PM मोदी ने पूछा—कांग्रेस कितनी सीटें जीती? अगले ही दिन नागपुर से आया जवाब! कांग्रेस ने 3,271 वोटों से बचाई MLC सीट

बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवाल उठाया था। इसके बाद नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस की जीत घोषित हुई। जयराम रमेश ने वाराणसी और नागपुर के नतीजों का हवाला देकर प्रधानमंत्री पर पलटवार किया।

MLC Election 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस पर तंज के बाद नागपुर स्नातक सीट से अभिजीत वंजारी 3,271 वोटों से जीत गए। जयराम रमेश ने पीएम मोदी से वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा की हार का कारण पूछा। जानिए पूरा विवाद।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/नागपुर | 29 अक्टूबर 2026
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नागपुर स्नातक MLC सीट पर कांग्रेस की जीत के बाद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक पलटवार किया।

खबर में खास

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर को बैलेट पेपर से हुए 28 MLC सीटों के चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया।
  • 29 अक्टूबर की सुबह नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की जीत की पुष्टि हुई।

  • कांग्रेस प्रत्याशी को 67,231 और भाजपा के सुधाकर कोहले को 63,960 मत मिले।

  • जयराम रमेश ने वाराणसी की दोनों सीटों और नागपुर का उदाहरण देकर मोदी के बयान पर पलटवार किया।

  • कांग्रेस ने भविष्य के लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी बैलेट पेपर से कराने की मांग दोहराई।
चार राज्यों के विधान परिषद चुनाव परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार, 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर बैलेट पेपर से हुए चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था।
लेकिन गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत वंजारी की जीत सामने आई। उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को 3,271 मतों के अंतर से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान का जवाब देते हुए वाराणसी और नागपुर में भाजपा के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।

पीएम मोदी ने कांग्रेस से क्या पूछा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की कुल 28 विधान परिषद सीटों का उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ और सवाल किया कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं।
उस समय तक उपलब्ध घोषित परिणामों में कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। हालांकि, महाराष्ट्र की कुछ सीटों पर मतगणना पूरी नहीं हुई थी।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब कांग्रेस और विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहे थे।

नागपुर में भाजपा की बढ़त कैसे पलटी?

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार को शुरू हुई थी। शुरुआती दो चरणों के बाद भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले 4,294 मतों से आगे चल रहे थे।
लेकिन किसी भी प्रत्याशी को प्रथम वरीयता के मतों से जीत के लिए आवश्यक कोटा नहीं मिला। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गणना की गई।
अंतिम परिणाम में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को 67,231 और भाजपा के सुधाकर कोहले को 63,960 मत मिले। वंजारी ने 3,271 वोटों से जीत दर्ज की।
नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी इस शहर से राजनीतिक संबंध है।
हालांकि, कांग्रेस ने यहां भाजपा से सीट नहीं छीनी है, बल्कि मौजूदा MLC अभिजीत वंजारी ने अपनी सीट बरकरार रखी है।

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर क्या कहा?

29 अक्टूबर को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी का जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को दूसरों को सलाह देने के बजाय अपने दल के चुनाव परिणामों की समीक्षा करनी चाहिए।
जयराम रमेश ने वाराणसी की दोनों विधान परिषद सीटों पर भाजपा की हार और नागपुर में कांग्रेस की जीत का उदाहरण दिया।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विभिन्न शहरों के चुनाव परिणाम सरकार की नीतियों के प्रति असंतोष दिखाते हैं।
यह जयराम रमेश की राजनीतिक व्याख्या है। सीमित शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों को देशभर के सभी मतदाताओं की राय नहीं माना जा सकता।

चार राज्यों में कुल कितनी सीटें मिलीं?

28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने कुल 16 सीटें जीतीं। कांग्रेस को नागपुर में एक सीट मिली।
कर्नाटक की चारों सीटों पर भाजपा और जेडीएस गठबंधन ने जीत दर्ज की। वहीं उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर भाजपा छह और समाजवादी पार्टी पांच सीटों पर विजयी रही।
महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाड़ी को पांच में से तीन और सत्ताधारी महायुति को दो सीटें मिलीं।

बैलेट पेपर की बहस क्यों तेज हुई?

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के बयान के बाद मांग की कि यदि भाजपा को बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर भरोसा है, तो भविष्य के लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी इसी माध्यम से कराए जाएं।
दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के उन राज्यों में चुनावी प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए, जहां पार्टी सरकार में है या चुनाव लड़ रही थी।
हालांकि, केवल बैलेट पेपर या EVM से हुए किसी चुनाव में एक दल की जीत अथवा हार से उस मतदान प्रणाली की विश्वसनीयता अपने आप सिद्ध या खारिज नहीं होती।
अब राजनीतिक बहस केवल चुनावी नतीजों तक सीमित नहीं है। मतदान की प्रक्रिया, पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की जवाबदेही भी इसके केंद्र में हैं।

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