UP Election 2027: रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव! 15 नामों की लिस्ट पर चर्चा की अटकलें, क्या हुई बातचीत?
रामपुर जेल में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान से मुलाकात की। यूपी चुनाव 2027 से पहले 15 संभावित उम्मीदवारों की कथित सूची को लेकर चर्चा है, लेकिन इस पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।
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UP Election 2027: अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की। उम्मीदवारों की कथित सूची, ओवैसी की सक्रियता और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया के बीच जानिए अब तक क्या सामने आया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | रामपुर/लखनऊ | 22 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीति में गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपुर जिला जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात की पुष्टि दोपहर 2:26 बजे प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में हुई है।
मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी हुई है। इसी बीच आजम खान से जुड़े 15 संभावित उम्मीदवारों की कथित सूची को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, मुलाकात में इस सूची पर कोई फैसला होने की पुष्टि नहीं हुई है।
खबर में खास
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अखिलेश यादव ने आज रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की।
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2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों नेताओं की मुलाकात चर्चा में।
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15 संभावित उम्मीदवारों की कथित सूची को लेकर अटकलें।
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आजम खान की पत्नी पहले ही इस सूची के दावों को अफवाह बता चुकी हैं।
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ओपी राजभर ने मुलाकात को चुनावी कदम बताते हुए अखिलेश पर आरोप लगाए।
रामपुर जेल में हुई मुलाकात
अखिलेश यादव का गुरुवार को रामपुर पहुंचने का कार्यक्रम पहले ही घोषित किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरने के बाद जिला जेल जाना था।
जेल में आजम खान से लगभग 45 मिनट बातचीत का कार्यक्रम था। इसके बाद अखिलेश को आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिजनों से भी मिलना था।
दोपहर की रिपोर्ट में दोनों नेताओं की जेल में मुलाकात होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
15 नामों की लिस्ट का क्या मामला है?
इस मुलाकात के बीच सबसे ज्यादा चर्चा 15 संभावित उम्मीदवारों की कथित सूची को लेकर हो रही है।
पहले मीडिया में यह दावा सामने आया था कि आजम खान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कुछ विधानसभा सीटों के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम सुझाए हैं।
लेकिन 30 सितंबर को आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा ने अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद ऐसी मांग से संबंधित खबरों को अफवाह बताया था।
इसलिए कथित सूची को आजम खान की आधिकारिक मांग या सीट बंटवारे का फैसला बताना गलत होगा।
ओवैसी के रामपुर दौरे के बाद मुलाकात
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि हाल में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने क्षेत्र में जनसभा की थी।
ओवैसी मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सवाल उठाते रहे हैं।
वहीं, आजम खान लंबे समय से रामपुर और आसपास की सपा राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।
ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात को पश्चिमी यूपी की चुनावी तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, ओवैसी की सभा के कारण ही अखिलेश ने यह दौरा किया, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।
ओपी राजभर ने क्या आरोप लगाए?
योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर सवाल उठाए।
राजभर ने आरोप लगाया कि यह मुलाकात मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने की चुनावी कोशिश है। उन्होंने अखिलेश पर आजम खान को जेल भिजवाने का भी आरोप लगाया।
हालांकि, इस गंभीर आरोप के समर्थन में कोई प्रमाण उनके बयान की उपलब्ध रिपोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे तथ्य नहीं माना जा सकता।
2027 के लिए आगे क्या?
