ममता सरकार के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार! दुर्गा पूजा पास मामले में ₹50–60 करोड़ की कथित गड़बड़ी, CM सुवेंदु अधिकारी ने ममता पर भी लगाए आरोप

दुर्गा पूजा VIP पास मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है। ED और कोलकाता पुलिस कथित गड़बड़ी की जांच कर रही हैं, जबकि सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए हैं।

Indranil Sen Arrest News: दुर्गा पूजा के VIP पास बेचने में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व TMC मंत्री इंद्रनील सेन गिरफ्तार। ED ₹50–60 करोड़ की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | कोलकाता/नई दिल्ली | 29 अक्टूबर 2026
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दुर्गा पूजा पास बिक्री मामले में पूर्व TMC मंत्री इंद्रनील सेन को 28 अक्टूबर को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया

खबर में खास

  • पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को 28 अक्टूबर की शाम कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया।
  • ED और कोलकाता पुलिस कथित दुर्गा पूजा VIP पास अनियमितताओं की अलग-अलग जांच कर रही हैं।

  • जांच से जुड़ी रिपोर्टों में ₹50–60 करोड़ की संभावित वित्तीय गड़बड़ी का अनुमान सामने आया है।

  • मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका पर भी आरोप लगाए।

  • 29 अक्टूबर को अदालत में पेशी और पुलिस हिरासत की मांग की तैयारी की खबर है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार के मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। दुर्गा पूजा के विशेष प्रवेश पास बेचने में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कोलकाता पुलिस ने बुधवार, 28 अक्टूबर की शाम उन्हें गिरफ्तार किया।
इंद्रनील सेन तृणमूल कांग्रेस सरकार में पर्यटन तथा सूचना एवं संस्कृति विभाग से जुड़े रहे हैं। वह चंदननगर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भी हैं।
गुरुवार, 29 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस उन्हें अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए हिरासत मांगने की तैयारी कर रही है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में अदालत द्वारा हिरासत देने या जमानत पर निर्णय लेने की अंतिम पुष्टि नहीं मिली है।

ED दफ्तर के बाहर कोलकाता पुलिस ने क्यों किया गिरफ्तार?

बुधवार को इंद्रनील सेन कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय पहुंचे थे।
यहां उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। जब वह ED कार्यालय से बाहर आए, तो कोलकाता पुलिस की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट टीम उन्हें अपने साथ लालबाजार पुलिस मुख्यालय ले गई।
पुलिस का कहना है कि सेन को पहले भी पूछताछ के लिए कई बार बुलाया गया था। जांच में सहयोग नहीं करने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
यहां महत्वपूर्ण तथ्य है कि गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस ने की है, ED ने नहीं। ED इस मामले में अलग से मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी जांच कर रही है।

आखिर क्या है ₹50–60 करोड़ का कथित मामला?

इस मामले के केंद्र में MassArt Society नाम की संस्था है, जिससे इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन के संबंध होने के आरोप हैं।
शिकायत में कहा गया है कि संस्था ने दुर्गा पूजा पंडालों के विशेष प्रीव्यू और VIP प्रवेश पास बेचे। आरोप है कि प्रचार में UNESCO से संबंध या समर्थन का ऐसा दावा किया गया, जिसकी वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।
 वर्ष 2022 से 2025 के दौरान पास बिक्री और संबंधित गतिविधियों से बड़ी रकम एकत्र की गई।
 29 अक्टूबर  ED के प्रारंभिक आकलन के आधार पर ₹50–60 करोड़ की संभावित अनियमितताओं का उल्लेख है।
यह रकम जांच का अनुमान है, अदालत द्वारा प्रमाणित गबन की राशि नहीं।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?

पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इंद्रनील सेन अकेले इस मामले में शामिल नहीं हो सकते और पूर्ववर्ती सरकार के उच्च स्तर तक कथित आर्थिक लाभ पहुंचा हो सकता है।
सुवेंदु अधिकारी ने सेन तथा ममता बनर्जी के पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए जांच में दूसरे नाम सामने आने की संभावना जताई।
हालांकि, ममता बनर्जी के इस कथित घोटाले से लाभान्वित होने का आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सिद्ध नहीं हुआ है। यह मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का आरोप है।

तृणमूल कांग्रेस ने क्या जवाब दिया?

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने पहले इस जांच को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया था।
उन्होंने लगभग ₹30 लाख के एक बैंक लेन-देन पर उठे सवालों के जवाब में कहा था कि इंद्रनील सेन की रिकॉर्ड कंपनी से ममता बनर्जी को किया गया भुगतान उनके गीतों और साहित्यिक कार्यों की वैध रॉयल्टी से संबंधित था।
इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से इनकार कर चुके हैं। इस प्रकार जांच एजेंसियों के आरोप और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण अलग-अलग हैं।

अब अदालत में क्या होगा?

इंद्रनील सेन की अग्रिम जमानत याचिका इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी थी। उन्होंने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
29 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित IANS रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए हिरासत मांगने वाली है।
अब अदालत के आदेश, संदिग्ध लेन-देन की जांच और संबंधित लोगों के बयान से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
इस मामले में राजनीतिक आरोप भी सामने आए हैं, लेकिन गिरफ्तारी का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच के प्रमाणों पर निर्भर करेगा।

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