UP Election 2027: 'सपा नहीं, समाजवादी यादव परिवार'—ओवैसी का अखिलेश पर तंज, BJP के खिलाफ गठबंधन को भी तैयार
शामली के कैराना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़, बदायूं और फिरोजाबाद का जिक्र कर सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया। योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री नहीं देखना चाहते, विपक्षी दलों से गठबंधन का विकल्प भी खुला रखा।
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UP Election 2027: कैराना की रैली में असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव को लेकर क्या कहा? जानिए 'समाजवादी यादव परिवार' वाले बयान, मुस्लिम प्रतिनिधित्व और BJP विरोधी गठबंधन की पूरी खबर।
कैराना में ओवैसी ने अखिलेश पर साधा निशाना, सपा को बताया 'समाजवादी यादव परिवार'; गठबंधन पर भी दिया बयान
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | शामली/लखनऊ | 26 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और AIMIM के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर सामने आया है। AIMIM प्रमुख एवं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शामली जिले के कैराना में आयोजित जनसभा से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर परिवारवाद और मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल उठाए।
रविवार, 25 अक्टूबर को आयोजित जनसभा में ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का नाम बदलकर 'समाजवादी यादव परिवार' कर देना चाहिए। उन्होंने आजमगढ़, बदायूं और फिरोजाबाद लोकसभा सीटों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव के परिवार को अधिक राजनीतिक अवसर मिलते हैं।
हालाँकि, उसी जनसभा में ओवैसी ने भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के उद्देश्य से दूसरे विपक्षी दलों के साथ गठबंधन का विकल्प भी खुला रखा।
खबर में खास
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कैराना की जनसभा में अखिलेश यादव पर ओवैसी का परिवारवाद का आरोप।
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आजमगढ़, बदायूं और फिरोजाबाद लोकसभा सीटों का दिया उदाहरण।
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अल्पसंख्यक समुदाय के राजनीतिक नेतृत्व और हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया।
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योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का विरोध जताया।
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भाजपा के खिलाफ दूसरे विपक्षी दलों से गठबंधन के लिए तैयार होने की बात कही।
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AIMIM और समाजवादी पार्टी के बीच कोई नया चुनावी गठबंधन घोषित नहीं हुआ है।
अखिलेश यादव को लेकर क्या बोले ओवैसी?
कैराना की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी में एक ही परिवार के नेताओं को प्राथमिकता मिल रही है।
उन्होंने आजमगढ़ लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ पहले मुस्लिम उम्मीदवार भी जीतते थे, वहाँ अब अखिलेश यादव के रिश्तेदार सांसद हैं।
ओवैसी ने बदायूं और फिरोजाबाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं से समर्थन तो मांगा जाता है, लेकिन समुदाय के लोगों को पर्याप्त राजनीतिक नेतृत्व नहीं मिलता।
यह AIMIM प्रमुख का राजनीतिक आरोप है। किसी पार्टी में उम्मीदवारों के चयन की पूरी प्रक्रिया को केवल इन उदाहरणों के आधार पर नहीं समझा जा सकता।
आजमगढ़, बदायूं और फिरोजाबाद में कौन सांसद हैं?
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, बदायूं से आदित्य यादव और फिरोजाबाद से अक्षय यादव चुनाव जीते थे।
इन तीनों का संबंध यादव परिवार से है। ओवैसी ने इसी तथ्य को आधार बनाकर सपा के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए।
हालाँकि, कौन-सी सीट किसी विशेष समुदाय की मानी जाए, यह राजनीतिक व्याख्या का विषय है। लोकसभा सीटें किसी समुदाय के लिए आरक्षित नहीं होतीं और उम्मीदवारों के चुनाव का अधिकार मतदाताओं के पास होता है।
योगी आदित्यनाथ और भाजपा को लेकर क्या कहा?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना चाहती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की एक और सरकार नहीं बनने देने को अपना राजनीतिक उद्देश्य बताया।
ओवैसी ने कहा कि यदि दूसरे विपक्षी दल भी भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के उद्देश्य पर सहमत हैं, तो AIMIM उनके साथ चुनावी समझौते पर विचार करने को तैयार है।
यह उनकी पार्टी की घोषित राजनीतिक स्थिति है। किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा अभी नहीं हुई है।
समाजवादी पार्टी से विवाद के बावजूद गठबंधन की बात क्यों?
AIMIM और समाजवादी पार्टी के बीच मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा चुनावी गठबंधन को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं।
ओवैसी पहले भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से चुनावी सहयोग का विकल्प खुला रखने की बात कह चुके हैं। दूसरी ओर, उन्होंने दोनों दलों पर अल्पसंख्यक राजनीतिक नेतृत्व को पर्याप्त अवसर नहीं देने का आरोप लगाया है।
कैराना में उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित समुदायों को अपना नेतृत्व तैयार करना चाहिए।
मुजफ्फरनगर दंगों का मुद्दा भी उठाया
