Uttarakhand UCC News: धामी सरकार ने बदले समान नागरिक संहिता के नियम! SC-ST छात्रों की फ्री कोचिंग के लिए आय सीमा ₹8 लाख, कैबिनेट के कई बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने UCC संशोधन नियमों को मंजूरी दी। SC-ST छात्रों की मुफ्त कोचिंग के लिए पारिवारिक आय सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख की गई। दिव्यांग विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी।
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Uttarakhand Cabinet Decisions: धामी सरकार ने UCC नियमों में संशोधन, SC-ST छात्रों की फ्री कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने और दिव्यांग विद्यार्थियों के पासिंग मार्क्स में राहत सहित कई प्रस्ताव मंजूर किए।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | देहरादून | 23 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार, 22 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग योजना में पारिवारिक आय की सीमा चार गुना बढ़ाने का निर्णय भी किया गया है।
कैबिनेट ने दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत देने, सड़क और पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया आसान बनाने तथा साहसिक पर्यटन के लिए नया निगम स्थापित करने जैसे प्रस्ताव भी स्वीकार किए हैं।
इन फैसलों की जानकारी गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई।
खबर में खास
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उत्तराखंड कैबिनेट ने UCC संशोधन नियमावली, 2026 को मंजूरी दी।
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SC-ST विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा ₹2 लाख से ₹8 लाख हुई।
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निर्धारित श्रेणियों के दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षा में पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत अंक की छूट मिलेगी।
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साहसिक पर्यटन के लिए नया सरकारी निगम स्थापित किया जाएगा।
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स्टांप शुल्क से जुड़े करीब 3,600 लंबित मामलों के निस्तारण के लिए योजना मंजूर हुई।
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₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को विधानसभा में पेश करने की तैयारी है।
UCC के नियमों में आखिर क्या बदलेगा?
उत्तराखंड सरकार ने 'सिविल कोड (संशोधन) नियम, उत्तराखंड, 2026' को अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक, इन संशोधनों का उद्देश्य पहले लागू UCC के कुछ प्रावधानों के क्रियान्वयन में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना और लिपिकीय त्रुटियों को सुधारना है।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता पहले से लागू है। इसलिए कैबिनेट का यह निर्णय नया UCC लागू करने का नहीं, बल्कि मौजूदा कानून के अंतर्गत संबंधित नियमों को संशोधित करने का है।
हालांकि, नए नियमों का विस्तृत अधिसूचित पाठ उपलब्ध न होने के कारण विवाह, तलाक या उत्तराधिकार के किसी विशेष प्रावधान में बदलाव का दावा करना अभी उचित नहीं होगा।
SC-ST छात्रों के लिए ₹8 लाख की आय सीमा का क्या मतलब है?
धामी कैबिनेट का एक अन्य फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों से जुड़ा है।
राज्य के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुफ्त कोचिंग योजना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए परिवार की सालाना आय सीमा पहले ₹2 लाख निर्धारित थी।
अब इसे बढ़ाकर ₹8 लाख करने को मंजूरी दी गई है।
इसका अर्थ है कि पहले आय सीमा के कारण योजना से बाहर रहने वाले अधिक परिवारों के पात्र विद्यार्थी अब योजना के दायरे में आ सकते हैं।
हालांकि, कोचिंग में प्रवेश, उपलब्ध सीटें और अन्य पात्रता शर्तें संबंधित योजना के नियमों के अनुसार ही तय होंगी।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में कितनी राहत मिलेगी?
कैबिनेट ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में कुछ निर्धारित दिव्यांगता श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए उत्तीर्ण अंकों में पांच प्रतिशत अंक की छूट देने को मंजूरी दी है।
इस व्यवस्था के अनुसार संबंधित श्रेणी के छात्रों को 28 प्रतिशत अंक मिलने पर उत्तीर्ण माना जा सकेगा।
इन श्रेणियों में बौद्धिक दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशिष्ट अधिगम अक्षमता जैसी स्थितियां शामिल बताई गई हैं।
यह राहत सभी विद्यार्थियों के लिए सामान्य पासिंग मार्क्स बदलने का फैसला नहीं है। इसका लाभ निर्धारित पात्रता के अनुसार ही मिलेगा।
सड़क निर्माण और पर्यटन से जुड़े क्या फैसले हुए?
राज्य सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया को सरल करने का फैसला लिया है।
अब निर्माण के दूसरे चरण में पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवार, नाली और पुलिया जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग चरणों में मंजूरी लेने के बजाय एक ही चरण में स्वीकृति देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसके अलावा उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन के विकास को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया गया है।
विधानसभा में ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट भी आएगा
धामी कैबिनेट ने लगभग ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को विधानसभा में पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस बजट पर आगे विधायी प्रक्रिया होगी। इसलिए कैबिनेट की मंजूरी को विधानसभा द्वारा बजट पारित होने के समान नहीं समझा जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त स्टांप शुल्क के लंबित मामलों को निपटाने के लिए वन-टाइम सेटलमेंट योजना को भी मंजूरी मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ऐसे करीब 3,600 मामले लंबित हैं।
अब इन फैसलों पर अगला कदम क्या होगा?
