जेल से चुनाव लड़कर उमर अब्दुल्ला को 2 लाख वोटों से हराया, अब उसी सांसद की जमानत पर फैसला सुरक्षित! NIA ने लगाए गंभीर आरोप
बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद की जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी। NIA ने गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाया, बचाव पक्ष ने सात साल की हिरासत और 240 गवाहों का मुद्दा उठाया
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इंजीनियर राशिद की जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। 2024 में उमर अब्दुल्ला को हराने वाले बारामूला सांसद के खिलाफ NIA ने गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। जानिए दोनों पक्षों की दलीलें।
नई दिल्ली/श्रीनगर | 4 नवंबर 2026 | प्रत्यक्षदर्शी समाचार
जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जेल से चुनाव लड़कर उमर अब्दुल्ला को दो लाख से अधिक वोटों से हराने वाले राशिद की जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गंभीर आरोप लगाए, जबकि बचाव पक्ष ने करीब सात साल की लंबी हिरासत का हवाला देकर जमानत की मांग की।
खबर में खास
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इंजीनियर राशिद ने 2024 में उमर अब्दुल्ला को 2,04,142 वोटों से हराया था।
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राशिद अगस्त 2019 से आतंकी फंडिंग मामले में हिरासत में हैं।
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NIA का आरोप—सांसद ने तीन गवाहों को प्रभावित किया।
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बचाव पक्ष ने आरोपों का विरोध किया और लंबी हिरासत का हवाला दिया।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है।
