जंतर-मंतर से पहले राहुल फिर हिरासत में, सड़क पर लेटीं प्रियंका; दूसरे दिन भी पुलिस से टकराव

खड़गे की लंच बैठक के बाद जंतर-मंतर के लिए निकले विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रास्ते में रोका; राहुल गांधी लगातार दूसरे दिन हिरासत में, SP आज के कार्यक्रम से रही दूर

जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी हिरासत में और प्रियंका गांधी सड़क पर लेटी हुईं

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। मल्लिकार्जुन खड़गे की लंच बैठक के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर निकले, लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच उन्हें रोक दिया गया। राहुल गांधी को हिरासत में लेकर बस में बैठाया गया, जबकि प्रियंका गांधी विरोध में सड़क पर लेट गईं। इससे पहले राहुल-प्रियंका के खिलाफ आकाशवाणी भवन में कथित बिना अनुमति प्रवेश को लेकर FIR भी दर्ज की गई थी।

लंच के बाद फिर सड़क पर विपक्ष, जंतर-मंतर से पहले पुलिस का एक्शन

rahul-gandhi-detained-priyanka-road-jantar-mantar-protest.jpg
जंतर-मंतर के पास प्रियंका गांधी सड़क पर लेटीं, राहुल गांधी हिरासत में लिए गए।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | राष्ट्रीय डेस्क | 7 अक्टूबर 2026

खबर में खास

  • राहुल गांधी लगातार दूसरे दिन पुलिस हिरासत में
  • प्रियंका गांधी जंतर-मंतर के पास सड़क पर लेटी नजर आईं
  • खड़गे की लंच बैठक के बाद सांसद जंतर-मंतर के लिए निकले
  • सांसदों को लेकर जा रही बसें प्रदर्शन स्थल से पहले रोकी गईं
  • कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया
  • राहुल ने कहा—उनके लिए हर FIR एक “मेडल”
  • राहुल-प्रियंका के खिलाफ आकाशवाणी भवन मामले में FIR दर्ज
  • नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू
  • जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग
  • कुछ कांग्रेस सांसद बसों की छत पर भी चढ़े
  • SP लंच बैठक और शाम के प्रदर्शन में शामिल नहीं हुई
  • SP की गैरमौजूदगी पर invitation/communication को लेकर सवाल
  • विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR की समीक्षा की मांग कर रहा है
  • चुनाव आयोग ने एक दिन पहले मुलाकात के घटनाक्रम पर अपना अलग पक्ष रखा था 

दूसरे दिन फिर सड़क पर उतरा विपक्ष

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार दूसरे दिन भी दिल्ली की सड़कों पर दिखाई दिया।
एक दिन पहले संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च और आकाशवाणी भवन के पास लंबे धरने के बाद बुधवार को विपक्षी सांसद फिर एकजुट हुए।
दोपहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों को जनपथ स्थित एक रेस्टोरेंट में लंच और रणनीतिक बैठक के लिए बुलाया। बैठक खत्म होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।

जंतर-मंतर पहुंचने से पहले रोकी गईं बसें

विपक्षी सांसदों को लेकर जा रही बसों को जंतर-मंतर के करीब पहुंचने से पहले पुलिस ने रोक दिया।
इलाके में पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और कई स्तर पर बैरिकेडिंग की गई थी। रिपोर्टों में बसों को प्रदर्शन स्थल से करीब 100 मीटर पहले रोके जाने की बात सामने आई है। The Times of India
बसों के रुकने के बाद कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता नारेबाजी करते दिखाई दिए। कुछ सांसद बसों की छत पर भी चढ़ गए। The Times of India

प्रियंका गांधी सड़क पर लेट गईं

शाम करीब 5:40 बजे प्रदर्शन का सबसे चर्चित दृश्य सामने आया।
पुलिस के रास्ता रोकने के बीच प्रियंका गांधी जंतर-मंतर के पास सड़क पर जमीन पर लेट गईं। 
इस तस्वीर और वीडियो ने कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर ध्यान खींचा।
यही इस खबर का सही visual तथ्य है—प्रियंका गांधी सड़क पर लेटी थीं, सिर्फ बैठी नहीं थीं।

राहुल गांधी को हिरासत में लेकर बस में बैठाया

इसके करीब 13 मिनट बाद शाम 5:53 बजे राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया।
राहुल गांधी को लगातार दूसरे दिन CEC विरोधी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। The Economic Times
एक दिन पहले भी उन्हें प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ पुलिस ने धरना खत्म कराते समय हिरासत में लिया था। The Economic Times

कल क्या हुआ था?

6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च पर निकले थे।
पुलिस ने उन्हें निर्वाचन सदन पहुंचने से पहले रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर की ओर चले गए और वहां कई घंटे तक धरना दिया। The Economic Times
दिन भर चले घटनाक्रम के बाद पुलिस ने रात में नेताओं को वहां से हटाया और हिरासत में लिया।

राहुल-प्रियंका पर FIR क्यों दर्ज हुई?

बुधवार सुबह मंगलवार की घटना से जुड़ा एक नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया।

पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज की। 
शिकायत में आरोप लगाया गया कि विपक्षी नेताओं ने मार्च रोके जाने के बाद बिना आवश्यक अनुमति परिसर में प्रवेश किया।
यह पुलिस की ओर से लगाया गया आरोप है; मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बाकी है।

FIR पर राहुल बोले—‘हर FIR मेरे लिए मेडल’

FIR को लेकर राहुल गांधी ने बुधवार को तीखा जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 FIR हैं और वह चाहते हैं कि संख्या 100 हो जाए।
राहुल ने कहा कि उनके लिए हर FIR एक “मेडल” की तरह है। 
यह राहुल गांधी का राजनीतिक बयान है।

लंच मीट में क्या तय हुआ था?

बुधवार दोपहर विपक्षी सांसद खड़गे की ओर से बुलाई गई बैठक में जुटे थे।
इस बैठक का मकसद CEC और SIR विवाद पर आगे की रणनीति तय करना था। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन जंतर-मंतर पर ले जाने का फैसला किया। The Economic Times
यानी दोपहर तक जो बैठक बंद कमरे में रणनीति तैयार करने के लिए थी, शाम होते-होते वह फिर सड़क पर विरोध में बदल गई।

विपक्ष आखिर मांग क्या रहा है?

विपक्ष की प्रमुख मांग CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।
इसके साथ विपक्ष SIR, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। Reuters
ये विपक्षी दलों के आरोप हैं।
मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है और अदालत ने चुनाव आयोग तथा संबंधित अधिकारियों से कुछ फैसलों की प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा है। अदालत ने फिलहाल CEC को निलंबित करने का अंतरिम आदेश नहीं दिया है। 

चुनाव आयोग का क्या पक्ष है?

एक दिन पहले हुए विवाद पर चुनाव आयोग ने कहा था कि मंगलवार शाम 4 बजे से पहले किसी राजनीतिक दल की ओर से आयोग से मुलाकात का औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था।

आयोग के मुताबिक बाद में पुलिस के जरिए जानकारी मिली कि सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है। आयोग ने यह भी कहा कि उसकी निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक राजनीतिक दलों को अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए appointment लेना होता है। 
आयोग ने वरिष्ठ अधिकारी को सांसदों के पास भेजकर ज्ञापन लेने का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे सांसदों ने स्वीकार नहीं किया। The Indian Express
इसलिए विपक्ष और चुनाव आयोग—दोनों की मंगलवार की घटना को लेकर अलग-अलग व्याख्या है।

BNSS की धारा 163 क्यों महत्वपूर्ण?

नई दिल्ली के संवेदनशील हिस्सों में BNSS की धारा 163 लागू होने की वजह से बिना अनुमति बड़े जमावड़े और जुलूस पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं।
इसी आधार पर पुलिस जंतर-मंतर की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को रोक रही थी। Indian Express - Bangla
पुलिस पहले से ही सांसदों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के लिए बसें तथा अतिरिक्त बल तैनात किए हुए थी।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई

राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही जंतर-मंतर के आसपास मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने detention शुरू कर दिया था।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग पुलिस बसों में बैठाकर वहां से हटाया गया।

क्या पुलिस ने लाठीचार्ज किया?

कुछ विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया।
लेकिन इसे स्थापित तथ्य की तरह नहीं लिखा जाना चाहिए। फिलहाल इसे संबंधित नेताओं के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। The Times of India
पुलिस की ओर से आज शाम इस विशेष आरोप पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

SP क्यों नहीं पहुंची?

आज के घटनाक्रम का एक राजनीतिक पहलू समाजवादी पार्टी की गैरमौजूदगी भी रहा।
SP न तो दोपहर की लंच मीट में दिखाई दी और न ही शाम के प्रदर्शन में शामिल हुई। AajTak
सूत्रों के मुताबिक पार्टी को कार्यक्रम के लिए उचित तरीके से invitation और communication नहीं मिलने की शिकायत थी।
हालांकि SP ने तत्काल आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई विस्तृत वजह घोषित नहीं की। इसलिए इसे “SP ने INDIA ब्लॉक छोड़ दिया” जैसे निष्कर्ष से नहीं जोड़ना चाहिए।

एक दिन पहले साथ थे अखिलेश यादव

SP की आज की अनुपस्थिति इसलिए भी चर्चा में आई क्योंकि एक दिन पहले अखिलेश यादव विपक्षी मार्च में शामिल हुए थे और उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इसी कारण बुधवार को SP नेताओं के न पहुंचने को लेकर सवाल उठे।
लेकिन एक कार्यक्रम से गैरमौजूदगी गठबंधन टूटने का प्रमाण नहीं है।

राहुल-प्रियंका के प्रदर्शन पर सहयोगी दलों में भी सवाल?

मंगलवार को राहुल और प्रियंका के अचानक आकाशवाणी भवन पहुंचकर लंबा धरना शुरू करने को लेकर कुछ सहयोगी दलों के भीतर coordination से जुड़े सवाल भी उठे।
इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने सहयोगी दलों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश की और बुधवार की लंच बैठक इसी पृष्ठभूमि में आयोजित की गई। Loksatta
इसलिए बुधवार का प्रदर्शन सिर्फ CEC विवाद ही नहीं, विपक्षी गठबंधन के अंदर coordination की भी परीक्षा बन गया।

क्या विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पहुंच पाए?

दिन की योजना जंतर-मंतर पर धरना देने की थी, लेकिन पुलिस ने सांसदों और कार्यकर्ताओं की आवाजाही रोक दी।
राहुल गांधी हिरासत में लिए गए और प्रियंका गांधी सड़क पर लेटकर विरोध करती दिखाई दीं। 
इस वजह से प्रस्तावित प्रदर्शन नियोजित तरीके से नहीं हो सका।

आंदोलन लगातार क्यों बढ़ रहा है?

पिछले कुछ दिनों से CEC और SIR के मुद्दे पर दिल्ली में लगातार अलग-अलग समूह प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के अलग-अलग कार्यक्रमों के कारण पुलिस के लिए भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था संभालना लगातार चुनौती बना हुआ है।
अब विपक्ष के शीर्ष नेताओं की लगातार हिरासत ने विवाद को और राजनीतिक महत्व दे दिया है।

आगे क्या हो सकता है?

इस पूरे मामले में अब चार चीजों पर नजर रहेगी:
क्या विपक्ष तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखता है?
क्या CEC विपक्षी सांसदों को औपचारिक मुलाकात का समय देते हैं?
राहुल-प्रियंका के खिलाफ दर्ज FIR में आगे क्या कार्रवाई होती है?
और SP समेत दूसरे सहयोगी दल अगले कार्यक्रम में शामिल होते हैं या नहीं?
इनका जवाब इस आंदोलन के अगले चरण की दिशा तय करेगा।
CEC ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विपक्ष का आंदोलन दूसरे दिन भी पुलिस हिरासत तक पहुंच गया। राहुल गांधी को फिर हिरासत में लिया गया, जबकि प्रियंका गांधी सड़क पर लेटकर विरोध करती नजर आईं। एक दिन पहले के धरने को लेकर राहुल-प्रियंका पर FIR भी दर्ज हो चुकी है। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि औपचारिक मुलाकात के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। अब इस राजनीतिक टकराव का अगला पड़ाव इस बात पर निर्भर करेगा कि बातचीत का रास्ता खुलता है या विपक्ष अपना सड़क आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रखता है।

About The Author

Related Posts

Advertisement

LatestNews

‘कितनी भी कोशिश कर लो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे’: अभिजीत दीपके को रामदास आठवले की सीधी चुनौती
जंतर-मंतर से पहले राहुल फिर हिरासत में, सड़क पर लेटीं प्रियंका; दूसरे दिन भी पुलिस से टकराव
‘10 हजार में वोट मत बेचिए’: PK का बड़ा बयान, बोले—सम्राट चौधरी को हटाना है तो बदलाव के लिए वोट करें
लंच के बाद फिर सड़क पर विपक्ष: राहुल-खड़गे जंतर-मंतर पहुंचे, बोले—‘हर FIR मेरे लिए मेडल’
‘देश में Civil War चाहते हैं?’ CJP नेता सौरव दास का बड़ा आरोप—10 अक्टूबर के प्रदर्शन में हमले की साजिश
गिरफ्तारी के अगले दिन रो पड़े हुमायूं कबीर: राजनीति छोड़ने के संकेत, बोले—रेजीनगर में BJP जीतेगी
योगी के ‘80-20’ पर अखिलेश का पलटवार: बोले—108 मनकों पर ‘PDA’ लिखकर जाप करें; 5 सेकंड का वीडियो शेयर