CM भजनलाल ने गहलोत पर लगाया 'नकली खाद-बीज' बेचने का आरोप! पूर्व CM बोले—24 घंटे में सबूत दें या माफी मांगें

राजस्थान में मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच विवाद। अशोक गहलोत ने अनंता रिसॉर्ट और IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले में भी सवाल उठाए; कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी सामने आए

राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर किसानों को नकली खाद-बीज बेचने का आरोप लगाया। गहलोत ने 24 घंटे में सबूत या माफी की मांग की और अनंता रिसॉर्ट जांच पर सवाल उठाए।

जयपुर/जोधपुर | 4 नवंबर 2026 | प्रत्यक्षदर्शी समाचार
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 24 घंटे में सबूत देने या माफी मांगने की मांग की है।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने जोधपुर में गहलोत पर राजनीति में आने से पहले किसानों को कथित रूप से नकली खाद-बीज बेचने और उनका आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। गहलोत ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए मुख्यमंत्री को 24 घंटे के भीतर दस्तावेज सार्वजनिक करने या माफी मांगने की चुनौती दी है।

खबर में खास

  • भजनलाल शर्मा ने गहलोत के पुराने कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
  • गहलोत ने आरोपों के सबूत या 24 घंटे में माफी की मांग की।
  • IAS शिखर अग्रवाल और अनंता रिसॉर्ट की जांच का मुद्दा भी उठा।
  • कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।
  • राजस्थान ACB पहले से विला खरीद मामले की जांच कर रही है।

जोधपुर में मुख्यमंत्री ने क्या आरोप लगाए?

मंगलवार, 3 नवंबर को जोधपुर में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस और गहलोत के पुराने शासनकाल को निशाने पर लिया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गहलोत राजनीति में आने से पहले अपनी दुकान पर नकली खाद और बीज बेचकर किसानों को नुकसान पहुंचाते थे।
उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक अस्थिरता, नियुक्तियों और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया।
हालांकि, नकली खाद-बीज बेचने के इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित दस्तावेज उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आया है।

गहलोत ने क्यों दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम?

मुख्यमंत्री के बयान के बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जवाब दिया।
उन्होंने आरोपों को निराधार और व्यक्तिगत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने दावों के समर्थन में तथ्य तथा दस्तावेज जनता के सामने रखने चाहिए।
गहलोत ने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री 24 घंटे के भीतर माफी मांगें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के माध्यम से सरकार से जुड़े दूसरे सवालों से ध्यान हटाया जा रहा है।

अनंता रिसॉर्ट और IAS शिखर अग्रवाल का मामला क्या है?

इस राजनीतिक विवाद के बीच गहलोत ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े विला खरीद मामले पर भी सवाल उठाए।
आरोप है कि अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों ने उदयपुर तथा अलवर में अनंता रिसॉर्ट से संबंधित कई विला बाजार मूल्य से कम कीमत पर खरीदे।
राजस्थान सरकार ने 30 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विस्तृत जांच को मंजूरी दी थी।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निजी कंपनी को सरकारी रियायतें देने और संपत्तियों की खरीद के बीच किसी तरह का अनुचित लेन-देन हुआ था या नहीं।
अभी इन आरोपों की अंतिम जांच पूरी नहीं हुई है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री से कौन-से सवाल पूछे?

गहलोत ने पूछा कि अनंता से जुड़ी कंपनी को विशेष रियायती पैकेज देने के फैसले में मुख्यमंत्री की क्या भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि जिस निवेश बोर्ड से संबंधित निर्णय का उल्लेख किया जा रहा है, उसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं।
गहलोत ने इस मामले की जांच राज्य ACB के बजाय CBI से कराने का सवाल भी उठाया।
हालांकि, किसी बोर्ड की अध्यक्षता करने मात्र से उस बोर्ड के निर्णय में आपराधिक भूमिका साबित नहीं होती। मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत संलिप्तता संबंधी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस के दो और वरिष्ठ नेता सामने आए

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पास पुराने आरोपों के प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी गहलोत का समर्थन किया और मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक पद पर बैठे लोगों से तथ्यात्मक और जिम्मेदार सार्वजनिक बयान की अपेक्षा होती है।

अब सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

राजस्थान में विवाद अब दो प्रश्नों पर केंद्रित है—क्या मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ लगाए गए आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करेंगे और अनंता रिसॉर्ट मामले की ACB जांच में क्या सामने आएगा?
चार नवंबर की दोपहर तक उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्यमंत्री द्वारा अल्टीमेटम के जवाब में कोई नया प्रमाण सार्वजनिक करने या माफी मांगने की पुष्टि नहीं मिली।
फिलहाल दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप और ACB की वास्तविक जांच प्रक्रिया को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

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