UP Election 2027: आजम खान से मिले अखिलेश यादव, सीटों को लेकर दिया बड़ा बयान; BJP ने उठाए सवाल
रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने कोई सीट नहीं मांगी, सिर्फ सुझाव दिए। भाजपा ने इसे 2027 के चुनाव से जोड़ा है।
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। जानिए मुलाकात के बाद अखिलेश ने क्या कहा और भाजपा ने किस बात पर सवाल उठाए।
रामपुर/लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई। इसके बाद अखिलेश ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने आगामी चुनाव में सीटों के बंटवारे और आजम खान की राजनीतिक भूमिका पर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया।
खबर में खास
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रामपुर जेल में अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात।
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अखिलेश का बयान—आजम ने कोई सीट नहीं मांगी।
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2027 के चुनाव और पार्टी की रणनीति पर चर्चा।
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भाजपा ने मुलाकात को चुनावी राजनीति से जोड़ा।
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अखिलेश ने आजम खान के परिवार से भी मुलाकात की।
आजम खान ने कितनी सीटें मांगीं?
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने उन चर्चाओं पर जवाब दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आजम खान आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कुछ सीटों पर अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते हैं।
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि आजम खान ने किसी सीट की मांग नहीं की है। उन्होंने केवल कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें उन्होंने सुना है।
अखिलेश ने कहा कि बातचीत अच्छी रही और आजम खान का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने और न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई।
मुलाकात के बाद परिवार के पास पहुंचे अखिलेश
अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय परिसर में उतरा। वहां से वह जिला जेल पहुंचे और आजम खान से मुलाकात की।
जेल से निकलने के बाद अखिलेश उनके घर भी पहुंचे, जहां उन्होंने आजम की पत्नी तंजीन फातिमा और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
अखिलेश ने आजम खान और उनके परिवार के साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इस मुलाकात को पुराने पारिवारिक और भावनात्मक रिश्तों से भी जोड़ा।
भाजपा ने मुलाकात पर क्या कहा?
अखिलेश और आजम की मुलाकात पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने समाजवादी पार्टी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा के अन्य नेताओं ने भी सवाल उठाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश यादव को आजम खान की याद क्यों आई।
भाजपा ने इसे मुस्लिम मतदाताओं को साधने की चुनावी कोशिश बताया। हालांकि ये भाजपा नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं।
2027 के चुनाव में आजम खान की भूमिका कितनी अहम?
