आगरा MLC चुनाव में आधी रात बवाल, BJP-सपा समर्थक भिड़े; अखिलेश ने उठाए सवाल, सुबह सपा के आकाश अग्रवाल जीते

आगरा शिक्षक MLC मतगणना में दोनों दलों ने मारपीट के आरोप लगाए। BJP प्रत्याशी धरने पर बैठे। सुबह सपा के आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र मिला।

UP MLC Result: आगरा में मतगणना के दौरान BJP-सपा समर्थकों में भिड़ंत हुई। दोनों पक्षों ने आरोप लगाए। सुबह आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र मिला।

आगरा MLC चुनाव में आधी रात बवाल, BJP-सपा समर्थक भिड़े; अखिलेश ने उठाए सवाल, सुबह सपा के आकाश अग्रवाल जीते

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आगरा में एमएलसी मतगणना के दौरान भाजपा-सपा समर्थकों के बीच झड़प के आरोप लगे। सपा के आकाश अग्रवाल विजयी घोषित हुए।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | आगरा/लखनऊ | 28 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के आगरा में विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान मंगलवार देर रात जमकर राजनीतिक हंगामा हुआ। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए। विवाद इतना बढ़ा कि भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बुधवार सुबह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की। रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने सुबह लगभग 9:30 बजे उन्हें निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपा।
इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना केंद्र पर हुई घटना को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी।

खबर में खास

  • आगरा में 27-28 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच राजनीतिक झड़प हुई।
  • सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा समर्थकों पर मारपीट और कुर्ता फाड़ने का आरोप लगाया।

  • भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी ने भी सपा समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया।

  • पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

  • 28 अक्टूबर सुबह सपा के आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र मिला।

रात एक बजे मतगणना केंद्र पर क्या हुआ?

आगरा के फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी में विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना चल रही थी।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती राउंड के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल भाजपा उम्मीदवार हरिकिशोर तिवारी से आगे चल रहे थे।
इसी दौरान मतगणना की प्रक्रिया और मतपत्रों को लेकर दोनों राजनीतिक खेमों के बीच विवाद बढ़ गया।
दैनिक जागरण और अमर उजाला की रिपोर्टों के अनुसार, देर रात समर्थकों के बीच झड़प हुई। सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल फटे हुए कुर्ते के साथ बाहर आए और भाजपा समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया।
वहीं भाजपा पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सपा समर्थकों पर मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए।

सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने क्या आरोप लगाया?

आकाश अग्रवाल का आरोप था कि मतगणना में बढ़त मिलने के बावजूद चुनाव परिणाम घोषित करने में देरी की जा रही थी।
उन्होंने भाजपा समर्थकों पर उनके और एजेंटों के साथ मारपीट करने तथा कुर्ता फाड़ने का आरोप लगाया।
सपा पक्ष का दावा था कि मतगणना के दौरान आपत्तियां उठाने की वजह से विवाद बढ़ा।
हालांकि, किसी व्यक्ति द्वारा हमला किए जाने या जानबूझकर वोटों में गड़बड़ी किए जाने की स्वतंत्र जांच के अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं।

भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी भी धरने पर बैठे

इस घटनाक्रम का दूसरा पक्ष भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी का था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के समर्थकों ने भाजपा के पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट की और पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद वह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। विवाद के कारण मतगणना की प्रक्रिया कुछ समय प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।
मौके पर पहुंचे पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया।
इस मामले में दोनों राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इसलिए केवल एक पक्ष के दावे को सिद्ध घटना के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से क्या मांग की?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा में हुई घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने भाजपा समर्थकों के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आकाश अग्रवाल को तुरंत जीत का प्रमाणपत्र देने की मांग की।
अखिलेश ने चुनाव आयोग, प्रशासन और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से भी मामले में संज्ञान लेने की अपील की।
उनकी यह प्रतिक्रिया उस समय सामने आई थी जब चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा को लेकर विवाद चल रहा था।

सुबह आकाश अग्रवाल को मिला जीत का प्रमाणपत्र

रातभर चले विवाद के बाद बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम सामने आया।
अमर उजाला की सुबह 9:50 बजे प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने लगभग 9:30 बजे डॉ. आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र प्रदान किया।
आकाश अग्रवाल इस सीट से वर्ष 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे। इस बार उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की।
इस तरह वह लगातार दूसरी बार आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद पहुंचने में सफल हुए।

3,698 वोटों की बढ़त का क्या मतलब है?

बुधवार तड़के चार बजे तक की मतगणना में आकाश अग्रवाल को 13,087 और भाजपा उम्मीदवार हरिकिशोर तिवारी को 9,389 वोट मिले थे।
इस चरण में दोनों के बीच 3,698 मतों का अंतर था।
हालांकि, यह पहली वरीयता की गणना से संबंधित स्थिति थी। इसके बाद अन्य वरीयताओं के मतों की गणना की प्रक्रिया चली।
सुबह की प्रकाशित रिपोर्ट के समय तक अंतिम अधिकृत वोटों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं था। इसलिए 3,698 वोटों को अंतिम जीत का अंतर बताना सही नहीं होगा।

आगरा से पहले वाराणसी में भी सपा को सफलता

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबला चल रहा है।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा प्रत्याशी को हराया। अब आगरा शिक्षक सीट पर भी सपा को सफलता मिली है।
दूसरी ओर भाजपा ने मेरठ की शिक्षक और स्नातक सीटों, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट तथा लखनऊ शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की।
इसलिए चुनाव के इन परिणामों को किसी एक दल की सभी सीटों पर जीत या हार के रूप में नहीं देखा जा सकता।

क्या 2027 से पहले बढ़ेगा राजनीतिक टकराव?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले छोटे-बड़े चुनावों में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
आगरा की घटना ने केवल चुनाव परिणाम को ही नहीं, बल्कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा, राजनीतिक एजेंटों की भूमिका और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी चर्चा में ला दिया है।
यह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव था, जिसमें पंजीकृत शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए इसके परिणाम को सीधे पूरे आगरा के विधानसभा मतदाताओं का जनादेश नहीं माना जा सकता।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—जब मतगणना केंद्र के भीतर ही भाजपा और सपा के प्रत्याशी एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगा रहे हों, तो चुनाव प्रशासन मतगणना की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर मतदाताओं का भरोसा कैसे मजबूत करेगा?

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