2027 चुनाव से पहले BJP की दिल्ली में बड़ी बैठक! नितिन नबीन ने बुलाए राष्ट्रीय महासचिव, यूपी समेत 5 राज्यों और 'वोट चोरी' विवाद पर मंथन

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की अगुआई में दिल्ली में बैठक शुरू हुई। यूपी समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव, SIR विवाद और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा एजेंडे में है।

BJP Meeting 2026: भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने 29 अक्टूबर को दिल्ली मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक बुलाई। यूपी, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों के 2027 चुनावों की तैयारी और विपक्ष के SIR अभियान पर चर्चा हुई।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक की अध्यक्षता की।

खबर में खास

  • 29 अक्टूबर की सुबह 10 बजे नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में बैठक शुरू हुई।
  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।

  • यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव एजेंडे में शामिल हैं।

  • विपक्ष के SIR और कथित 'वोट चोरी' अभियान पर भी चर्चा निर्धारित है।

  • 30 अक्टूबर को लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक प्रस्तावित है, जिसका उद्घाटन अमित शाह करेंगे
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में भाजपा महासचिवों की बैठक शुरू हुई।
इस बैठक में उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और पार्टी संगठन की तैयारियां प्रमुख मुद्दे हैं।
नवभारत टाइम्स ने 29 अक्टूबर को सुबह 11:16 बजे बैठक शुरू होने की पुष्टि की, जबकि Zee News ने सुबह 11:59 बजे के अपडेट में बैठक में शामिल पदाधिकारियों और एजेंडे की जानकारी दी।

बैठक में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?

रिपोर्टों के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय महासचिवों में बीएल संतोष, सुनील बंसल, विनोद तावड़े, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, संजय भाटिया और बिप्लब कुमार देब सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।
पार्टी नेतृत्व आगामी चुनावी राज्यों में संगठन की स्थिति और राजनीतिक कार्यक्रमों पर विचार कर रहा है।
हालांकि, दोपहर तक उपलब्ध रिपोर्टों में बैठक के किसी अंतिम प्रस्ताव, संगठनात्मक फेरबदल या उम्मीदवार चयन की आधिकारिक घोषणा नहीं मिली है।

यूपी समेत पांच राज्यों पर क्यों है ध्यान?

इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा एजेंडे में है।
उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच चुनावी कार्यक्रमों तथा संगठनात्मक तैयारियों का समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
बैठक में चुनावी राज्यों के कार्यक्रम, संगठन की सक्रियता और राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा होने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी विशेष राज्य के लिए नई रणनीति या सीटवार उम्मीदवारों का फैसला होने की पुष्टि नहीं हुई है।

'वोट चोरी' और SIR के विवाद पर भाजपा की क्या तैयारी है?

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चलाया जा रहा अभियान है।
विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी कर चुकी है।
दूसरी ओर भाजपा विपक्ष के आरोपों को चुनौती देती रही है। पार्टी के अनुसार विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर अनावश्यक राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा की इस बैठक में विपक्ष के अभियान को लेकर संगठनात्मक और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर विचार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप जांच और राजनीतिक विवाद का विषय हैं; इन्हें सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

एक दिन पहले नितिन नबीन ने निकाला था मार्च

28 अक्टूबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली के चांदनी चौक में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत मार्च का नेतृत्व किया था।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार को लेकर भी टिप्पणी की।
इसके अगले दिन पार्टी महासचिवों की बैठक हुई, जिसमें विपक्ष के राजनीतिक कार्यक्रम भी एजेंडे में रखे गए।

30 अक्टूबर को लखनऊ में अमित शाह की बैठक

दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक के बाद शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी प्रस्तावित है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र को संबोधित करने वाले हैं।
प्रदेश कार्यसमिति में यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की दिशा पर चर्चा होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, दिल्ली की बैठक और लखनऊ की प्रदेश कार्यसमिति अलग-अलग कार्यक्रम हैं। दोनों के बीच किसी विशेष निर्णय के हस्तांतरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आगे किस घोषणा पर नजर रहेगी?

भाजपा की राष्ट्रीय बैठक और अगले दिन लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि पार्टी अपने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को किस तरह आगे बढ़ाएगी।
अभी यह देखना बाकी है कि विपक्ष के SIR अभियान पर पार्टी कोई औपचारिक प्रस्ताव जारी करती है या नहीं और उत्तर प्रदेश के लिए किन कार्यक्रमों की घोषणा होती है।
फिलहाल पुष्टि यह है कि राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक शुरू हो चुकी है और चुनावी तैयारियां उसके एजेंडे में हैं। बैठक के अंतिम फैसलों का विवरण सामने आना बाकी है।

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