Jamia Protest: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद हिरासत में, 20 साल से छात्रसंघ क्यों बंद? जानें पूरा विवाद
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ बहाली की मांग पर प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस ने हिरासत में लिया। जानिए पूरा मामला।
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Jamia Protest 2026: जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग के बीच कांग्रेस और सपा सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। छात्रों के प्रदर्शन, पुलिस के पक्ष और विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले की पूरी जानकारी।
Jamia Protest: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद को लिया हिरासत में, 20 साल से छात्रसंघ बहाली का इंतजार
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/लखनऊ | 24 अक्टूबर 2026
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को शुक्रवार, 23 अक्टूबर की रात दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। दोनों सांसद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे थे।
खबर में खास
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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को जामिया के पास हिरासत में लिया गया।
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सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भी पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
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छात्र 12 अक्टूबर से छात्रसंघ बहाली और चुनाव कराने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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जामिया में आखिरी छात्रसंघ चुनाव 2005 में हुआ था।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ के नए संविधान के लिए समिति बनाई है।
जामिया में सांसदों को क्यों हिरासत में लिया गया?
शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद जामिया में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान परिसर के बाहर पुलिस और सांसदों के बीच टकराव की स्थिति बनी।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सांसद बिना अनुमति विश्वविद्यालय में प्रवेश कर प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। इसी वजह से उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने छात्रों को हिरासत में लिए जाने से इनकार किया।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर शांतिपूर्ण आंदोलन में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
2005 के बाद छात्रसंघ का चुनाव क्यों नहीं हुआ?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आखिरी छात्रसंघ चुनाव वर्ष 2005 में हुआ था। इसके अगले वर्ष, 2006 में छात्रसंघ भंग कर दिया गया।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में निर्वाचित प्रतिनिधित्व दोबारा स्थापित होना चाहिए। इसी मांग के तहत 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और प्रदर्शन चल रहा है।
प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ को बहाल करे और 2026-27 सत्र के लिए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा करे।
छात्रों ने छात्रावास, छात्रवृत्ति, उपस्थिति संबंधी नियमों और शोधार्थियों की समस्याओं को भी उठाया है।
इमरान मसूद ने क्या कहा?
छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय छात्रसंघ को बहाल क्यों नहीं कर रहा है।
उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताया और उनके साथ संवाद करने की जरूरत पर जोर दिया।
परिसर की दीवारों पर कथित विवादित नारों को लेकर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और ऐसे नारों की निंदा की जानी चाहिए। कथित नारों से जुड़े कुछ वायरल चित्रों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने भी जताई आपत्ति
