UP Election 2027: अखिलेश के गढ़ कन्नौज में खाली रह गईं कुर्सियां, सपा की पूरी जिला कमेटी भंग; BJP ने PDA पर उठाए सवाल
कन्नौज में PDA सम्मेलन में अपेक्षा से कम भीड़ जुटने पर सपा ने जिलाध्यक्ष कलीम खान समेत जिला संगठन को भंग कर दिया। BJP ने अखिलेश यादव की रणनीति पर सवाल उठाए, जबकि सपा ने इसे संगठनात्मक कार्रवाई बताया।
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अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में PDA सम्मेलन की खाली कुर्सियों का वीडियो सामने आने के बाद सपा ने जिला कार्यकारिणी भंग कर दी। BJP नेताओं ने जनसमर्थन पर सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी ने संगठन की कार्यप्रणाली को कार्रवाई की वजह बताया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | कन्नौज/लखनऊ | 21 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी समाजवादी पार्टी के सामने अपने ही मजबूत राजनीतिक क्षेत्र कन्नौज में संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो गई है। सपा के PDA सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक कार्यकर्ताओं की भीड़ नहीं जुटने और खाली कुर्सियों का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी ने जिलाध्यक्ष कलीम खान समेत पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है।
इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। भाजपा इसे अखिलेश यादव की PDA रणनीति की कमजोरी बता रही है, जबकि सपा का कहना है कि संगठन का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होने के कारण यह फैसला लिया गया।
खबर में खास
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16 अक्टूबर के PDA सम्मेलन में खाली कुर्सियों का वीडियो सामने आया।
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सपा ने कन्नौज जिलाध्यक्ष कलीम खान समेत जिला संगठन भंग किया।
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भाजपा के असीम अरुण, सुब्रत पाठक और ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए।
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सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने संगठनात्मक कार्रवाई बताते हुए जवाब दिया।
अखिलेश के अपने क्षेत्र में क्या हुआ?
16 अक्टूबर को कन्नौज स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में PDA सम्मेलन आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल भी शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इनमें से काफी कुर्सियां खाली दिखाई दीं।
सम्मेलन के बाद रविवार, 18 अक्टूबर को सपा ने जिलाध्यक्ष कलीम खान के नेतृत्व वाली जिला इकाई को भंग कर दिया। पार्टी के स्थानीय फ्रंटल संगठनों से जुड़े पदाधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आए।
क्या खाली कुर्सियों के कारण ही कमेटी भंग हुई?
कार्यक्रम में अपेक्षित उपस्थिति नहीं होना कार्रवाई की प्रमुख वजह के रूप में सामने आया है। हालांकि सपा ने अपने आधिकारिक पक्ष में इसे जिला संगठन के समग्र प्रदर्शन से जोड़ा है।
पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं का कहना है कि उस समय कई बूथ कार्यकर्ता मतदाता सूची संशोधन से जुड़े काम में व्यस्त थे। इसलिए सम्मेलन में उपस्थिति प्रभावित हुई।
फिलहाल सम्मेलन में उपस्थित लोगों की कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित कुल संख्या सामने नहीं आई है।
BJP के तीन नेताओं ने अखिलेश को घेरा
कन्नौज के पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने सम्मेलन की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े राजनीतिक दावे करने वाली सपा अपने आयोजन में पर्याप्त कार्यकर्ता तक नहीं जुटा सकी।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने भी निशाना साधा। उनका तर्क था कि केवल जिला कमेटी बदल देने से पार्टी की राजनीतिक चुनौतियाँ समाप्त नहीं होंगी।
वहीं सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की PDA रणनीति पर सवाल उठाते हुए संगठनात्मक स्थिति को लेकर तंज कसा।
ये तीनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ हैं। किसी एक सम्मेलन में कम उपस्थिति पूरे जिले के चुनावी जनसमर्थन का अंतिम प्रमाण नहीं है।
समाजवादी पार्टी ने क्या जवाब दिया?
