बृजभूषण के करीबी भवानी भीख शुक्ला 5 बेटों संग सपा में, गोंडा में क्यों चर्चा में आया यह फैसला?

गोंडा के भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला पांच बेटों के साथ अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हुए। कभी भाजपा विधायक बावन सिंह के समर्थकों से उनके समर्थकों का विवाद हुआ था। जानिए बृजभूषण से उनका संबंध।

UP Politics: 2027 चुनाव से पहले गोंडा के भवानी भीख शुक्ला पांच बेटों के साथ सपा में शामिल हुए। जानिए बृजभूषण सिंह से संबंध और कटरा बाजार की राजनीति का पूरा मामला।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ/गोंडा | 15 अक्टूबर 2026

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गोंडा के भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों के साथ अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।

खबर में खास

  • गोंडा के भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
  • भवानी भीख शुक्ला पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को अपना नेता बता चुके हैं।

  • सितंबर 2025 में उनके समर्थकों और भाजपा विधायक बावन सिंह के समर्थकों के बीच हिंसक विवाद हुआ था।

  • लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में कई दूसरे दलों के नेताओं और पूर्व अधिकारियों ने भी सपा की सदस्यता ली।

गोंडा में भाजपा नेता ने बदला पाला, पांच बेटों के साथ पहुंचे सपा में

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गोंडा की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है। कटरा बाजार के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला ने अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
गुरुवार, 15 अक्टूबर को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान कार्यक्रम में 'जय भवानी' के नारे भी लगे।
यह घटनाक्रम इसलिए चर्चा में है क्योंकि भवानी भीख शुक्ला को पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी बताया जाता रहा है। पिछले साल कटरा बाजार में भाजपा विधायक बावन सिंह के समर्थकों और उनके समर्थकों के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी।
अब उनके सपा में शामिल होने से कटरा बाजार के पुराने राजनीतिक विवादों और स्थानीय नेतृत्व के बीच संबंधों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है।

कौन हैं भवानी भीख शुक्ला?

भवानी भीख शुक्ला गोंडा जिले के कटरा बाजार क्षेत्र से जुड़े स्थानीय राजनीतिक नेता हैं।
सितंबर 2025 की मीडिया रिपोर्टों में उन्हें कटरा बाजार की ब्लॉक प्रमुख जुगरानी शुक्ला के पति और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में बताया गया था।
भवानी भीख शुक्ला लंबे समय तक स्थानीय भाजपा राजनीति से जुड़े रहे हैं। कटरा बाजार में उनका नाम विशेष रूप से भाजपा विधायक बावन सिंह के साथ हुए राजनीतिक विवाद के बाद चर्चा में आया था।
14 अक्टूबर को एक स्थानीय समाचार रिपोर्ट में उनके अगले दिन समाजवादी पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा भी की थी।
इसके बाद 15 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उनकी सपा सदस्यता की खबर सामने आई।

भगवान, कृष्ण, शिव और शंकर नाम की चर्चा क्यों?

भवानी भीख शुक्ला के पांच बेटों के साथ सपा में शामिल होने की खबर में उनके बेटों के नाम भी चर्चा का विषय बने हैं।
आजतक की रिपोर्ट में उनके बेटों के नामों में भगवान, कृष्ण, शिव और शंकर जैसे शब्द आने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, पांचों के पूरे नाम और उनकी वर्तनी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए नामों की सही सूची के लिए परिवार या पार्टी से पुष्टि जरूरी है।
इस सदस्यता कार्यक्रम में परिवार के पांचों बेटों के शामिल होने की खबर प्रकाशित हुई है।

भाजपा विधायक बावन सिंह से क्या था विवाद?

भवानी भीख शुक्ला का नाम सितंबर 2025 में तब सुर्खियों में आया था, जब कटरा बाजार ब्लॉक सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो भाजपा नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए थे।
यह कार्यक्रम जीएसटी दरों में बदलाव को लेकर आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक बावन सिंह और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला के समर्थकों के बीच पहले नारेबाजी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट तथा पथराव हुआ।
उस समय प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घायलों में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के परिवार के सदस्य भी शामिल थे।
स्थानीय पुलिस ने दोनों पक्षों से शिकायतें मिलने की जानकारी दी थी।
इस घटना के बाद भाजपा के भीतर स्थानीय स्तर पर चल रहे मतभेद सार्वजनिक हो गए थे।

2025 में ही विधायक ने सपा में जाने का लगाया था आरोप

इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू सितंबर 2025 में भाजपा विधायक बावन सिंह की ओर से दिया गया बयान है।
26 सितंबर 2025 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बावन सिंह ने आरोप लगाया था कि भवानी भीख शुक्ला समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
विधायक ने यह भी दावा किया था कि शुक्ला सपा नेता शिवपाल यादव से मुलाकात कर चुके हैं।
हालांकि, ये उस समय बावन सिंह के आरोप थे। इन दावों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
अब लगभग एक साल बाद भवानी भीख शुक्ला वास्तव में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
इससे पुराने बयान पर दोबारा चर्चा हो सकती है, लेकिन अभी तक उनके लिए किसी विधानसभा सीट से टिकट की घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।

बृजभूषण शरण सिंह से क्या है संबंध?

भवानी भीख शुक्ला के सपा में शामिल होने की खबर को पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
सितंबर 2025 में भाजपा विधायक के समर्थकों से विवाद के बाद भवानी भीख शुक्ला ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को अपना नेता बताया था।
अमर उजाला की 25 सितंबर 2025 की रिपोर्ट में उनके इस बयान का उल्लेख है।
इसी पृष्ठभूमि में 15 अक्टूबर का दल परिवर्तन स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
हालांकि, भवानी भीख शुक्ला के सपा में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि बृजभूषण शरण सिंह भी भाजपा छोड़ रहे हैं या उन्होंने समाजवादी पार्टी में जाने का निर्णय लिया है।
उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर इस घटनाक्रम से कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

अखिलेश यादव के सामने और किन नेताओं ने ली सदस्यता?

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम केवल भवानी भीख शुक्ला के परिवार तक सीमित नहीं था।
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग जिलों और राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली।
इनमें खुर्जा से नरेश प्रताप जाटव और रोहित यादव, पूर्व विधायक राजीव चन्ना, बसपा से आए विजय तिवारी और भाजपा से आए मनोज सिंह सैनी के नाम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त बाबागंज से केशव पासी, सीतापुर से आशीष प्रताप सिंह तथा बुलंदशहर से लक्ष्मण सैनी और अंकित गौतम के भी सपा में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट में नरेश प्रताप सिंह, योगेंद्र जाटव और हापुड़ से बसपा के सुरेंद्र कुमार सैनी का नाम भी शामिल है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे बताए जा रहे अक्षय मौर्य, सेवानिवृत्त पीपीएस अधिकारी महेंद्र कुमार और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा के भी सदस्यता ग्रहण करने की खबर है।

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को क्या संदेश दिया?

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया।
उन्होंने संगठन में अनुशासन बनाए रखने और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।
अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा पर मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया।
उनका दावा था कि सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कोशिश की गई है।
हालांकि, मतदाता सूची से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इन्हें प्रमाणित चुनावी गड़बड़ी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

एक तरफ भाजपा में गए सपा के बागी विधायक, दूसरी तरफ सपा में नई सदस्यता

उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले विभिन्न दलों के नेताओं का पार्टी बदलना जारी है।
14 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी से अलग हो चुके तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए थे।
इसके अगले दिन गोंडा के भवानी भीख शुक्ला और दूसरे नेताओं के सपा में शामिल होने की खबर सामने आई।
ये अलग-अलग राजनीतिक घटनाक्रम हैं, जिनसे राज्य में चुनाव से पहले चल रही सांगठनिक गतिविधियों की जानकारी मिलती है।
लेकिन इन दल परिवर्तनों के आधार पर किसी पार्टी की चुनावी जीत या हार का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

2027 के चुनाव में कटरा बाजार के लिए क्या मायने?

कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक बावन सिंह और भवानी भीख शुक्ला के बीच पहले से राजनीतिक मतभेद सामने आ चुके हैं।
ऐसे में शुक्ला के समाजवादी पार्टी में आने से कुछ नए सवाल खड़े हुए हैं।
क्या भवानी भीख शुक्ला आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करेंगे? क्या उनके साथ जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता भी सपा में सक्रिय होंगे? और भाजपा की स्थानीय इकाई इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देती है?
इन सवालों का जवाब संबंधित दलों की आधिकारिक घोषणाओं और आगे की गतिविधियों से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल समाजवादी पार्टी में शामिल होने की पुष्टि है, लेकिन 2027 के लिए किसी सीट या उम्मीदवार का फैसला इस सदस्यता कार्यक्रम से सिद्ध नहीं होता।
गोंडा के इस राजनीतिक घटनाक्रम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा विधायक से पुराने विवाद और बृजभूषण शरण सिंह से संबंधों के लिए चर्चा में रहे भवानी भीख शुक्ला ने अब अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है।

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