योगी के ‘80-20’ पर अखिलेश का पलटवार: बोले—108 मनकों पर ‘PDA’ लिखकर जाप करें; 5 सेकंड का वीडियो शेयर
CM योगी ने राज्यसभा चुनाव के बहाने 80% NDA और 20% PDA का दावा किया था; अखिलेश ने भाषण की छोटी क्लिप शेयर कर PDA के उत्पीड़न का आरोप लगाया और 2024 लोकसभा नतीजों का भी जिक्र किया
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ‘80-20’ और PDA को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने 80 प्रतिशत NDA और 20 प्रतिशत PDA के साथ होने का दावा किया था। अब अखिलेश ने उनके भाषण का पांच सेकंड का वीडियो शेयर करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने PDA के उत्पीड़न का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 108 मनकों पर PDA लिखवाकर उसका जाप करें।
योगी के ‘80-20’ के कुछ घंटे बाद अखिलेश का जवाब
योगी के ‘80-20’ बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश डेस्क | 7 अक्टूबर 2026
खबर में खास
योगी आदित्यनाथ ने फिर उठाया 80-20 का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने इस बार कहा—80% NDA, 20% PDA
अखिलेश यादव ने योगी के भाषण की 5 सेकंड की क्लिप शेयर की
SP प्रमुख ने PDA के उत्पीड़न का आरोप लगाया
योगी पर हर समय PDA की चर्चा करने का तंज
बोले—108 मनकों पर PDA लिखकर जाप करें
2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे का भी जिक्र किया
BJP के पास उपलब्धियां बताने के लिए मुद्दे न होने का आरोप लगाया
योगी का मूल बयान राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में आया था
दोनों नेताओं की बयानबाजी का सीधा संदर्भ UP विधानसभा चुनाव 2027 से जुड़ रहा है
‘80-20’ के बाद अब ‘PDA जाप’ पर पहुंची सियासी जंग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच PDA को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है।
सुबह मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा था कि प्रदेश की राजनीतिक लड़ाई एक बार फिर 80-20 पर आ गई है। उन्होंने अपने मौजूदा बयान में 80 प्रतिशत को NDA और 20 प्रतिशत को PDA से जोड़ा। UP की बात
कुछ ही घंटों बाद अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के इसी भाषण की पांच सेकंड की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर करके पलटवार किया।
अखिलेश ने वीडियो में क्या दिखाया?
अखिलेश की ओर से साझा किए गए छोटे वीडियो में मुख्यमंत्री PDA का जिक्र करते दिखाई देते हैं।
इसी हिस्से को आधार बनाकर SP प्रमुख ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के बयान से पता चलता है कि उनकी सरकार के दौरान PDA से जुड़े वर्गों का उत्पीड़न जारी रहेगा। यह अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप है; इसे स्वतंत्र तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
‘108 मनकों पर PDA लिखवाकर जाप करें’
अखिलेश यादव ने अपने जवाब में तंज करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को हर समय PDA ही दिखाई देता है तो वह 108 मनकों पर PDA लिखवाकर उसकी माला बना लें और PDA का जाप करें।
यह टिप्पणी अब इस राजनीतिक बयानबाजी का सबसे चर्चित हिस्सा बन गई है। AajTak
अखिलेश ने इसे योगी सरकार पर राजनीतिक हमला बनाने के साथ-साथ SP के PDA नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में इस्तेमाल किया है।
PDA से अखिलेश किन वर्गों की बात कर रहे हैं?
समाजवादी पार्टी लंबे समय से PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को अपनी रणनीति का हिस्सा बताती रही है।
हालांकि अपने मौजूदा पोस्ट में अखिलेश ने इसकी व्याख्या और व्यापक तरीके से करते हुए पीड़ित, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, महिलाओं और आदिवासी समुदायों का भी जिक्र किया।
इससे साफ है कि UP 2027 से पहले SP PDA को सिर्फ तीन शब्दों तक सीमित रखने के बजाय बड़े सामाजिक गठजोड़ के रूप में पेश करना चाहती है।
अखिलेश ने 2024 चुनाव का क्यों किया जिक्र?
अपने जवाब में अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनाव को भी मुख्यमंत्री के बयान से जोड़ा।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनावी नतीजों के बाद BJP की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हुई और उसी वजह से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। AajTak
यह SP प्रमुख का राजनीतिक आकलन है।
2024 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 लोकसभा सीटें जीती थीं और राज्य में BJP के मुकाबले सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसी नतीजे को SP लगातार अपने PDA मॉडल की राजनीतिक सफलता के उदाहरण के रूप में पेश करती रही है।
BJP की उपलब्धियों पर भी उठाए सवाल
अखिलेश ने सिर्फ 80-20 वाले बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने BJP सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के पास जनता के सामने अपनी उपलब्धियों की बात करने के लिए पर्याप्त मुद्दे नहीं हैं।
उन्होंने अपने पोस्ट में सरकार पर एक और तीखा राजनीतिक आरोप भी लगाया। ये सभी आरोप SP प्रमुख के हैं और BJP या राज्य सरकार का इस नई पोस्ट पर विस्तृत जवाब तत्काल उपलब्ध नहीं था।
योगी ने मूल बयान में क्या कहा था?
इस पूरे विवाद की शुरुआत लखनऊ के GPO स्थित पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम से हुई।
यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए दावा किया कि उससे आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तस्वीर का संकेत मिल गया है।
उन्होंने कहा कि मुकाबला फिर 80 बनाम 20 हो गया है और अपने मौजूदा बयान में इसे 80% NDA तथा 20% PDA के रूप में समझाया। UP की बात
राज्यसभा चुनाव से UP विधानसभा का कनेक्शन क्यों?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए BJP ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो प्रमुख उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
SP की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की चर्चा थी, लेकिन अखिलेश यादव ने आखिरकार तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारा और कहा कि उनकी निगाह अब तीन राज्यसभा सीटों के बजाय 403 विधानसभा सीटों पर है। The Indian Express
योगी ने इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर अपना 80-20 वाला राजनीतिक दावा किया।
क्या ‘80% NDA, 20% PDA’ कोई सर्वे है?
नहीं।
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक दावा है। यह किसी आधिकारिक opinion poll, survey या वर्तमान मतदाता आंकड़े का निष्कर्ष नहीं है।
इसी तरह अखिलेश यादव का यह आरोप कि BJP 2024 के नतीजों के कारण इस तरह की बयानबाजी कर रही है, उनका राजनीतिक आकलन है।
दोनों बयानों को उनके-अपने पक्ष के दावे के रूप में ही लिखना जरूरी है।
‘80-20’ बनाम PDA क्यों महत्वपूर्ण?
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में BJP और SP दोनों अपने-अपने राजनीतिक narrative को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
SP का जोर PDA पर है।
वहीं योगी ने अब NDA और PDA को सीधे 80-20 के जरिए आमने-सामने रख दिया है। The Indian Express
अखिलेश के जवाब से साफ है कि SP इस बयान को केवल बचाव में नहीं लेना चाहती, बल्कि उसी PDA शब्द को BJP के खिलाफ अपना राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रही है।
क्या यह 2027 की शुरुआती चुनावी लाइन बन रही है?
अभी विधानसभा चुनाव में समय बाकी है, लेकिन पिछले कुछ दिनों की बयानबाजी बताती है कि सामाजिक समीकरणों पर राजनीतिक टकराव तेज हो चुका है।
एक तरफ योगी NDA बनाम PDA का आंकड़ा रख रहे हैं।
दूसरी तरफ अखिलेश PDA को सामाजिक न्याय और BJP विरोध के बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में पेश कर रहे हैं।
आने वाले महीनों में रोजगार, कानून-व्यवस्था, जातीय समीकरण, विकास, गठबंधन और उम्मीदवारों जैसे मुद्दे भी चुनावी बहस का हिस्सा होंगे। इसलिए किसी एक बयान से चुनावी परिणाम का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
योगी आदित्यनाथ के ‘80% NDA, 20% PDA’ वाले बयान के कुछ ही घंटों बाद अखिलेश यादव का ‘PDA जाप’ वाला जवाब बताता है कि UP 2027 से पहले राजनीतिक भाषा तेज हो रही है। योगी राज्यसभा के मौजूदा समीकरण को विधानसभा चुनाव का संकेत बता रहे हैं, जबकि अखिलेश PDA को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि इस बयानबाजी पर BJP की तरफ से क्या नया जवाब आता है और 80-20 बनाम PDA की यह बहस आगे किस दिशा में जाती है।