UP Election 2027: सपा से कांग्रेस ने मांगी अपनी पसंद की सीटें! 150 से 200 तक की दावेदारी के बीच अखिलेश के सामने नई चुनौती
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि सपा के साथ सीट बंटवारे की बातचीत शुरू हो चुकी है। कांग्रेस ने कुछ खास विधानसभा सीटों की मांग रखी है। सपा की ओर से 50–60 सीटों की संभावित पेशकश की चर्चा है, लेकिन अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
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UP Election 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीटों को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। राजेंद्र पाल गौतम ने पसंद की सीटों की मांग रखी, जबकि इमरान मसूद ने अखिलेश यादव से समझौता जल्द तय करने की अपील की।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 22 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह गठबंधन में केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि अपनी पसंद की विधानसभा सीटें भी चाहती है।
बुधवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि समाजवादी पार्टी सहित INDIA गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू हो चुकी है। कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक ताकत और पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर कुछ खास सीटों की मांग रखी है।
खबर में खास
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कांग्रेस ने सपा से कुछ खास विधानसभा सीटों की मांग रखी।
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राजेंद्र पाल गौतम ने सीट बंटवारे की बातचीत शुरू होने की पुष्टि की।
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प्रियंका गांधी भी बातचीत में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार सपा में 50–60 सीटें देने की चर्चा है।
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इमरान मसूद ने अखिलेश यादव से गठबंधन जल्द तय करने की अपील की।
कांग्रेस ने किन सीटों की मांग की?
राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, कांग्रेस ने उन विधानसभा क्षेत्रों पर दावा किया है, जहां पार्टी अपना संगठन और चुनावी संभावनाएं मजबूत मानती है।
हालांकि, उन्होंने उन सीटों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने कहा कि समझौता अंतिम होने पर सीटों का विवरण सामने रखा जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि वह सम्मानजनक सीट बंटवारा चाहती है। पार्टी के सामने चुनौती केवल चुनाव लड़ने की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और विधानसभा प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की भी है।
150 या 200 सीटें? आखिर कांग्रेस की मांग कितनी?
सितंबर में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। लेकिन हाल में उन्होंने अपनी पिछली मांग का जिक्र करते हुए 200 सीटों और बराबर हिस्सेदारी की बात भी कही है।
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच कांग्रेस को लगभग 50 से 60 सीटें दिए जाने की चर्चा है।
यह संख्या अभी आधिकारिक समझौता नहीं है। दोनों दलों ने संयुक्त रूप से कोई अंतिम सीट बंटवारा घोषित नहीं किया है।
प्रियंका गांधी की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ चल रही बातचीत में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कांग्रेस की ओर से सीटों के चयन में स्थानीय संगठन, संभावित उम्मीदवारों और पिछले चुनावी आंकड़ों को महत्व दिया जा रहा है।
सहारनपुर सांसद और यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने भी अखिलेश यादव से सीट बंटवारा जल्द अंतिम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश गठबंधन का नेतृत्व करेंगे, तो उन्हें बड़े दिल के साथ फैसला लेना होगा।
2024 में साथ आए तो क्या हुआ था?
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं। दोनों दलों को मिलाकर INDIA गठबंधन के खाते में 43 सीटें आई थीं।
इसके विपरीत 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल दो सीटें जीत सकी थी।
इसी वजह से कांग्रेस लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव की बातचीत में अपनी दावेदारी के आधार के रूप में पेश कर रही है। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के परिणामों की सीधी तुलना सीमित है।
अब अखिलेश यादव के सामने क्या सवाल?
