Punjab Election 2027: अमित शाह के बयान से BJP-अकाली गठबंधन की चर्चा तेज! पहले अकेले लड़ने का ऐलान, अब बोले—पंजाब में NDA सरकार बनेगी
अमित शाह ने पंजाब में NDA सरकार बनने का दावा करते हुए AAP और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। मार्च में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी। अब अकाली दल से गठबंधन की चर्चा है, लेकिन कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है।
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Punjab Election 2027 से पहले अमित शाह के NDA सरकार वाले बयान ने BJP-अकाली गठबंधन की चर्चा बढ़ाई। जानिए मार्च में भाजपा का क्या रुख था और अब AAP पर क्या आरोप लगाए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/चंडीगढ़ | 22 अक्टूबर 2026
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बनेगी।
उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने पलटवार किया है। हालांकि, भाजपा और अकाली दल ने अभी किसी चुनावी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
खबर में खास
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अमित शाह ने पंजाब में NDA सरकार बनने का दावा किया।
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भाजपा-अकाली दल के दोबारा गठबंधन की चर्चा तेज।
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मार्च 2026 में शाह ने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी।
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AAP के अमन अरोड़ा और कांग्रेस के राजकुमार वेरका ने जवाब दिया।
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पंजाब भाजपा ने सभी 117 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही।
अमित शाह ने पंजाब को लेकर क्या कहा?
दिल्ली में यमुना से जुड़ी विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम में अमित शाह ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा।
शाह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में नशे के कारोबार को रोकने में सरकार विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता अब NDA सरकार चाहती है और अगले चुनाव में AAP को सत्ता से बाहर करेगी। शाह ने 2029 तक पंजाब से नशे का कारोबार समाप्त करने का राजनीतिक वादा भी किया
पहले अकेले चुनाव लड़ने की बात क्यों कही थी?
14 मार्च 2026 को मोगा की एक रैली में अमित शाह ने कहा था कि भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ेगी। उस समय इसे अकाली दल के साथ पुराने गठबंधन की वापसी से इनकार के रूप में देखा गया था।
सितंबर में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा था कि भाजपा फिलहाल अकाली दल से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने भविष्य में समझौता होने की स्थिति में बराबर सीट बंटवारे की शर्त का उल्लेख किया था।
ऐसे में आज शाह के NDA सरकार वाले बयान से चुनावी रणनीति को लेकर नए सवाल उठे हैं।
AAP ने अमित शाह को क्या जवाब दिया?
आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भाजपा तथा अकाली दल पर पलटवार किया।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब की जनता 2007 से 2017 तक चले अकाली-भाजपा गठबंधन के शासन को नहीं भूली है।
उन्होंने उस दौर में नशे और गैंगस्टरवाद की समस्या बढ़ने का आरोप लगाया। अरोड़ा ने दावा किया कि दोनों दल साथ आकर भी पंजाब में सरकार नहीं बना पाएंगे।
यह AAP नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है, किसी भविष्य के चुनाव का प्रमाणित परिणाम नहीं
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजकुमार वेरका ने शाह के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में सरकार बनाने के सपने देख रही है।
वेरका ने 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उसके दावे पर सवाल उठाया।
वहीं पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में तैयारी कर रही है। उन्होंने अकाली दल के साथ गठबंधन की घोषणा नहीं की।
भाजपा और अकाली दल पहले कब अलग हुए?
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में सहयोगी रहे हैं। सितंबर 2020 में तत्कालीन कृषि कानूनों को लेकर अकाली दल ने भाजपा से अपना पुराना गठबंधन समाप्त कर दिया था।
उसके बाद दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ते रहे हैं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित दोबारा गठबंधन पर चर्चा हो रही है।
क्या फिर साथ आएंगे दोनों दल?
