साझेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने MLC चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर भी तंज कसा।

UP Election 2027: ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से कहा कि कांग्रेस 200 से ज्यादा सीटें मांगे तो MLC चुनाव में उसका प्रदर्शन याद दिलाएं। राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन में सहयोग और सीट बंटवारे को लेकर सवाल उठाए।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026
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उत्तर प्रदेश के छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

खबर में खास

  • ओमप्रकाश राजभर ने 29 अक्टूबर को X पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर टिप्पणी की।
  • उन्होंने कांग्रेस के संभावित 200 सीटों के दावे का जिक्र किया।

  • MLC चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन और सपा को मिले समर्थन पर सवाल उठाया।

  • कांग्रेस की 200 सीटों की औपचारिक मांग की पुष्टि नहीं हुई है।

  • राजभर की अपनी पार्टी सुभासपा भी भाजपा को 82 सीटों की सूची दे चुकी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की सीट साझेदारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
राजभर ने सोशल मीडिया मंच X पर अखिलेश यादव को MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के लिए बधाई दी, लेकिन इसी बहाने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की मांग करे, तो अखिलेश को विधान परिषद चुनाव में उसका प्रदर्शन याद दिलाना चाहिए।

राहुल गांधी को लेकर क्या बोले राजभर?

ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या उन्होंने अपने सहयोगी राहुल गांधी को भी MLC चुनाव के परिणाम पर बधाई दी है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी नहीं जुटा सकी और जिन चुनावों में पार्टी उतरी, वहां उसे सफलता नहीं मिली।
राजभर ने कांग्रेस शासित कर्नाटक में हुए विधान परिषद चुनावों का भी उल्लेख किया। कर्नाटक की चार सीटों पर भाजपा-जेडीएस गठबंधन को जीत मिली थी।
राजभर की टिप्पणी का मुख्य निशाना कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन और समाजवादी पार्टी के साथ उसका गठबंधन था।

कांग्रेस की 200 सीटों पर क्या कहा?

ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि कांग्रेस खुद को समाजवादी पार्टी से बड़ा सहयोगी मानती है और आगामी विधानसभा चुनाव में 403 में से 200 से अधिक सीटें चाह सकती है।
उन्होंने अखिलेश यादव से कहा कि ऐसी मांग सामने आने पर कांग्रेस के MLC चुनावी प्रदर्शन का सवाल जरूर उठाना चाहिए।
राजभर ने यह भी पूछा कि विधान परिषद चुनाव के दौरान कांग्रेस के कितने नेता समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में सक्रिय रहे।
महत्वपूर्ण बात यह है कि 200 से अधिक सीटों की संख्या राजभर के राजनीतिक बयान का हिस्सा है। कांग्रेस और सपा के बीच 2027 चुनाव के लिए इतनी सीटों की कोई अंतिम सहमति या आधिकारिक मांग इन रिपोर्टों से प्रमाणित नहीं होती।

नागपुर में कांग्रेस की जीत भी सामने आई

राजभर के बयान के संदर्भ में एक अन्य तथ्य महत्वपूर्ण है।
29 अक्टूबर की सुबह महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट से कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया।
इसलिए चार राज्यों के सभी विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के पूरी तरह शून्य रहने की बात सही नहीं है।
हालांकि, राजभर ने अपने बयान में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस के प्रदर्शन का उल्लेख किया था। नागपुर का परिणाम उनके उन दोनों राज्यों से संबंधित दावों का खंडन नहीं करता।

राजभर की पार्टी ने खुद भाजपा को दी 82 सीटों की सूची

दिलचस्प बात यह है कि ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा भी आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों की तैयारी कर रही है।
26 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, राजभर ने भाजपा नेतृत्व को 82 विधानसभा सीटों की सूची सौंपने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी ने इन क्षेत्रों में चुनावी तैयारी की है।
हालांकि, 82 सीटों की सूची देने का मतलब यह नहीं कि भाजपा ने सुभासपा को इतनी सीटें देने की सहमति दे दी है।
2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था और छह सीटें जीती थीं। बाद में राजभर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में लौट आए।

2027 से पहले गठबंधन में किन सवालों पर नजर?

उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों पर चुनाव होना है। विपक्षी खेमे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सीट साझेदारी, जबकि सत्तापक्ष में भाजपा तथा उसके सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा अभी महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया है।
राजभर के बयान के बाद तीन सवाल सामने आते हैं—कांग्रेस कितनी सीटों पर दावा करेगी, सपा उस मांग पर क्या रुख अपनाएगी और भाजपा अपने सहयोगी दलों को कितनी सीटें देगी?
फिलहाल इन सवालों के अंतिम जवाब उपलब्ध नहीं हैं। राजभर का बयान सीट साझेदारी पर राजनीतिक दबाव और सार्वजनिक बहस का हिस्सा है, किसी गठबंधन टूटने या नई सीट-साझेदारी तय होने की पुष्टि नहीं।

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