UP MLC Election 2026: वोटिंग के बीच BJP-सपा कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की! मुजफ्फरनगर से गोरखपुर तक विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा

यूपी की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतदान के दौरान कई जिलों में भाजपा और सपा समर्थक आमने-सामने आ गए। मुजफ्फरनगर में मंत्री कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी के दौरान विवाद हुआ, जबकि नोएडा, गोरखपुर और फतेहपुर से भी नोकझोंक की खबरें आईं।

UP MLC Election 2026 में मतदान के दौरान भाजपा-सपा समर्थकों के बीच कई जगह विवाद हुआ। मुजफ्फरनगर में धक्का-मुक्की, नोएडा और गोरखपुर में नोकझोंक की घटनाएं सामने आई हैं।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ/मुजफ्फरनगर | 23 अक्टूबर 2026
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यूपी MLC चुनाव में कई मतदान केंद्रों के पास भाजपा-सपा समर्थकों के बीच विवाद की खबरें सामने आईं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार को हो रहे मतदान के दौरान कई जिलों में राजनीतिक तनाव देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के समर्थक कुछ मतदान केंद्रों के आसपास आमने-सामने आ गए। कहीं चुनावी बस्ता लगाने को लेकर कहासुनी हुई, तो कहीं नेताओं के समर्थकों के मतदान केंद्र तक पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया।
सबसे चर्चित घटनाओं में मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज के बाहर भाजपा और सपा नेताओं के बीच धक्का-मुक्की शामिल है। नोएडा, गोरखपुर और फतेहपुर में भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की खबरें आईं। कई जगह पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति शांत कराई।
खबर में खास
  • 23 अक्टूबर को यूपी की 11 MLC सीटों पर मतदान हुआ।
  • मुजफ्फरनगर में भाजपा और सपा नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई।

  • मंत्री कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी के दौरान विवाद सामने आया।

  • नोएडा में चुनावी बस्ता लगाने पर दोनों दलों के कार्यकर्ता भिड़े।

  • गोरखपुर में सपा प्रत्याशी के मीडिया से बातचीत करने पर नोकझोंक हुई।

  • 27 अक्टूबर को मतगणना और परिणाम निर्धारित हैं।

मुजफ्फरनगर में मंत्री की मौजूदगी में कैसे शुरू हुआ विवाद?

मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र के बाहर उस समय तनाव बढ़ गया, जब भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान मतदान करने पहुंचे थे। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चुनावी गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया। इसी दौरान कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई।
स्थिति की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। हालांकि, दोनों दलों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अलग से होना बाकी है।
नोएडा में चुनावी बस्ता लगाने को लेकर नोकझोंक
गौतमबुद्धनगर के नोएडा स्थित पंचशील इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर भी भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ।
यह मामला थाना फेस-2 क्षेत्र का है। रिपोर्ट के अनुसार, मतदान केंद्र के आसपास अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी बस्ता लगाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई।
तनाव बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया।
गोरखपुर में सपा प्रत्याशी की बातचीत पर विवाद
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदान के दौरान राजनीतिक नोकझोंक की घटना सामने आई।
डीएवी पीजी कॉलेज मतदान केंद्र पर सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, वहां मौजूद भाजपा समर्थकों ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस शुरू हो गई।
मौके पर तैनात पुलिस ने हस्तक्षेप करके दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

फतेहपुर में राज्यमंत्री के समर्थकों को रोकने पर धक्का-मुक्की

फतेहपुर के विजयीपुर ब्लॉक स्थित मतदान केंद्र पर भी भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ।
बताया गया कि प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री कृष्णा पासवान मतदान के लिए पहुंची थीं। उनके साथ जा रहे समर्थकों को सपा नेता नरेश कोरी ने रोका।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
यह घटना मतदान केंद्र तक समर्थकों की पहुंच और चुनावी नियमों को लेकर उठे विवाद से संबंधित बताई जा रही है।
11 सीटों पर चुनाव, 27 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है।
इन सीटों पर करीब 14.81 लाख पंजीकृत मतदाता और 152 प्रत्याशी हैं। मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक है।
इन चुनावों की मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। भाजपा और समाजवादी पार्टी के अलावा निर्दलीय और शिक्षक संगठनों से जुड़े प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
2027 से पहले राजनीतिक विवाद क्यों महत्वपूर्ण?
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी संगठनात्मक स्तर पर चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं।
ऐसे समय में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच हो रहे विधान परिषद चुनाव दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, इनका मतदाता वर्ग विधानसभा चुनाव से अलग होता है।
मतदान के दौरान सामने आई घटनाओं के बाद अब प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि सभी पात्र मतदाता बिना दबाव के मतदान कर सकें।
फिलहाल अलग-अलग जिलों में विवाद और पुलिस के हस्तक्षेप की खबरें सामने आई हैं। लेकिन किसी दल द्वारा संगठित चुनावी धांधली किए जाने का निष्कर्ष इन घटनाओं के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस की जांच से स्पष्ट होगी।

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