चिराग पासवान की पार्टी के 9 नेता ओपी राजभर के साथ, सपा के 40 लोग भी सुभासपा में; NDA में क्या चल रहा?
यूपी चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में ओपी राजभर ने लोजपा (रामविलास) के नौ पदाधिकारियों को सुभासपा में शामिल कराया। सपा से जुड़े 40 लोगों के भी आने की खबर है। जानिए NDA की सीट साझेदारी के बीच इसका महत्व।
UP Politics: चिराग पासवान की पार्टी के नौ पदाधिकारी ओपी राजभर की सुभासपा में शामिल हुए। सपा से भी 40 लोग आए। जानिए NDA और 2027 चुनाव का पूरा मामला।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 16 अक्टूबर 2026
यूपी चुनाव से पहले ओपी राजभर की सुभासपा में चिराग पासवान की पार्टी से जुड़े नौ पदाधिकारियों के शामिल होने की खबर।
खबर में खास
ओपी राजभर ने चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) से जुड़े नौ पदाधिकारियों को सुभासपा में शामिल कराया।
समाजवादी पार्टी से जुड़े 40 लोगों ने भी सुभासपा की सदस्यता ली।
चिराग पासवान की पार्टी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी की बात कह चुकी है।
दोनों दल NDA में शामिल हैं, लेकिन इस सदस्यता कार्यक्रम से गठबंधन में टूट की पुष्टि नहीं होती।
NDA के दो सहयोगी दलों के बीच नेताओं का पाला बदलना चर्चा में
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लखनऊ में सत्तारूढ़ गठबंधन के दो सहयोगी दलों से जुड़ा नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जुड़े नौ पदाधिकारियों को अपनी पार्टी में शामिल कराया है।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह सदस्यता कार्यक्रम हुआ।
दिलचस्प बात यह है कि राजभर और चिराग पासवान दोनों ही भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के सहयोगी हैं।
चिराग पासवान की पार्टी से कौन-कौन सुभासपा में आया?
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, लोजपा (रामविलास) से सुभासपा में शामिल होने वालों में पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता लोकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष पीयूष सोमानी तथा प्रदेश महासचिव वेद प्रकाश के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा अंशुमान कुदेशिया, कल्याणी साहू, महेश सिंह भदौरिया, मोनू पंडित, स्वयं प्रकाश और अमन रावत के भी सदस्यता लेने की जानकारी है।
इनमें कई लोग प्रदेश, मंडल और संगठन के विभिन्न पदों से जुड़े रहे हैं।
हालांकि, इन पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने के कारणों और उनकी वर्तमान संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर लोजपा (रामविलास) का विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
समाजवादी पार्टी के 40 लोग भी सुभासपा में शामिल
सुभासपा के सदस्यता कार्यक्रम में केवल लोजपा (रामविलास) से जुड़े पदाधिकारी ही नहीं आए।
रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी से जुड़े मोहम्मद मुर्शिद खान के नेतृत्व में 40 लोगों ने भी सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की।
हालांकि, इन 40 लोगों में कितने निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी या सामान्य कार्यकर्ता हैं, इसकी पूरी आधिकारिक सूची उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में सभी को बड़े नेता या प्रभावशाली पदाधिकारी बताना उचित नहीं होगा।
क्या चिराग पासवान और ओपी राजभर के बीच विवाद है?
यही इस घटनाक्रम से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक सवाल है।
चिराग पासवान और ओपी राजभर दोनों NDA का हिस्सा हैं। चिराग की पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार कर रही है, जबकि सुभासपा भी 2027 के चुनाव से पहले अपनी गतिविधियां बढ़ा रही है।
ऐसे समय में एक सहयोगी दल के पदाधिकारियों का दूसरे सहयोगी दल में शामिल होना राजनीतिक चर्चा का विषय है।
लेकिन अभी तक इस सदस्यता कार्यक्रम को लेकर दोनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक विवाद या गठबंधन टूटने की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए इसे NDA में टूट का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी।
403 विधानसभा सीटों की तैयारी का क्या है मामला?
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करने की बात कह चुकी है।
पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश प्रभारी अरुण भारती ने बताया था कि सीट साझेदारी का मामला NDA के गठबंधन मंच पर उठाया जाएगा।
दूसरी ओर, ओपी राजभर की सुभासपा भी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने और पदाधिकारियों की नियुक्ति पर काम कर रही है।
हालांकि, सभी सीटों पर तैयारी करने का मतलब यह नहीं है कि चिराग पासवान की पार्टी सभी 403 सीटों पर अलग से उम्मीदवार उतारेगी।
अब आगे क्या होगा?
लखनऊ का यह सदस्यता कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब यूपी में राजनीतिक दल अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि लोजपा (रामविलास) इन पदाधिकारियों के पार्टी छोड़ने पर क्या प्रतिक्रिया देती है और NDA में सीट साझेदारी को लेकर आगे क्या निर्णय होता है।
फिलहाल पुष्टि इतनी है कि लोजपा (रामविलास) से जुड़े नौ पदाधिकारियों और सपा से जुड़े 40 लोगों के सुभासपा में शामिल होने की खबर सामने आई है। इसका चुनावी असर अभी तय नहीं किया जा सकता।