Maharashtra Politics: ₹500 करोड़ के कथित ऑडियो से BJP-शिंदे शिवसेना में विवाद! SIT जांच की मांग

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ₹500 करोड़ के लेन-देन का आरोप खारिज किया, जबकि उनकी पार्टी ने जांच की मांग उठाई है।

महाराष्ट्र में ₹500 करोड़ के कथित ऑडियो को लेकर BJP और शिंदे शिवसेना के बीच सवाल उठे हैं। जानिए मनोज जरांगे के आरोप, एकनाथ शिंदे की सफाई और SIT जांच की मांग का पूरा मामला।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | मुंबई/जालना | 23 अक्टूबर 2026
pd-news-maharashtra-500-crore-audio-featured-23oct2026.jpg
₹500 करोड़ के कथित ऑडियो को लेकर मनोज जरांगे और एकनाथ शिंदे के बीच विवाद। शिवसेना ने फोरेंसिक और SIT जांच की मांग की।
महाराष्ट्र की राजनीति में ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन को लेकर नया विवाद सामने आया है। मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की। इसमें कथित तौर पर दावा किया गया है कि भाजपा की ओर से दी गई बड़ी रकम एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे तक पहुंचाई गई थी।
हालांकि, इस रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जरांगे ने स्वयं रकम मिलने से इनकार किया है। दूसरी ओर, शिंदे ने आरोप खारिज किए हैं और उनकी पार्टी के नेताओं ने रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
खबर में खास
  • मनोज जरांगे पाटील ने 22 अक्टूबर को कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की।
  • रिकॉर्डिंग में ₹500 करोड़ के भुगतान का दावा किया गया।

  • एकनाथ शिंदे ने रकम देने या लेने से इनकार किया।

  • शिवसेना के मंत्रियों ने SIT और फोरेंसिक जांच की मांग की।

  • भाजपा ने भी रिकॉर्डिंग की वास्तविकता और स्रोत की जांच कराने को कहा।

आखिर ₹500 करोड़ का आरोप क्या है?

विवाद की शुरुआत 20 अक्टूबर को बीड में आयोजित दशहरा रैली से हुई। इस दौरान मनोज जरांगे ने दावा किया कि भाजपा के कुछ नेताओं के बीच इस बात की चर्चा है कि मराठा आरक्षण आंदोलन को शांत कराने के लिए ₹500 करोड़ दिए गए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एकनाथ शिंदे ने भाजपा नेतृत्व से यह रकम लेकर अपने बेटे श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें देने का दावा किया था।
इसके बाद 22 अक्टूबर को जालना जिले में पत्रकार वार्ता आयोजित करके जरांगे ने कथित रिकॉर्डिंग सुनाई।
रिकॉर्डिंग में एक महिला की आवाज कथित तौर पर भुगतान की बात करती सुनाई देती है। साथ ही 2024 के विधानसभा चुनाव में जरांगे के आंदोलन और राजनीतिक प्रभाव से निपटने की रणनीति पर चर्चा का दावा भी किया गया है।
एकनाथ शिंदे ने क्या सफाई दी?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने न किसी से ₹500 करोड़ लिए और न किसी को दिए।
शिंदे ने जरांगे से पूछा कि इतनी गंभीर बात कहने का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए और यदि कोई सबूत है तो उसे जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाए।
शिंदे की यह प्रतिक्रिया कथित ऑडियो सार्वजनिक होने से पहले आई थी।
शिंदे शिवसेना ने क्यों मांगी SIT जांच?
ऑडियो सामने आने के बाद शिवसेना के मंत्रियों उदय सामंत और गुलाबराव पाटील ने इसकी जांच की मांग की।
पार्टी नेताओं ने कहा कि रिकॉर्डिंग में जिन लोगों की आवाजें होने का दावा किया जा रहा है, उनकी पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जानी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगना चाहिए कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है, संपादित है या तकनीक की सहायता से तैयार की गई है।
उदय सामंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की विशेष जांच दल (SIT) और साइबर विशेषज्ञों के माध्यम से जांच कराने का आग्रह किया।
शिवसेना नेताओं का कहना है कि बिना पुष्टि के पार्टी नेतृत्व और श्रीकांत शिंदे पर गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है।
भाजपा ने ऑडियो पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा नेता आशीष शेलार ने भी कथित रिकॉर्डिंग की विस्तृत जांच की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऑडियो किसने रिकॉर्ड किया, वह अब सामने क्यों आया और क्या उसके साथ तकनीकी छेड़छाड़ की गई है।
शिवसेना नेताओं ने रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली कुछ आवाजों को भाजपा से जुड़े लोगों की आवाज जैसा बताया है। हालांकि, उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
महायुति की राजनीति में क्यों महत्वपूर्ण है विवाद?
महाराष्ट्र में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं।
इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि कथित ऑडियो की जांच की मांग केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है। भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना के नेताओं ने भी रिकॉर्डिंग की वास्तविकता स्पष्ट करने की बात कही है।
हालांकि, इसे गठबंधन टूटने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अभी दोनों पक्षों ने जांच की मांग उठाई है, किसी गठबंधन-विच्छेद की औपचारिक घोषणा नहीं की है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल रिकॉर्डिंग की सत्यता का है। फोरेंसिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसमें सुनाई देने वाली आवाजें किन लोगों की हैं और क्या रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई है।
₹500 करोड़ का भुगतान होने का भी कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
इसलिए अभी पुष्टि केवल कथित ऑडियो जारी होने, आरोपों के खंडन और जांच की मांग की है। वास्तविक लेन-देन या किसी व्यक्ति की संलिप्तता का दावा जांच के बिना तथ्य के रूप में नहीं किया जा सकता।

About The Author

Advertisement

LatestNews

UP MLC Election 2026: वोटिंग के बीच BJP-सपा कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की! मुजफ्फरनगर से गोरखपुर तक विवाद, पुलिस ने संभाला मोर्चा
BJP-TDP Dispute: 21 गांवों को लेकर NDA के दो सहयोगियों में विवाद! ओडिशा सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में
₹500 करोड़ के कथित ऑडियो को लेकर मनोज जरांगे और एकनाथ शिंदे के बीच विवाद। शिवसेना ने फोरेंसिक और SIT जांच की मांग की। (AI सांकेतिक चित्र)
Maharashtra Politics: ₹500 करोड़ के कथित ऑडियो से BJP-शिंदे शिवसेना में विवाद! SIT जांच की मांग
Election Commission News: 2 चुनाव आयुक्तों ने वरिष्ठ अफसर की शिकायत की, कैबिनेट सचिवालय ने नहीं की कार्रवाई! RTI से सामने आई वजह
UP Election 2027: आजम खान से मिले अखिलेश यादव, सीटों को लेकर दिया बड़ा बयान; BJP ने उठाए सवाल
Punjab Election 2027: अमित शाह के बयान से BJP-अकाली गठबंधन की चर्चा तेज! पहले अकेले लड़ने का ऐलान, अब बोले—पंजाब में NDA सरकार बनेगी