अखिलेश यादव की रायबरेली PDA रथ यात्रा पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि चुनाव में कोई भी नेता कहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकते हैं।
कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में अखिलेश यादव के शक्ति प्रदर्शन के बाद अजय राय के ‘इटावा-सैफई जाने’ वाले बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, क्या UP Election 2027 से पहले बदलेंगे सपा-कांग्रेस गठबंधन के समीकरण?
रायबरेली PDA रथ यात्रा पर अखिलेश यादव को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दिया बड़ा बयान
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 25 सितंबर 2026
खबर में खास
अखिलेश यादव की रायबरेली PDA रथ यात्रा पर अजय राय का बयान
बोले—चुनाव में कोई भी नेता कहीं भी जा सकता है
कांग्रेस नेताओं के इटावा, सैफई और कन्नौज जाने की कही बात
राहुल गांधी को बताया जनता के मुद्दों की मजबूत आवाज
2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच शक्ति प्रदर्शन की चर्चा तेज
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की रायबरेली में निकाली गई PDA रथ यात्रा पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की प्रतिक्रिया सामने आई है। अजय राय ने कहा कि चुनाव के समय कोई भी नेता किसी भी क्षेत्र में जाकर प्रचार कर सकता है।
अखिलेश की यात्रा पर क्या बोले अजय राय?
अजय राय ने कहा कि अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस के नेता भी कन्नौज, इटावा और सैफई जा सकते हैं। उन्होंने इसे चुनावी राजनीति का सामान्य हिस्सा बताते हुए कहा कि सभी दलों और नेताओं को किसी भी क्षेत्र में जनता के बीच जाने का अधिकार है।
अजय राय का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अखिलेश यादव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से अपनी PDA रथ यात्रा के जरिए बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया है। इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति और गठबंधन में अपनी मजबूत भूमिका दिखाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
राहुल गांधी को लेकर किया बड़ा दावा
अजय राय ने कहा कि आज देश राहुल गांधी की तरफ देख रहा है। उनके मुताबिक राहुल गांधी आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी लगातार सवाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता अन्याय के खिलाफ जनता के बीच सक्रिय हैं।
क्या गठबंधन में बढ़ रही सियासी खींचतान?
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सहयोगी दल हैं, लेकिन 2027 के चुनाव से पहले दोनों पार्टियां अपने-अपने संगठन और राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने में जुटी हैं। अखिलेश यादव का रायबरेली से अभियान शुरू करना और उसके बाद अजय राय का इटावा-सैफई वाला बयान गठबंधन के भीतर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, अजय राय ने अखिलेश यादव की यात्रा का सीधा विरोध नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव में सभी नेताओं को कहीं भी जाकर प्रचार करने की स्वतंत्रता है। इसके बावजूद उनके बयान से आगामी विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे और गठबंधन के भीतर नेतृत्व की भूमिका को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
2027 के चुनाव पर टिकी नजर
रायबरेली को कांग्रेस का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है, जबकि इटावा और सैफई समाजवादी पार्टी के प्रमुख गढ़ हैं। ऐसे में दोनों दलों के नेताओं का एक-दूसरे के प्रभाव वाले क्षेत्रों में सक्रिय होना आने वाले समय में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन को और तेज कर सकता है।
रायबरेली में अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा और अजय राय के इटावा-सैफई वाले जवाब ने साफ कर दिया है कि 2027 से पहले सहयोगी सपा और कांग्रेस भी अपनी-अपनी ताकत दिखाने में पीछे नहीं रहेंगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह सियासी प्रतिस्पर्धा गठबंधन को मजबूत करेगी या सीट बंटवारे के समय नई खींचतान की वजह बनेगी।