‘सब बातें खोल दूंगा तो खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी’, अखिलेश यादव पर जयंत चौधरी का बड़ा हमला; बोले- ‘SP नहीं, PC है’
RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुराने गठबंधन की कई बातें सार्वजनिक कर दीं तो उन्हें खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश ‘SP नहीं, PC’ हैं और सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस-सोशल मीडिया की राजनीति करते हैं।
UP चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। जयंत चौधरी ने कहा कि जब RLD और SP साथ थे, तब की कई बातें ऐसी हैं जिन्हें वे सार्वजनिक नहीं करना चाहते, लेकिन अगर सब खोल दिया तो अखिलेश यादव के लिए “खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी।” उन्होंने SP पर तंज कसते हुए कहा कि “वो SP नहीं, PC हैं” और आरोप लगाया कि अखिलेश आंदोलन या सड़क की राजनीति के बजाय प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया तक सीमित रहते हैं।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | उत्तर प्रदेश | 14 सितंबर 2026
खबर में खास
- जयंत चौधरी बोले- सब बातें खोल दीं तो खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी
- अखिलेश यादव पर हल्की राजनीति करने का लगाया आरोप
- तंज- ‘SP नहीं, PC हैं’, सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं
- ‘चवन्नी’ वाले बयान के बाद दोनों नेताओं में लगातार बढ़ रही तकरार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग अब बेहद तीखी हो गई है।
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर ऐसा हमला बोला है जिसने UP की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
पत्रकारों से बातचीत में जयंत ने कहा कि जब RLD और समाजवादी पार्टी साथ थे, तब कई ऐसी बातें हुई थीं जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाता।
इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर वह उन सारी बातों को खोल दें तो अखिलेश यादव के लिए “यहां खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी।”
‘बहुत सारी बातें हैं, जिन्हें बताया नहीं जाता’
जयंत चौधरी ने कहा कि NDA में जाने से पहले उनका अखिलेश यादव के साथ राजनीतिक साझा था।
उन्होंने कहा कि गठबंधन के दौरान कई तरह की बातें होती हैं जिन्हें सार्वजनिक मंच पर नहीं रखा जाता।
जयंत ने संकेत दिया कि उनके पास उस दौर से जुड़ी ऐसी जानकारी है जिसे उन्होंने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है।
उनका यह बयान राजनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किन “बातों” की ओर इशारा कर रहे थे।
इसलिए इन्हें किसी कथित “सीक्रेट” या ठोस खुलासे के रूप में नहीं, बल्कि जयंत चौधरी की राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखना उचित है।
‘SP नहीं, PC हैं’
जयंत चौधरी का दूसरा बयान भी चर्चा में है।
उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि “वो SP नहीं, PC हैं।”
यहां ‘PC’ से उनका इशारा Press Conference की ओर था।
जयंत ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पोस्ट तो करते हैं, लेकिन सड़क पर आंदोलन या जनसभा की राजनीति नहीं करते।
उन्होंने कहा कि अखिलेश विपक्ष की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन आंदोलन के स्तर पर दिखाई नहीं देते।
‘हल्केपन से बात करना ठीक नहीं’
जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव की भाषा और बयानबाजी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जिस हल्केपन से बातें की जा रही हैं, वह राजनीतिक रूप से ठीक नहीं है।
जयंत ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उनका सम्मान सीटों की संख्या से तय नहीं होता।
उनके मुताबिक RLD को एक भी सीट मिले या ज्यादा सीटें मिलें, इससे चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत और सम्मान कम नहीं होता।
‘चवन्नी’ वाले बयान से शुरू हुई नई तकरार
इस ताजा जुबानी जंग की पृष्ठभूमि अखिलेश यादव के पुराने बयान से जुड़ी है।
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए कहा था कि गठबंधन में कुछ लोगों को “चवन्नी से रुपया” बनाया गया, लेकिन वे फिर भी साथ छोड़कर चले गए।
इस टिप्पणी को जयंत चौधरी और RLD पर निशाने के रूप में देखा गया।
इसके बाद जयंत ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए।
उन्होंने पहले इस बयान को जाट समाज और चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जोड़ते हुए नाराजगी जताई थी।
G-J और S-P वाले बयान से भी बढ़ी थी तल्खी
इस विवाद के बीच जयंत चौधरी ने सहारनपुर की एक रैली में कहा था कि राजनीति ABCD पर खत्म नहीं होती।
उन्होंने ‘G’ को गन्ना और ‘J’ से जोड़ते हुए कहा था कि विरोधियों को G और J में ही उलझा देंगे और S-P तक पहुंचने नहीं देंगे।
इसके बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
इस तरह पिछले कुछ हफ्तों से अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
सीट बंटवारे पर भी भिड़े दोनों नेता
ताजा विवाद का एक कारण सीटों को लेकर हुई टिप्पणी भी है।
रिपोर्टों के मुताबिक अखिलेश यादव की ओर से RLD की संभावित सीटों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी के बाद पत्रकारों ने जयंत चौधरी से सवाल किया।
यहीं से जयंत ने पुराने गठबंधन की बातें खोलने वाली चेतावनी दी।
जयंत चौधरी ने साफ कहा कि 2027 का चुनाव NDA के घटक दल मिलकर लड़ेंगे और उनकी प्राथमिकता विकास तथा गठबंधन की साझा रणनीति होगी।
सपा ने भी किया पलटवार
जयंत चौधरी के ताजा बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है।
SP प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने RLD पर पलटवार करते हुए उसे “डेढ़ जिले की पार्टी” कहा और जयंत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
इससे साफ है कि अब यह मामला सिर्फ दो नेताओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों पार्टियों के प्रवक्ता और संगठन भी खुलकर आमने-सामने आ रहे हैं।
2022 में साथ, 2027 से पहले आमने-सामने
2022 के विधानसभा चुनाव में SP और RLD ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और मुस्लिम मतदाताओं के समीकरण के लिहाज से यह गठबंधन महत्वपूर्ण माना गया था।
लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले RLD ने SP से दूरी बनाकर NDA का साथ चुन लिया।
अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियां अलग-अलग खेमों में हैं और पुराना गठबंधन लगातार राजनीतिक हमलों का विषय बन रहा है।
क्या सच में कोई बड़ा खुलासा करेंगे जयंत?
जयंत चौधरी ने इतना जरूर कहा है कि उनके पास पुराने गठबंधन की कई बातें हैं।
लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वे बातें किस विषय से संबंधित हैं और क्या वे वास्तव में उन्हें सार्वजनिक करेंगे।
इसलिए सोशल मीडिया पर इसे “अखिलेश का सीक्रेट” बताना फिलहाल अटकलबाजी होगी।
अभी तथ्य इतना ही है कि जयंत चौधरी ने पुरानी बातें खोलने की राजनीतिक चेतावनी दी है।
2027 का चुनाव नजदीक आने के साथ अब सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव इस बयान का जवाब देंगे या SP-RLD की यह जुबानी जंग और तीखी होगी।
