अखिलेश के साथ यूपी चुनाव में उतरेगी CJP? आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद चर्चा, सपा ने बताया मकसद

अखिलेश के साथ यूपी चुनाव में उतरेगी CJP? आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद चर्चा, सपा ने बताया मकसद

लखनऊ में मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव और आशुतोष रांका

अखिलेश यादव और CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद यूपी चुनाव को लेकर अटकलें हैं। जानिए बैठक की वजह, छात्र आंदोलन का संदर्भ और सपा का जवाब।

अखिलेश और आशुतोष रांका की मुलाकात से चुनावी चर्चा

ashutosh-ranka-akhilesh-yadav-cjp-meeting.jpg
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अखिलेश यादव से मुलाकात की।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है। गुरुवार को लखनऊ में हुई इस बैठक के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या छात्र आंदोलन से पहचान बनाने वाली CJP प्रदेश में चुनावी भूमिका निभाएगी। हालांकि, मुलाकात और चुनावी समझौते में अंतर है—उपलब्ध रिपोर्टों में गठबंधन तय होने की पुष्टि नहीं हुई है।

हिन्दुस्तान के मुताबिक, दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे बातचीत हुई। बैठक की अवधि और चुनाव से पहले उसका समय राजनीतिक दिलचस्पी की वजह हैं, लेकिन बंद कमरे में हुई बातचीत को सीट बंटवारे की वार्ता बताने का आधार सामने नहीं आया है। स्रोत: हिन्दुस्तान

सपा ने बताया—समर्थन के लिए धन्यवाद देने आए थे रांका

आजतक की रिपोर्ट में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि रांका छात्र आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करने आए थे। उनके अनुसार, सपा ने युवाओं की मांगों का सड़क से संसद तक समर्थन किया था। प्रवक्ता ने चुनावी अटकलों के बीच यह भी कहा कि किसी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई।

इस स्पष्टीकरण का महत्व इसलिए है क्योंकि किसी संगठन के प्रतिनिधि से मुलाकात होना अपने आप में चुनावी साझेदारी का ऐलान नहीं होता। सपा ने बैठक की जो वजह सार्वजनिक रूप से बताई है, वह आंदोलन में सहयोग और धन्यवाद से जुड़ी है। स्रोत: आजतक

छात्र हितों पर बातचीत और साथ खड़े होने का संदेश

ABP की रिपोर्ट के अनुसार, मुलाकात में विद्यार्थियों से संबंधित मुद्दों पर बातचीत हुई और अखिलेश यादव ने रांका के साथ खड़े होने की बात कही। इससे शिक्षा और युवाओं की समस्याओं पर संवाद का संकेत मिलता है। इसे फिलहाल मुद्दों पर समर्थन के रूप में समझना अधिक सटीक है, क्योंकि रिपोर्ट में उम्मीदवारों या सीटों की घोषणा नहीं है।

राजनीतिक समर्थन कई रूपों में हो सकता है—किसी मांग का समर्थन, आंदोलन में भागीदारी या चुनाव में साझेदारी। इनमें से एक कदम उठने का मतलब बाकी सभी फैसले हो जाना नहीं है। इसलिए छात्र हितों पर साथ देने के संदेश और चुनावी गठबंधन की घोषणा को अलग रखना जरूरी है। स्रोत: ABP लाइव

जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान भी दिखा था सपा का समर्थन

इस मुलाकात की पृष्ठभूमि में दिल्ली का छात्र आंदोलन भी है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज के बाद डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव सहित सपा नेता छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे। अखिलेश भी आंदोलन के पक्ष में बोलते रहे हैं।

रिपोर्ट में राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान रांका पर कथित हमले का भी उल्लेख है, जिसे अखिलेश ने उठाया था। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों का संपर्क केवल इस बैठक से शुरू नहीं हुआ। हालांकि, पहले का सहयोग भी औपचारिक चुनावी समझौते का प्रमाण नहीं है। स्रोत: हिन्दुस्तान

ओपी राजभर का तंज, दोनों पक्षों ने सामान्य मुलाकात बताया

हिन्दुस्तान की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, बैठक पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि सपा को अब तिलचट्टों का सहारा रह गया है। यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है। उसी रिपोर्ट में सपा और CJP की ओर से बैठक को सामान्य मुलाकात बताए जाने का उल्लेख है।

यहां सार्वजनिक प्रतिक्रिया और वास्तविक निर्णय के बीच अंतर बना हुआ है। विरोधी दल बैठक के राजनीतिक मायने निकाल सकते हैं, लेकिन उनके बयान से CJP की चुनावी योजना की पुष्टि नहीं होती। उसके लिए संबंधित नेतृत्व की स्पष्ट घोषणा जरूरी होगी। स्रोत: हिन्दुस्तान की बैठक संबंधी रिपोर्ट

क्या CJP अखिलेश के समर्थन से चुनाव लड़ेगी?

फिलहाल इसका निश्चित उत्तर उपलब्ध नहीं है। मुलाकात हुई है, छात्र आंदोलन में सहयोग का संदर्भ सामने है और सपा ने उसका मकसद बताया है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में CJP के उम्मीदवार, चुनाव लड़ने वाली सीटें या सपा के साथ सीट बंटवारा घोषित नहीं किया गया है।

इसलिए अभी ‘CJP-सपा गठबंधन तय’ या ‘अखिलेश के समर्थन से चुनाव लड़ेगी CJP’ लिखना जानकारी से आगे निकलना होगा। मौजूदा घटनाक्रम का सटीक निष्कर्ष यही है कि दोनों पक्षों में संवाद हुआ है; चुनावी साझेदारी की बात अभी अटकल है।

About The Author

Advertisement

LatestNews

‘72 घंटे में होगी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी’, निशु आजाद ने बताया पुलिस से मिला आश्वासन
राजीव मिश्रा बने भाजपा अवध क्षेत्र के महामंत्री, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के बाद मिली नई जिम्मेदारी
श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान पोल से टकराया IndiGo विमान, सभी यात्री सुरक्षित
अखिलेश के साथ यूपी चुनाव में उतरेगी CJP? आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद चर्चा, सपा ने बताया मकसद
निशु आजाद मामले में चंद्रशेखर के समर्थन पर कल्पना श्रीवास्तव का सवाल, जानिए विवाद और पुलिस का पक्ष
‘सनातन की आस्था को मिटाने वाले खुद मिट्टी में मिल गए’, योगी आदित्यनाथ का बयान
आकाश आनंद को फिर झटका, ईशान पर टिकी नजरें: मायावती के फैसले से BSP में बदले समीकरण