UP 2027 से पहले फिर ‘80-20’: योगी बोले—80% NDA के साथ, 20% PDA; राज्यसभा से जोड़ा विधानसभा का नतीजा
लखनऊ की विकसित भारत संकल्प सभा में मुख्यमंत्री ने कहा—राज्यसभा नामांकन ने राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी; अखिलेश के तीसरा उम्मीदवार न उतारने के फैसले को बनाया निशाना
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘80-20’ का जिक्र किया है। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार 80 प्रतिशत NDA के साथ और 20 प्रतिशत PDA के साथ है। योगी ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव के तीसरा उम्मीदवार न उतारने के फैसले पर भी निशाना साधा। हालांकि राज्यसभा चुनाव की औपचारिक स्थिति scrutiny और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। Live Hindustan
अखिलेश के ‘403’ के जवाब में योगी का ‘80-20’
CM योगी ने UP 2027 से पहले ‘80% NDA, 20% PDA’ का दावा किया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 7 अक्टूबर 2026
खबर में खास
CM योगी ने फिर उठाया 80-20 का मुद्दा
इस बार खुद समझाया—80% NDA और 20% PDA
राज्यसभा नामांकन को UP 2027 से जोड़ा
अखिलेश यादव पर तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने को लेकर निशाना
SP ने कहा था—अब नजर 3 नहीं, 403 विधानसभा सीटों पर
BJP ने राज्यसभा के लिए 8 मुख्य उम्मीदवार उतारे
SP के 2 मुख्य उम्मीदवार मैदान में
ताजा रिकॉर्ड में 2 निर्दलीय नामांकन भी दर्ज
scrutiny 7 अक्टूबर को
नाम वापसी की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर
जरूरत पड़ी तो मतदान 16 अक्टूबर
कार्यक्रम PM मोदी के सरकार का नेतृत्व शुरू करने के 25 साल पूरे होने से जुड़ा था
योगी ने कार्यकर्ताओं से संदेश विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने को कहा
2017 से पहले की SP सरकार पर भी साधा निशाना
कहा—पहले “एक जिला, एक माफिया”, अब “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज”
“एक जिला, एक उत्पाद” और “एक जिला, एक कुजीन” का भी किया जिक्र
UP 2027 से पहले फिर लौटा ‘80-20’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर “80-20” का राजनीतिक फॉर्मूला सामने रखा है।
लखनऊ में आयोजित सेवा ज्योति यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए योगी ने राज्यसभा चुनाव के मौजूदा घटनाक्रम को विधानसभा चुनाव से जोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नामांकन ने यह संकेत दे दिया है कि विधानसभा चुनाव में राजनीतिक मुकाबला किस दिशा में जा सकता है। इसके बाद उन्होंने कहा कि लड़ाई फिर “80 और 20” पर आ गई है।
इस बार योगी ने खुद बताया ‘80-20’ का मतलब
योगी आदित्यनाथ ने अपने मौजूदा बयान में “80-20” को सीधे NDA और PDA से जोड़ा।
उनका कहना था कि:
80 प्रतिशत NDA के साथ है और 20 प्रतिशत PDA के साथ।
PDA यानी समाजवादी पार्टी का वह राजनीतिक फॉर्मूला है जिसमें पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समूहों को साथ लाने की बात की जाती है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में जो राजनीतिक तस्वीर दिखाई दी है, वैसा ही असर आने वाले विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। यह योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक दावा है; विधानसभा चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के मतदान के बाद ही तय होगा।
योगी ने राज्यसभा चुनाव को क्यों बनाया मुद्दा?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से BJP और SP के बीच संख्या का बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा था।
BJP ने आठ मुख्य उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है।
पहले चर्चा थी कि SP तीसरा प्रत्याशी भी उतार सकती है। अखिलेश यादव ने भी संख्या पूरी होने पर तीसरा उम्मीदवार उतारने की संभावना जताई थी।
लेकिन आखिरी दिन SP ने तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। इसके बाद अखिलेश ने संदेश दिया कि उनकी नजर अब “3 पर नहीं, 403 पर” है।
अखिलेश के फैसले पर योगी का तंज
योगी का मौजूदा बयान इसी घटनाक्रम से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा में SP के तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारने को विपक्ष की राजनीतिक ताकत से जोड़ते हुए दावा किया कि इससे UP 2027 की तस्वीर भी दिखाई देने लगी है।
लेकिन SP का अपना तर्क अलग है।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि उसका बड़ा लक्ष्य आगामी 403 विधानसभा सीटों का चुनाव है और वह राज्यसभा की संभावित तीसरी सीट की बजाय विधानसभा चुनाव की तैयारी पर ध्यान दे रही है।
क्या राज्यसभा के सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध हो गए?
अभी इसे final नहीं लिखना चाहिए।
ताजा उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए कुल 12 नामांकन दाखिल हुए हैं।
इनमें BJP के आठ उम्मीदवार, SP के दो उम्मीदवार और दो निर्दलीय नामांकन शामिल हैं।
नामांकन पत्रों की scrutiny 7 अक्टूबर को होनी है और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकते हैं।
अगर जांच और withdrawal के बाद केवल 10 वैध उम्मीदवार रह जाते हैं, तभी निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति औपचारिक रूप से बनेगी।
जरूरत पड़ने पर मतदान 16 अक्टूबर को होगा।
फिर राजनीतिक रूप से BJP-SP के 8-2 की इतनी चर्चा क्यों?
क्योंकि मुख्य राजनीतिक मुकाबले में BJP ने आठ और SP ने दो उम्मीदवार उतारे हैं।
SP अगर तीसरा उम्मीदवार उतारती तो सीटों से ज्यादा प्रमुख दलों के उम्मीदवार हो जाते और विधायकों के वोटों की वास्तविक परीक्षा होती।
ऐसी स्थिति में अतिरिक्त समर्थन और cross-voting महत्वपूर्ण हो सकती थी।
लेकिन तीसरा उम्मीदवार नहीं आने से BJP और SP के बीच सीधी अतिरिक्त सीट की लड़ाई फिलहाल टल गई है।
‘80-20’ पहली बार नहीं बोल रहे योगी
योगी आदित्यनाथ इससे पहले 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भी “80 बनाम 20” की बात कर चुके हैं।
उस समय इस बयान की अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं हुई थीं। विपक्षी दलों ने इसे हिंदू-मुस्लिम आबादी से जोड़ते हुए आलोचना की थी, जबकि योगी ने चुनावी मुकाबले को समर्थन और विरोध के राजनीतिक खेमों के तौर पर पेश किया था।
लेकिन 7 अक्टूबर 2026 के मौजूदा बयान में योगी ने खुद 80 को NDA और 20 को PDA से जोड़ा है।
इसलिए आज की खबर में “80% हिंदू बनाम 20% मुस्लिम” लिखना सही नहीं होगा।
PDA क्या है?
PDA समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति का एक प्रमुख राजनीतिक शब्द है।
SP इसे पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक सामाजिक गठजोड़ के रूप में पेश करती रही है।
अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भी PDA को BJP के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति के केंद्र में रखा था। The JBT
अब योगी ने उसी PDA को अपने नए “80-20” बयान में सीधे निशाने पर लिया है।
क्या 80 और 20 वास्तविक वोट प्रतिशत हैं?
यह भी स्पष्ट रखना जरूरी है।
योगी का “80% NDA और 20% PDA” बयान कोई प्रकाशित opinion poll या आधिकारिक voter survey नहीं है।
यह उनका राजनीतिक दावा और चुनावी संदेश है।
अभी UP विधानसभा चुनाव के परिणाम या वास्तविक वोट शेयर का कोई ऐसा आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है जिससे यह साबित हो कि 80 प्रतिशत मतदाता NDA और 20 प्रतिशत PDA के साथ हैं।
इसलिए headline और article में इसे हमेशा “योगी बोले/योगी का दावा” के रूप में ही लिखना चाहिए।
कार्यक्रम PM मोदी के 25 साल से भी जुड़ा था
योगी जिस कार्यक्रम में यह बयान दे रहे थे, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार का नेतृत्व शुरू करने के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा था।
7 अक्टूबर 2001 को मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे।
7 अक्टूबर 2026 को उस शुरुआत के 25 साल पूरे होने पर अलग-अलग जगह विकसित भारत संकल्प सभाओं और सेवा ज्योति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। News on Air
योगी ने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के संदेश और विकसित भारत के संकल्प को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनता तक पहुंचाने को भी कहा। khas khabar
SP सरकार पर भी योगी ने साधा निशाना
अपने संबोधन में योगी ने सिर्फ राज्यसभा और PDA की चर्चा नहीं की।
उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा।
योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में “एक जिला, एक माफिया” जैसी स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार “एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम कर रही है।
यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन और सरकार के काम का दावा है।
‘एक जिला, एक उत्पाद’ से ‘एक जिला, एक कुजीन’ तक
योगी ने राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए One District One Product को भी गिनाया।
इसके साथ उन्होंने “एक जिला, एक कुजीन” की दिशा में काम करने की बात कही।
इन बयानों के जरिए मुख्यमंत्री ने 2027 से पहले अपने भाषण में राजनीतिक मुकाबले के साथ विकास योजनाओं को भी जोड़ने की कोशिश की।
UP 2027 में अब ‘NDA बनाम PDA’ बनेगा बड़ा नैरेटिव?
आज के योगी के बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि BJP नेतृत्व आगामी चुनावी बहस में NDA बनाम PDA की तुलना को प्रमुखता दे सकता है।
दूसरी तरफ SP पहले से PDA को अपनी सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का केंद्र बनाए हुए है।
लेकिन चुनाव में वास्तविक मुद्दे, गठबंधन, उम्मीदवार और वोट शेयर आने वाले महीनों में स्पष्ट होंगे। इसलिए अभी से किसी गठबंधन के चुनाव जीतने या हारने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
अब आगे क्या?
राज्यसभा चुनाव में अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन की scrutiny और withdrawal है।
इसके बाद 9 अक्टूबर को यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में मतदान की आवश्यकता पड़ेगी या मुख्य दलों के उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे।
वहीं विधानसभा स्तर पर BJP और SP दोनों ने UP 2027 को लेकर अपने राजनीतिक संदेश तेज कर दिए हैं—SP “PDA और 403” की बात कर रही है, जबकि योगी ने “80% NDA और 20% PDA” का नया राजनीतिक संदेश सामने रखा है।
अखिलेश यादव के ‘3 नहीं, 403’ संदेश के एक दिन बाद योगी आदित्यनाथ ने ‘80-20’ की राजनीति फिर सामने ला दी है। फर्क यह है कि इस बार मुख्यमंत्री ने खुद 80 को NDA और 20 को PDA से जोड़ा है। योगी ने राज्यसभा चुनाव को UP 2027 की तस्वीर का संकेत बताया, जबकि SP अपनी नजर 403 विधानसभा सीटों पर होने की बात कर रही है। आने वाले महीनों में यही NDA बनाम PDA की राजनीतिक लड़ाई उत्तर प्रदेश के चुनावी विमर्श का बड़ा हिस्सा बन सकती है, लेकिन अंतिम फैसला राज्य के मतदाता ही करेंगे।