पति का लोन, पत्नी की FD से SBI ने काट लिए ₹19.90 लाख; हाईकोर्ट ने कहा- ब्याज समेत लौटाओ, ₹1 लाख हर्जाना भी दो
लखनऊ की नेहा मिश्रा अपने पति के ₹15 लाख के पर्सनल लोन में न co-borrower थीं, न guarantor। फिर भी SBI ने उनकी FD से ₹19.90 लाख काट लिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रकम ब्याज समेत लौटाने और ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने SBI को एक विधवा की FD से काटे गए ₹19,90,693 ब्याज समेत वापस करने का आदेश दिया है। महिला के पति ने SBI से ₹15 लाख का personal loan लिया था और 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी। कोर्ट ने पाया कि पत्नी न loan की co-borrower थी, न guarantor, surety या consenting party। इसके बावजूद बैंक ने उसकी FD से पति के बकाया loan की वसूली की। कोर्ट ने SBI को चार सप्ताह के भीतर रकम FD की लागू ब्याज दर के साथ लौटाने और ₹1 लाख compensation देने का आदेश दिया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 18 सितंबर 2026
हाईकोर्ट ने SBI को महिला की FD से काटे ₹19.90 लाख ब्याज समेत लौटाने और ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।
खबर में खास
पति ने SBI से लिया था ₹15 लाख का personal loan
पत्नी न co-borrower थी, न guarantor
SBI ने महिला की FD से काटे ₹19,90,693
HC ने ब्याज समेत refund और ₹1 लाख compensation का दिया आदेश
अगर पति ने बैंक से loan लिया हो और उसकी मृत्यु हो जाए तो क्या बैंक उसकी पत्नी की FD से सीधे बकाया रकम निकाल सकता है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने आए एक मामले में यही बड़ा सवाल था। अदालत ने SBI की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बैंक को महिला की FD से काटे गए ₹19,90,693 वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ FD की लागू ब्याज दर से interest और ₹1 लाख compensation भी देना होगा।
पति ने लिया था ₹15 लाख का लोन
मामला नेहा मिश्रा से जुड़ा है। उनके पति लखनऊ के एक अस्पताल में Assistant Professor थे।
उन्होंने 3 नवंबर 2020 को SBI से ₹15 लाख का personal loan लिया था। 6 मई 2021 को कोविड-19 के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
इसके बाद बैंक ने बकाया loan की वसूली की प्रक्रिया शुरू की।
सितंबर 2025 में बैंक ने नेहा मिश्रा को legal notice भेजकर ₹13,87,382 और ब्याज जमा करने को कहा।
पत्नी न co-borrower, न guarantor
यही इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हाईकोर्ट ने पाया कि नेहा मिश्रा अपने पति के loan में:
न co-applicant थीं, न co-borrower, न guarantor, न surety और न indemnifier।
कोर्ट के मुताबिक loan को लेकर महिला और SBI के बीच ऐसा contractual relationship नहीं था जिसके आधार पर बैंक सीधे उनकी FD से पति का बकाया काट सके।
पहले Salary Account पर लगी रोक
रिपोर्ट के मुताबिक SBI ने सितंबर 2025 में महिला के salary account पर भी hold लगा दिया था।
महिला RBI Ombudsman के पास पहुंची, जिसके हस्तक्षेप के बाद account पर लगी रोक हटा दी गई।
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
₹19.90 लाख की FD से काटे पैसे
नेहा मिश्रा ने 2025 में SBI की आशियाना शाखा में FD खुलवाई थी।
कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक इस FD account को बाद में जानकीपुरम शाखा में transfer किया गया। यही वह शाखा थी जहां से उनके पति ने loan लिया था।
इसके बाद FD को encash करके ₹19,90,693 पति के loan dues की ओर debit कर दिए गए। फिर account को वापस आशियाना शाखा transfer कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने बैंक की प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने मामले की सुनवाई की।
अदालत ने कहा कि SBI ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं दिखा सका जिसके तहत पति से वसूली जाने वाली रकम सीधे पत्नी के FD account से काटी जा सके।
कोर्ट ने FD को एक शाखा से दूसरी शाखा में transfer करके रकम debit करने और फिर account वापस transfer करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर आपत्ति जताई।
चार हफ्ते में ₹19.90 लाख लौटाने का आदेश
हाईकोर्ट ने SBI को महिला के account से काटे गए ₹19,90,693 चार सप्ताह के भीतर वापस करने का आदेश दिया।
सिर्फ मूल रकम ही नहीं, बैंक को उस रकम पर वही FD interest rate भी देना होगा जिसका लाभ महिला को मिल रहा था।
इसके अलावा अदालत ने महिला को ₹1 लाख compensation देने का भी आदेश दिया।
क्या पति का Loan अब खत्म हो गया?
नहीं। यह distinction article में जरूर रखें।
हाईकोर्ट ने यह नहीं कहा कि मृत पति का loan अपने-आप समाप्त हो गया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि SBI के पास कानून के मुताबिक legal heir के खिलाफ recovery की प्रक्रिया अपनाने का अधिकार हो सकता है, लेकिन वसूली due process of law के तहत करनी होगी। बैंक मनमाने तरीके से पत्नी की व्यक्तिगत FD से रकम नहीं निकाल सकता।
इसलिए इस फैसले का अर्थ “पति की मौत के बाद पत्नी को कभी loan नहीं चुकाना पड़ेगा” भी नहीं है।