‘2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहा हूं’, प्रयागराज में वकीलों से बोले केशव मौर्य
प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जनप्रतिनिधि हर पांच साल में जनता की अदालत में जाते हैं और वह 2027 का मुकदमा वकीलों की अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया।
UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं के बीच बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वकील सबका मुकदमा लड़ते हैं और वह 2027 का मुकदमा उनकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं। केशव ने सरकार के काम के लिए समर्थन और आशीर्वाद मांगा तथा पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर भी हमला बोला।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | प्रयागराज | 15 सितंबर 2026
प्रयागराज में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र किया।
खबर में खास
केशव मौर्य ने वकीलों के सामने छेड़ा 2027 चुनाव का मुद्दा
बोले- 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था का किया बचाव
पिछली सरकारों पर ‘गुंडाराज’ का आरोप लगाया
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन BJP नेताओं के भाषणों में चुनावी संकेत लगातार तेज होते जा रहे हैं।
अब डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में वकीलों के बीच ऐसा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव को सीधे अदालत और मुकदमे की भाषा से जोड़ दिया।
अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि हर पांच वर्ष में जनता की अदालत में जाते हैं।
इसके बाद उन्होंने कहा—
“आप सबका मुकदमा लड़ते हैं, हम 2027 का मुकदमा आपकी अदालत में छोड़कर जा रहे हैं।”
वकीलों से मांगा ‘समर्थन, न्याय और आशीर्वाद’
केशव मौर्य ने केवल 2027 का जिक्र नहीं किया।
उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार के अच्छे कार्यों को उनका समर्थन, न्याय और आशीर्वाद मिलेगा।
राजनीतिक तौर पर यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और BJP लगातार अलग-अलग सामाजिक तथा पेशेवर वर्गों तक पहुंच बढ़ा रही है।
आखिर किस कार्यक्रम में बोले केशव?
केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़े कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में नए भवन की चाबी सौंपे जाने के अवसर पर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इतिहास और न्यायिक परंपरा का जिक्र किया।
उन्होंने प्रयागराज को आस्था के संगम के साथ न्याय की समृद्ध परंपरा का भी केंद्र बताया।
एक दिन पहले वकीलों के लिए हुए बड़े ऐलान
इस कार्यक्रम का राजनीतिक संदर्भ इसलिए और दिलचस्प है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वकीलों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी की हैं।
हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गई है।
इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं के लिए बने चैंबरों में फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहयोग का भरोसा दिया गया।
करीब 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट देने की घोषणा भी की गई है।
₹700 करोड़ से वकीलों के लिए क्या बना?
योगी सरकार के मुताबिक प्रयागराज में करीब ₹700 करोड़ की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का निर्माण कराया गया है।
अधिवक्ता कल्याण निधि की सहायता राशि को भी ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया गया है।
विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी और 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट देने जैसी घोषणाएं भी की गईं।
कानून-व्यवस्था पर पिछली सरकारों को घेरा
केशव मौर्य ने अपने भाषण में पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर भी हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उत्तर प्रदेश में कानून का राज केवल कागजों पर था, जबकि जमीन पर “गुंडाराज” चलता था।
उन्होंने प्रयागराज को भी इसका प्रमुख केंद्र बताया।
यह केशव मौर्य का राजनीतिक आरोप है।
योगी सरकार की नीति पर क्या बोले?
डिप्टी CM ने मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का रुख साफ है—
“निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और दोषी को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि कानून सरकार बनाती है, लेकिन उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
‘Ease of Justice’ का भी किया जिक्र
केशव मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि देश में “Ease of Living” के साथ डिजिटल व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए “Ease of Justice” को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह नए आपराधिक कानूनों को लागू करने को न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव बताया।
2027 के लिए वकील क्यों अहम?
केशव मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब योगी सरकार ने अधिवक्ताओं के लिए चिकित्सा, चैंबर, कल्याण निधि और डिजिटल सुविधाओं से जुड़ी घोषणाएं की हैं।
इसलिए “2027 का मुकदमा आपकी अदालत में” वाली टिप्पणी को आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वकील समुदाय तक BJP की राजनीतिक पहुंच के संदेश के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि कार्यक्रम का मुख्य विषय न्यायिक व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुविधाएं था, लेकिन केशव मौर्य ने अपने भाषण में 2027 का स्पष्ट राजनीतिक संदर्भ जोड़ दिया।
अब उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आने के साथ BJP, SP और दूसरे दल किन सामाजिक और पेशेवर वर्गों पर अपना फोकस बढ़ाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।