Andhra Pradesh Election: सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद 100 निकायों के चुनाव टले! 4 जगह फिर खुला नामांकन, TDP-YSRCP में विवाद

आंध्र प्रदेश में नामांकन के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों को रोकने की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने 100 शहरी निकायों की वोटिंग 1 नवंबर तक टाल दी। चार निकायों में नामांकन का दूसरा मौका मिला है।

Andhra Pradesh Election 2026: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 100 निकायों की वोटिंग 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 नवंबर की गई। चार निकायों में दोबारा नामांकन की अनुमति मिली। जानिए TDP-YSRCP विवाद।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | अमरावती/विजयवाड़ा | 23 अक्टूबर 2026
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आंध्र प्रदेश में नामांकन विवाद के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 100 शहरी निकायों के मतदान की तारीख 1 नवंबर निर्धारित की
आंध्र प्रदेश में निकाय चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब चुनाव कार्यक्रम में बदलाव तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी 100 शहरी निकायों का मतदान 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 नवंबर कर दिया है।
इसके साथ ही चार निकायों के प्रभावित वार्डों में उन उम्मीदवारों को दोबारा नामांकन का अवसर दिया गया है, जो कथित हिंसा, धमकी या अन्य बाधाओं के कारण पहले नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके थे।
यह फैसला YSRCP की उस याचिका के बाद आया है, जिसमें पार्टी ने आरोप लगाया था कि उसके कई उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश की गई
खबर में खास
  • आंध्र प्रदेश के 100 शहरी निकायों में मतदान अब 1 नवंबर को होगा।
  • पहले 28 अक्टूबर को मतदान निर्धारित था।

  • कडपा, तिरुपति, राजमपेट और मैदुकुर में नामांकन का अतिरिक्त मौका मिला।

  • सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को उम्मीदवारों की शिकायतों पर फैसला लेने का निर्देश दिया था।

  • 23 और 24 अक्टूबर को प्रभावित वार्डों में नए नामांकन स्वीकार किए जा रहे हैं।

  • अंतिम उम्मीदवार सूची 25 अक्टूबर और मतगणना 3 नवंबर को निर्धारित है।

सुप्रीम कोर्ट तक क्यों पहुंचा चुनावी विवाद?

आंध्र प्रदेश में 13 नगर निगम और 87 नगरपालिकाओं तथा नगर पंचायतों के चुनाव के लिए अक्टूबर के मध्य में नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी।
16 से 18 अक्टूबर के बीच कई स्थानों पर नामांकन के दौरान राजनीतिक विवाद सामने आए।
विपक्षी YSRCP ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ TDP से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उसके उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका। कुछ उम्मीदवारों से मारपीट, धमकी और नामांकन पत्र फाड़े जाने की शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।
पार्टी ने पहले आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। वहां से अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
YSRCP ने अदालत के सामने दस्तावेज और वीडियो सहित विभिन्न प्रमाण पेश करने की बात कही। हालांकि, पार्टी की ओर से सभी घटनाओं के लिए TDP को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को क्या आदेश दिया?
21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि वह उन उम्मीदवारों की शिकायतों की जांच करे, जिन्हें कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण नामांकन से रोके जाने का दावा किया गया है।
अदालत ने अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक टालने को कहा।
साथ ही आयोग को निर्देश दिया गया कि जहां उम्मीदवारों को वास्तविक बाधाओं का सामना करना पड़ा हो, वहां प्रमाणों की जांच करके नामांकन की अवधि बढ़ाने पर फैसला लिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीदवारों की सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और नामांकन केंद्रों पर CCTV निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
चार निकायों में क्यों दोबारा खुला नामांकन?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्टों की समीक्षा की।
राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने बताया कि जांच में चार शहरी निकायों के कुछ वार्डों में उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोके जाने संबंधी शिकायतें सही पाई गईं।
इसके बाद कडपा नगर निगम, राजमपेट नगरपालिका, मैदुकुर नगरपालिका और तिरुपति नगर निगम के प्रभावित वार्डों में दोबारा नामांकन का मौका दिया गया।
इन क्षेत्रों में 23 और 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं।
अतिरिक्त सुरक्षा के लिए संबंधित जिला कलेक्ट्रेट में भी नामांकन स्वीकार करने की व्यवस्था की गई है।
क्या पूरे आंध्र प्रदेश में फिर से नामांकन होगा?
नहीं। यह अंतर महत्वपूर्ण है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की तारीख सभी 100 शहरी निकायों के लिए बदली है, लेकिन दोबारा नामांकन की अनुमति केवल चार चिन्हित निकायों के संबंधित वार्डों में दी गई है।
मैदुकुर नगरपालिका के सभी 32 वार्डों में नामांकन का अतिरिक्त अवसर है। कडपा और राजमपेट के 11-11 तथा तिरुपति के 18 वार्डों में भी यह व्यवस्था लागू है।
इस प्रकार कुल 72 वार्डों में अतिरिक्त नामांकन की सुविधा दी गई है।
अब चुनाव कब होंगे और नतीजे कब आएंगे?
राज्य निर्वाचन आयोग ने नया चुनाव कार्यक्रम जारी किया है।
25 अक्टूबर को अतिरिक्त नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी की प्रक्रिया और अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन निर्धारित है।
इसके बाद सभी 100 शहरी निकायों में 1 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।
यदि कहीं पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए 2 नवंबर का दिन निर्धारित किया गया है।
मतगणना 3 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
TDP और YSRCP के बीच विवाद का राजनीतिक महत्व
आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में TDP, भाजपा और जनसेना का गठबंधन सत्ता में है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की YSRCP प्रमुख विपक्षी पार्टी है।
YSRCP का आरोप है कि उसके उम्मीदवारों को चुनाव में बराबर अवसर नहीं मिल रहा था। दूसरी ओर, नामांकन के दौरान सामने आई अलग-अलग घटनाओं की जांच में हर व्यक्ति और राजनीतिक संगठन की वास्तविक भूमिका निर्धारित होना बाकी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों के नामांकन अधिकार प्रभावित हुए थे।
अब महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि अतिरिक्त नामांकन अवधि में सभी पात्र उम्मीदवार सुरक्षित तरीके से पर्चे दाखिल कर पाते हैं या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की है। तब राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
 

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