UP चुनाव 2027: 'हर विधानसभा में सपा के 10 हजार वोट काटने का टारगेट!' रामगोपाल यादव ने SDM के पासवर्ड पर लगाए आरोप, चुनाव अधिकारी ने दिया जवाब
रामगोपाल यादव ने BJP कार्यकर्ताओं पर अधिकारियों की लॉगिन आईडी से सपा समर्थकों के नाम हटाने का आरोप लगाया। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जांच का भरोसा दिया है।
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UP Election 2027: सपा नेता रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि यूपी की हर विधानसभा सीट पर सपा समर्थकों के 10 हजार वोट काटने का लक्ष्य है। उन्होंने SDM के आईडी-पासवर्ड के दुरुपयोग का दावा किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शिकायत मिलने पर जांच की बात कही है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 30 अक्टूबर 2026
खबर में खास
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रामगोपाल यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मतदाता सूची में कथित हेरफेर का आरोप लगाया।
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हर विधानसभा क्षेत्र में सपा समर्थकों के 10 हजार नाम काटने का लक्ष्य होने का दावा।
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SDM की लॉगिन आईडी, पासवर्ड और VRC ऑपरेटर की भूमिका पर सवाल।
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शिकायत का विवरण मांगा।
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12 नवंबर को यूपी की मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
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10 हजार वोट काटने का कथित लक्ष्य अभी प्रमाणित तथ्य नहीं है
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से सपा समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
रामगोपाल यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर दावा किया कि इसके लिए उपजिलाधिकारी यानी SDM की आधिकारिक लॉगिन आईडी और पासवर्ड का कथित रूप से इस्तेमाल हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 हजार सपा समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित विधानसभा क्षेत्र और अधिकारी की जानकारी मांगी है, ताकि जांच कराई जा सके।
रामगोपाल यादव ने SDM के पासवर्ड को लेकर क्या कहा?
रामगोपाल यादव का आरोप है कि कुछ अधिकारियों की आधिकारिक लॉगिन जानकारी भाजपा से जुड़े लोगों के पास पहुंच रही है।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे व्यक्ति वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर यानी VRC के ऑपरेटर के साथ बैठकर सपा समर्थकों के नाम हटाने और भाजपा समर्थकों के नाम जोड़ने का काम कर रहे हैं।
रामगोपाल यादव ने इस प्रक्रिया में OTP के कथित दुरुपयोग का भी उल्लेख किया।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले का संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
यह आरोप अभी रामगोपाल यादव के बयान पर आधारित है। किसी विशेष अधिकारी द्वारा लॉगिन साझा करने या इस तरह नाम हटाए जाने का स्वतंत्र तकनीकी प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
चुनाव आयोग की तरफ से क्या जवाब आया?
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने रामगोपाल यादव की पोस्ट पर जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी एक भी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO को लेकर ऐसी शिकायत या संदेह है, तो उसका विवरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने भरोसा दिया कि जानकारी मिलने पर तत्परता से जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस तरह की विशिष्ट शिकायत अभी उन्हें नहीं मिली है।
इस जवाब में आरोपों को सही नहीं माना गया है। अधिकारियों ने शिकायत का ठोस विवरण मांगकर जांच की पेशकश की है।
पीलीभीत में पहले सामने आ चुका है वोटर लिस्ट विवाद
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आया था।
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता विवरण संशोधित करने के लिए दर्ज किए गए 13,779 फॉर्म-8 आवेदनों में 10,470 प्रविष्टियों में अनियमितता मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी।
इस मामले में तत्कालीन दो SDM के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने और संबंधित VRC कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
हालांकि, पीलीभीत का यह पुराना मामला रामगोपाल यादव के आज के प्रदेशव्यापी आरोप को अपने आप साबित नहीं करता। दोनों मामलों की जांच और साक्ष्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है
यूपी में वोटर लिस्ट कब जारी होगी?
उत्तर प्रदेश में इस समय मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR कार्यक्रम चल रहा है। इसे दूसरे राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से अलग समझना चाहिए।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन | 2 नवंबर 2026 तक |
मसौदा वोटर लिस्ट | 12 नवंबर 2026 |
दावे और आपत्तियां | 12 नवंबर–11 दिसंबर 2026 |
दावों का निपटारा | 28 दिसंबर 2026 तक |
अंतिम वोटर लिस्ट | 4 जनवरी 2027 |
आम मतदाताओं के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
