पंजाब चुनाव 2027: AAP के 3 विधायक BJP में शामिल! केजरीवाल की पार्टी छोड़ने वालों में पूर्व मंत्री और पूर्व IPS भी, 40 उम्मीदवारों की लिस्ट के बाद बड़ा घटनाक्रम

दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की सदस्यता ली। आम आदमी पार्टी ने बागी नेताओं पर सवाल उठाए।

Punjab Election 2027: आम आदमी पार्टी के तीन बागी विधायक 2 नवंबर को BJP में शामिल हुए। 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट के बाद पंजाब की राजनीति में दल-बदल तेज हुआ। जानिए कौन हैं तीनों नेता और AAP का क्या कहना है।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली/चंडीगढ़ | 2 नवंबर 2026
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2 नवंबर 2026 को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पंजाब के तीन AAP बागी नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।

खबर में खास

  • पंजाब के तीन AAP बागी नेता सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शामिल हुए।
  • इनमें पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा शामिल हैं।

  • हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी भाजपा का दामन थामा।

  • 31 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी ने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी।

  • AAP ने दोनों पूर्व पार्टी विधायकों को पहले से निलंबित किए जाने का दावा किया और उनकी विधानसभा सदस्यता पर कार्रवाई की बात कही है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के तीन बागी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। सोमवार, 2 नवंबर को अमृतसर उत्तर से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुँचे और पार्टी में शामिल हुए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब आम आदमी पार्टी ने 31 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। तीनों नेताओं के भाजपा में जाने की पुष्टि सोमवार दोपहर तक विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में हुई है।

आखिर कौन हैं AAP छोड़कर भाजपा में आने वाले तीन नेता?

कुंवर विजय प्रताप सिंह पूर्व IPS अधिकारी हैं और अमृतसर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। वह 2015 के बेअदबी और पुलिस फायरिंग से जुड़े मामलों की जाँच में अपनी भूमिका के कारण भी चर्चा में रहे थे।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक हैं। वह भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके हैं, लेकिन सितंबर 2024 के मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें हटा दिया गया था।
हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने रविवार को आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की थी।

दो नेताओं ने पार्टी छोड़ी, तीसरे ने विधानसभा से इस्तीफा दिया

रविवार, 1 नवंबर को जौड़ामाजरा और पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया था। इसके बाद सोमवार को कुंवर विजय प्रताप सिंह के विधानसभा सदस्यता से इस्तीफे की जानकारी सामने आई।
कुंवर विजय प्रताप ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजा है। उन्होंने इसमें 1 नवंबर से सीट छोड़ने की बात लिखी है।
यहाँ पार्टी की सदस्यता से इस्तीफे और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफे में अंतर है। विधानसभा अध्यक्ष के अंतिम निर्णय और किसी संभावित अयोग्यता प्रक्रिया की स्थिति अलग से स्पष्ट होनी बाकी है।

40 उम्मीदवारों की लिस्ट से क्या संबंध?

आम आदमी पार्टी ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धुरी से और विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा से उम्मीदवार बनाया गया था।
इस पहली सूची में समाना और सनौर से किसी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया गया था।
इस बीच संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्तियों और स्थानीय संगठनात्मक फैसलों को लेकर मतभेद की रिपोर्टें सामने आई हैं। हालांकि, तीनों नेताओं के फैसलों का एकमात्र कारण टिकट वितरण को मानना सही नहीं होगा।
AAP ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
पंजाब AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भाजपा की इस राजनीतिक पहल की आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि जौड़ामाजरा और पठानमाजरा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा दूसरे दलों से निकले या किनारे किए गए नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है।
दूसरी ओर, पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने पंजाब में नशे की समस्या, प्रशासनिक कामकाज और सरकार के कुछ चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाए हैं। ये आरोप संबंधित नेताओं के हैं, इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

क्या तीन विधायकों के जाने से सरकार पर संकट है?

इस दल-बदल का राजनीतिक महत्व है, लेकिन इससे पंजाब सरकार गिरने की स्थिति पैदा होने का कोई प्रमाण नहीं है।
2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीती थीं। अब 2027 के चुनाव से पहले विभिन्न दल अपने संगठन और उम्मीदवारों पर काम कर रहे हैं।
अगला महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के सामने कौन-सी कार्रवाई होती है और AAP अपने बाकी 77 उम्मीदवार कब घोषित करती है।
फिलहाल 2 नवंबर का नया घटनाक्रम यही है कि आम आदमी पार्टी के तीन बागी नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ले ली है।

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