UP MLC Election: वोटिंग से पहले BJP के अपने MLC ने खोला मोर्चा! आजमगढ़, मऊ और बलिया के अफसरों पर गंभीर आरोप
भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि तीन जिलों में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों पर चुनावी दबाव बनाया जा रहा है। 23 अक्टूबर को मतदान से पहले उन्होंने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।
On
यूपी MLC चुनाव से पहले BJP के देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर शिक्षकों को धमकाने का आरोप लगाया। जानिए वीडियो में क्या कहा और विवाद क्यों बढ़ा।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 22 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने अब एक वीडियो जारी करके आजमगढ़, मऊ और बलिया के अधिकारियों पर शिक्षकों तथा स्कूल प्रबंधकों को चुनाव के दौरान दबाव में लेने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवेंद्र प्रताप सिंह इससे पहले हाथ से लिखी चिट्ठी के जरिए अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर चुके थे। अब नए वीडियो में उन्होंने स्कूलों को भेजे गए कथित नोटिस और चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
खबर में खास
-
भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने 21 अक्टूबर को नया वीडियो जारी किया।
-
आजमगढ़, मऊ और बलिया के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
-
स्कूलों की मान्यता समाप्त करने की कथित धमकियों का मुद्दा उठाया।
-
निर्वाचन आयोग से संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
-
23 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा।
आजमगढ़ में तीन स्कूलों को नोटिस देने का आरोप
देवेंद्र प्रताप सिंह ने दावा किया कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक ने तीन वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को ऐसे नोटिस भेजे, जिनमें मान्यता समाप्त होने का डर पैदा किया गया।
उनका आरोप है कि इस तरह के नोटिस का इस्तेमाल चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने मऊ के शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों पर भी स्कूलों तथा मदरसों में शिक्षकों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कथित पत्र जारी करने पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, इन नोटिसों और उनके पीछे चुनाव प्रभावित करने की कथित मंशा की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो सकी है।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
भाजपा MLC ने कहा कि मतदान से ठीक पहले स्कूलों और शिक्षकों को इस तरह के पत्र जारी करना चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही शिक्षकों से बिना दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।
महत्वपूर्ण बात यह है कि देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने वीडियो में किसी विशेष प्रत्याशी को हराने या जिताने का स्पष्ट निर्देश नहीं दिया है। इसलिए उनके बयान को सीधे किसी विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन की घोषणा मानना उचित नहीं होगा।
क्या मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी है नाराजगी?
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 12 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित भाजपा के शिक्षक सम्मेलन की भी चर्चा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उस कार्यक्रम में मंच पर बैठने को लेकर देवेंद्र प्रताप सिंह और भाजपा के क्षेत्रीय नेतृत्व के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने एक हस्तलिखित पत्र जारी करके सम्मान और न्याय का मुद्दा उठाया।
लेकिन देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में किसी नेता का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया था। इसलिए मंच से जुड़े विवाद को उनकी नई शिकायतों का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
कल के मतदान पर क्या असर पड़ेगा?
