‘कितनी भी कोशिश कर लो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे’: अभिजीत दीपके को रामदास आठवले की सीधी चुनौती

केंद्रीय मंत्री ने कहा—CJP को 10 अक्टूबर का आंदोलन शांतिपूर्ण रखना चाहिए; मतदाता सूची में गलती हो तो सुधार की बात करें, CEC के इस्तीफे की मांग का कोई मतलब नहीं

10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को आंदोलन बंद करने की सलाह दी है। आठवले ने कहा कि CJP कितनी भी कोशिश कर ले, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने दीपके की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई और चेतावनी दी कि ऐसी भाषा जारी रही तो उनकी पार्टी भी विरोध प्रदर्शन कर सकती है। Live Hindustan

10 अक्टूबर से पहले CJP को आठवले की सलाह—आंदोलन बंद करें

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रामदास आठवले ने CJP को 10 अक्टूबर का आंदोलन बंद करने की सलाह दी।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 7 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • रामदास आठवले ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग खारिज की
  • बोले—CJP कितनी भी कोशिश करे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे
  • अभिजीत दीपके को दूसरे मुद्दों पर काम करने की सलाह
  • कहा—10 अक्टूबर का आंदोलन करने की जरूरत नहीं
  • मतदाता सूची में गलतियां हों तो उन्हें सुधारने पर जोर देने की बात
  • ज्ञानेश कुमार की गलती न होने का दावा किया
  • गलत या स्थान बदल चुके मतदाताओं के नाम हटाने का बचाव किया
  • CJP के BJP की “B-team” होने की चर्चा पर भी जवाब दिया
  • अभिजीत दीपके के पुराने AAP संबंधों का जिक्र किया
  • PM मोदी पर दीपके की टिप्पणियों की भाषा पर आपत्ति
  • चेतावनी—ऐसी टिप्पणी जारी रही तो RPI भी विरोध कर सकती है
  • आठवले इससे पहले दीपके को अपनी पार्टी RPI(A) में आने का न्योता दे चुके हैं
  • दीपके ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था
  • CJP 10 अक्टूबर को CEC के इस्तीफे और SIR समेत कई मुद्दों पर दिल्ली में आंदोलन की तैयारी कर रही है 

10 अक्टूबर से पहले CJP को NDA मंत्री की सीधी चुनौती

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
आठवले ने साफ कहा है कि CJP चाहे जितना आंदोलन कर ले, उनके मुताबिक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने अभिजीत दीपके को CEC के इस्तीफे की मांग छोड़कर दूसरे सार्वजनिक मुद्दों पर काम करने की सलाह दी।

‘कितनी भी कोशिश कर लें, इस्तीफा नहीं देंगे’

रामदास आठवले ने 10 अक्टूबर के प्रस्तावित CJP आंदोलन पर कहा कि इस समय ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि CJP चाहे जितनी कोशिश करे, उनके अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त पद नहीं छोड़ेंगे। आठवले ने CEC के खिलाफ चल रहे आंदोलन की जरूरत पर सवाल उठाया और संगठन को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी।
यह आठवले का राजनीतिक दावा है। ज्ञानेश कुमार की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई नया व्यक्तिगत इस्तीफा संबंधी ऐलान सामने नहीं आया है।

आठवले बोले—ज्ञानेश कुमार की गलती नहीं

केंद्रीय मंत्री ने CEC का बचाव करते हुए कहा कि उनके हिसाब से ज्ञानेश कुमार ने ऐसा कोई काम नहीं किया जिसके कारण उन्हें पद छोड़ना पड़े।
उन्होंने मतदाता सूची के revision का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत, duplicate या दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं से जुड़ी entries को ठीक करना चुनाव आयोग का काम है।
हालांकि CJP और विपक्षी दल SIR तथा voter list revisions के कुछ फैसलों पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और अपनी प्रक्रिया को कानूनी बताता रहा है। 

‘लिस्ट में गलती है तो उसे ठीक करें’

आठवले का तर्क है कि आंदोलन का फोकस किसी व्यक्ति के इस्तीफे के बजाय मतदाता सूची की किसी वास्तविक गलती को ठीक कराने पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी पात्र मतदाता का अधिकार प्रभावित हुआ है तो उसका समाधान सूची को ठीक करके किया जाना चाहिए।
इसी आधार पर उन्होंने CJP को 10 अक्टूबर का आंदोलन खत्म करने की सलाह दी। 

CJP आखिर 10 अक्टूबर को क्यों उतर रही है?

CJP ने घोषणा की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठन SIR, मतदाता सूची से नाम हटने और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। साथ ही CJP और उसके साथ जुड़े छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि उनका आंदोलन सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा और चुनावी व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग आगे भी जारी रह सकती है। 
CJP अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण आंदोलन बताती रही है।

आठवले ने NEET आंदोलन का भी किया जिक्र

आठवले ने अभिजीत दीपके के पहले आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि CJP पहले NEET paper leak जैसे मुद्दे पर सड़क पर उतरी थी।
उन्होंने दीपके को सलाह दी कि संगठन अलग-अलग सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर काम करे, लेकिन हर विवाद में इस्तीफे की मांग को आंदोलन का केंद्र न बनाए। 
आठवले पहले भी इसी आधार पर CJP पर तंज करते हुए लगातार इस्तीफे मांगने की उसकी राजनीति की आलोचना कर चुके हैं।

BJP की ‘B-Team’ वाले आरोप पर क्या बोले?

CJP को लेकर राजनीतिक हलकों में कभी-कभी BJP की “B-Team” होने की चर्चा भी सामने आती रही है।
आठवले ने इस सवाल पर कहा कि उनके हिसाब से इसे BJP की B-Team वाला मुद्दा बनाना सही नहीं है।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि खुद आठवले पहले अभिजीत दीपके को अपनी Republican Party of India (Athawale) में शामिल होने का न्योता भी दे चुके हैं।

पहले दीपके को NDA खेमे में आने का दिया था ऑफर

कुछ समय पहले रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके से कहा था कि वह RPI(A) में शामिल होने पर विचार करें।
आठवले ने इसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने से जोड़ा था। RPI(A) केंद्र में BJP नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा है। 
अभिजीत दीपके ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था और प्रतिक्रिया में सवाल उठाया था कि कुछ समय पहले तक उन्हें विरोधी नजर से देखने वाले लोग अब उन्हें अपने साथ आने का प्रस्ताव क्यों दे रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल का नाम क्यों लिया?

आठवले ने अपने मौजूदा बयान में अभिजीत दीपके के पुराने राजनीतिक-सोशल मीडिया जुड़ाव का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि दीपके इससे पहले अरविंद केजरीवाल से जुड़े रहे हैं और उनके साथ सोशल मीडिया के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। Live Hindustan
इस पुराने संबंध का उल्लेख आठवले ने CJP की मौजूदा राजनीतिक भूमिका पर टिप्पणी करते हुए किया।

PM मोदी पर भाषा को लेकर चेतावनी

आठवले के बयान का दूसरा बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर था।
उन्होंने अभिजीत दीपके की हालिया टिप्पणियों की भाषा पर आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक आलोचना करते समय उचित भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए।
आठवले ने चेतावनी दी कि अगर उनकी पार्टी की नजर में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी जारी रहती है तो RPI भी अभिजीत दीपके के विरोध में आंदोलन कर सकती है।

किस टिप्पणी से नाराज हैं आठवले?

2 अक्टूबर के मुंबई प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणियां की थीं।
इसके बाद आठवले ने सार्वजनिक रूप से उन टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और दीपके से भाषा संयमित रखने को कहा। Loksatta
यहां यह फर्क जरूरी है कि सरकार या किसी नेता की आलोचना राजनीतिक अभिव्यक्ति का हिस्सा हो सकती है; विवाद खास तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर है।

10 अक्टूबर पर पहले से बढ़ा हुआ है तनाव

आठवले का बयान ऐसे समय आया है जब 10 अक्टूबर के CJP कार्यक्रम को लेकर पहले ही कई विवाद चल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। CJP का कहना है कि उसने औपचारिक सूचना और undertaking दे दी है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन उसका अधिकार है। 
इसी बीच CJP अपने समर्थकों पर विभिन्न राज्यों में कथित पुलिस दबाव का आरोप भी लगा रही है। पुलिस पक्ष की ओर से ऐसे preventive notices को कानून-व्यवस्था से जुड़ी सामान्य कार्रवाई बताया गया है। The Economic Times

10 अक्टूबर को सिर्फ CJP नहीं, छात्र संगठन भी साथ

CJP के साथ कई छात्र संगठनों ने भी 10 अक्टूबर के आंदोलन में उतरने की घोषणा की है।
इन संगठनों की मांगों में CEC का इस्तीफा, SIR पर रोक और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं। Jansatta
इस वजह से 10 अक्टूबर का कार्यक्रम सिर्फ एक छोटे संगठन के प्रदर्शन से आगे बढ़कर व्यापक youth/student mobilisation का रूप लेने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है।

आठवले बनाम दीपके की लड़ाई पुरानी हो रही है?

दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ सप्ताह में कई बार बयानबाजी हो चुकी है।
एक तरफ आठवले कभी दीपके को RPI में आने का न्योता देते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके आंदोलन और प्रधानमंत्री पर टिप्पणियों की आलोचना भी करते हैं।
दीपके ने NDA में आने का प्रस्ताव ठुकराया था और अब CEC के खिलाफ अपना आंदोलन आगे बढ़ा रहे हैं। 
इसलिए 10 अक्टूबर से पहले दोनों के बीच राजनीतिक टकराव और स्पष्ट हो गया है।

क्या आठवले तय कर सकते हैं कि CEC इस्तीफा देंगे या नहीं?

नहीं।
रामदास आठवले का यह बयान राजनीतिक राय और समर्थन का बयान है।
मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था के तहत संचालित होता है। किसी केंद्रीय मंत्री की व्यक्तिगत घोषणा से CEC के पद पर बने रहने या हटने का औपचारिक फैसला नहीं होता।
इसलिए headline में “सरकार ने तय कर दिया कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे” लिखना गलत होगा।
सही तथ्य है:
“रामदास आठवले ने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे।”

क्या CJP आंदोलन रद्द करेगी?

फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है।
CJP की 10 अक्टूबर की mobilisation जारी है और संगठन से जुड़े नेता लगातार देशभर से समर्थकों को दिल्ली आने की अपील कर रहे हैं। The Times of India
आठवले की सलाह पर अभिजीत दीपके की कोई नई विस्तृत प्रतिक्रिया इस खबर के प्रकाशित होने तक सामने नहीं आई थी। 
इसलिए अगला बड़ा अपडेट दीपके के जवाब या 10 अक्टूबर से पहले पुलिस के किसी नए फैसले से आ सकता है।
10 अक्टूबर के CJP प्रदर्शन से पहले अब राजनीतिक टकराव सिर्फ CEC ज्ञानेश कुमार बनाम प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं रहा है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने साफ कहा है कि उनके मुताबिक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे और CJP को यह आंदोलन बंद करना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर दीपके की टिप्पणियों को लेकर RPI के विरोध की चेतावनी भी दी है। दूसरी तरफ CJP फिलहाल प्रदर्शन से पीछे हटती नहीं दिख रही। अब नजर अभिजीत दीपके के जवाब और 10 अक्टूबर की दिल्ली की स्थिति पर होगी।

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