'50 हजार पुलिस बुला लो, हम पीछे नहीं हटेंगे', मोदी-RSS पर राहुल गांधी का नया हमला
राहुल गांधी ने वीडियो साझा कर कहा कि वह 10 साल से ज्यादा समय से मोदी और RSS के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने पांच प्रमुख लोगों का नाम लेकर विरोध जारी रखने की बात कही।
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दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने पीएम मोदी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हजारों पुलिसकर्मी बुलाने और नेताओं को हिरासत में लेने के बावजूद विपक्ष पीछे नहीं हटेगा। युवाओं से विरोध जारी रखने की अपील भी की।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बीच राहुल गांधी का नया वीडियो, मोदी-शाह समेत पांच लोगों का नाम लेकर दी चुनौती
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 10 अक्टूबर 2026
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे CJP प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से उनके खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों की कार्यशैली और रणनीति को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।
राहुल ने कहा कि सरकार चाहे हजारों पुलिसकर्मी तैनात कर दे या विपक्षी नेताओं और युवाओं को हिरासत में ले ले, वे संविधान की रक्षा के अपने अभियान से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।
खबर में खास
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राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर नया वीडियो साझा किया।
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मोदी और RSS के खिलाफ एक दशक से ज्यादा समय से लड़ने की बात कही।
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मोदी, शाह, भागवत, ज्ञानेश कुमार और अजीत डोभाल पर निशाना साधा।
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राहुल बोले—10, 20 या 50 हजार पुलिसकर्मी बुलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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उन्होंने नेताओं और युवाओं की हिरासत को लेकर सरकार को चुनौती दी।
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राहुल गांधी ने युवाओं से विरोध जारी रखने और संविधान की रक्षा करने की अपील की।
'एक दशक से मोदी और RSS के खिलाफ लड़ रहा हूं'
राहुल गांधी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना वीडियो साझा किया।
इसमें उन्होंने कहा कि वह पिछले दस वर्षों से अधिक समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष कर रहे हैं।
राहुल के मुताबिक, इतने लंबे समय तक संघर्ष करने के कारण वह अपने विरोधियों की रणनीति और काम करने के तरीके को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने भाजपा और RSS के नेतृत्व पर कायरता का आरोप लगाया और दावा किया कि विपक्ष के लगातार विरोध के कारण सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि, यह राहुल गांधी का राजनीतिक आकलन है। किसी व्यक्ति के चरित्र या सरकार की स्थिति को लेकर उनकी टिप्पणियों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
मोदी, शाह, भागवत के साथ अजीत डोभाल का भी लिया नाम
अपने वीडियो में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लिया।
उन्होंने इन पांचों पर निशाना साधते हुए उन्हें देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके विरोधियों के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं और विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा।
इस बयान में अजीत डोभाल का नाम शामिल होना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव आयोग के खिलाफ हाल के प्रदर्शनों में राहुल गांधी मुख्य रूप से मोदी, शाह, भागवत और ज्ञानेश कुमार का नाम लेते रहे थे।
'10 हजार, 20 हजार या 50 हजार पुलिस बुला लीजिए'
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार चाहे 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर दे, विपक्ष अपना विरोध बंद नहीं करेगा।
राहुल ने नेताओं और युवाओं की गिरफ्तारी की संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उनका यह बयान दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आया है।
यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि 50 हजार पुलिसकर्मियों का आंकड़ा राहुल गांधी के बयान में दिया गया उदाहरण है। इसे दिल्ली में तैनात पुलिसकर्मियों की वास्तविक संख्या नहीं समझना चाहिए।
'हमारे पास जरूरी जानकारी पहले से है', राहुल का दावा
वीडियो में राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास वह जानकारी पहले से मौजूद है, जिसकी उन्हें जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष संविधान की रक्षा और देश के लोगों की आवाज उठाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
राहुल ने पिछले 10 से 15 वर्षों के राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए भविष्य में ऐसी परिस्थितियों को दोबारा न आने देने की बात कही।
हालांकि, इस सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने अपने पास मौजूद बताई गई जानकारी का कोई विस्तृत दस्तावेज या नया प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
इसलिए उनके दावे को किसी जांच में साबित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
युवाओं से बोले राहुल गांधी—विरोध जारी रखिए
राहुल गांधी ने अपने संदेश में दिल्ली समेत दूसरे स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने युवाओं के विरोध प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य संविधान और नागरिकों की आवाज की रक्षा करना है।
उन्होंने वर्तमान सरकार के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने की बात भी दोहराई।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच क्यों आया नया वीडियो?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
दिल्ली पुलिस ने इस आयोजन को अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और अनुमति संबंधी नियमों का हवाला दिया।
इसके बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। वहीं ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
इन्हीं घटनाओं के बीच राहुल गांधी ने वीडियो साझा कर सरकार के खिलाफ विरोध जारी रखने की बात कही।
SIR और कथित वोट चोरी का क्या है विवाद?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और इससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
दूसरी तरफ चुनाव नामआयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में मृत, स्थानांतरित, दोहरे और अन्य अपात्र नामों की पहचान करना पुनरीक्षण का उद्देश्य है। आयोग के अनुसार, गलती से हटाए गए पात्र मतदाताओं के लिए दोबारा दर्ज कराने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड और राजनीतिक दलों के आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन पर क्या जवाब दिया?
राहुल गांधी के नए वीडियो के बीच भाजपा ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ जारी प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव परिणामों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष पर चुनावी हार के बाद विरोध प्रदर्शनों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
प्रसाद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि देश की व्यवस्था संसद तथा संवैधानिक संस्थाओं के अनुसार चलेगी।
हालांकि, रविशंकर प्रसाद की यह प्रतिक्रिया व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर थी। इसे राहुल गांधी के इस विशेष वीडियो का सीधा जवाब बताने की पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी के पिछले बयान से इस वीडियो में क्या नया है?
