राघव चड्ढा के BJP में जाने पर पहली बार खुलकर बोले केजरीवाल- ‘अब राज्यसभा भेजने से पहले 100 बार ठोक-बजाकर देखेंगे’
राघव चड्ढा समेत AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में जाने पर अरविंद केजरीवाल ने इसे पार्टी के लिए बड़ी सीख बताया। उन्होंने कहा कि आगे किसी को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी विश्वसनीयता को ‘100 बार ठोक-बजाकर’ जांचा जाएगा।
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AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के BJP में जाने पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और पार्टी के साथ धोखा बताते हुए कहा कि इन नेताओं को जनता ने नहीं, AAP ने राज्यसभा भेजा था। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से पार्टी ने सबक लिया है और भविष्य में किसी को राज्यसभा भेजने से पहले उसकी विश्वसनीयता की ‘100 बार’ जांच की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 14 सितंबर 2026
खबर में खास
- राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के जाने पर बोले अरविंद केजरीवाल
- कहा- पार्टी के साथ हुआ धोखा, लेकिन इससे हमने सीख ली
- अब राज्यसभा उम्मीदवार की विश्वसनीयता की होगी कड़ी जांच
- अप्रैल में AAP के 7 राज्यसभा सांसद BJP में हुए थे शामिल
आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के एक साथ BJP में जाने के करीब पांच महीने बाद पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर बात की है।
राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत सात सांसदों के पार्टी छोड़ने को केजरीवाल ने दुर्भाग्यपूर्ण और AAP के साथ धोखा बताया।
साथ ही उन्होंने माना कि इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी को एक बड़ी राजनीतिक सीख दी है।
केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में किसी को भी राज्यसभा भेजने से पहले पार्टी उसकी विश्वसनीयता को “100 बार ठोक-बजाकर” देखेगी कि व्यक्ति सही है या नहीं।
‘उन्हें जनता ने नहीं, पार्टी ने राज्यसभा भेजा था’
अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर BJP में गए सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जनता ने राज्यसभा नहीं भेजा था, बल्कि आम आदमी पार्टी ने भेजा था।
केजरीवाल ने इसे पार्टी के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि AAP ने उनके साथ धोखा नहीं किया, बल्कि उन्होंने पार्टी को धोखा दिया।
‘अब 100 बार ठोक-बजाकर देखेंगे’
केजरीवाल के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भविष्य में राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर है।
उन्होंने माना कि पार्टी को इस घटनाक्रम से सीख मिली है।
केजरीवाल ने कहा कि आगे किसी व्यक्ति को राज्यसभा भेजने से पहले पार्टी “100 बार ठोक-बजाकर” देखेगी कि वह व्यक्ति विश्वसनीय है या नहीं।
इस बयान से संकेत मिलता है कि AAP आने वाले समय में राज्यसभा टिकट देने की अपनी प्रक्रिया को ज्यादा सख्त कर सकती है।
अप्रैल में AAP को लगा था बड़ा झटका
24 अप्रैल 2026 को AAP के लिए बड़ा राजनीतिक झटका उस समय आया था जब उसके 10 राज्यसभा सांसदों में से सात ने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थाम लिया।
इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल थे।
बाद में राज्यसभा सभापति ने इन सात सांसदों के BJP में शामिल होने को मंजूरी दी और राज्यसभा की BJP सांसदों की सूची में उनके नाम शामिल किए गए।
राघव चड्ढा कभी थे AAP के प्रमुख चेहरों में शामिल
राघव चड्ढा का पार्टी छोड़ना इसलिए भी ज्यादा चर्चा में रहा क्योंकि वह लंबे समय तक अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद और AAP के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाते थे।
वह दिल्ली में विधायक रहने के साथ पंजाब में AAP की चुनावी रणनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे और बाद में पंजाब से राज्यसभा भेजे गए थे।
लेकिन अप्रैल 2026 में उन्होंने छह अन्य सांसदों के साथ AAP छोड़कर BJP में जाने की घोषणा कर दी।
AAP पर राघव चड्ढा ने क्या लगाए थे आरोप?
BJP में शामिल होते समय राघव चड्ढा ने अपनी पुरानी पार्टी पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए थे।
उन्होंने दावा किया था कि AAP अपने शुरुआती सिद्धांतों और ईमानदार राजनीति के रास्ते से भटक चुकी है।
AAP ने इन आरोपों को स्वीकार करने के बजाय सात सांसदों के कदम को पार्टी के साथ विश्वासघात बताया था।
अब केजरीवाल ने एक बार फिर इसी घटनाक्रम को ‘धोखा’ बताते हुए भविष्य के लिए सबक लेने की बात कही है।
अब AAP के कितने राज्यसभा सांसद?
सात सांसदों के BJP में जाने से राज्यसभा में AAP की ताकत में बड़ी कमी आई।
इस घटनाक्रम के बाद AAP के पास राज्यसभा में तीन सांसद—संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल रह गए।
यही वजह है कि यह मामला सिर्फ नेताओं के पार्टी बदलने तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे संसद के उच्च सदन में AAP की संख्या पर भी सीधा असर पड़ा।
केजरीवाल ने विधायकों का भी किया जिक्र
केजरीवाल ने दावा किया कि राज्यसभा सांसदों के मामले के उलट अलग-अलग राज्यों में पार्टी के निर्वाचित विधायकों ने दबाव और दल-बदल की कोशिशों के बावजूद AAP का साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने दिल्ली, गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात का उदाहरण देते हुए पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों की निष्ठा का जिक्र किया।
यह केजरीवाल का राजनीतिक दावा है और इसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए।
गोवा में दिया केजरीवाल ने बयान
अरविंद केजरीवाल ने ये बातें गोवा में कहीं, जहां AAP ने Goa Forward Party (GFP) के साथ 2027 विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की घोषणा की है।
इसी दौरान उनसे AAP के सात राज्यसभा सांसदों के BJP में चले जाने को लेकर सवाल किया गया था।
जवाब में केजरीवाल ने माना कि राज्यसभा के मामले में जो हुआ, वह पार्टी के लिए एक सीख है।
आगे किसे राज्यसभा भेजेगी AAP?
केजरीवाल के बयान के बाद अब एक स्वाभाविक सवाल यह भी उठता है कि भविष्य में AAP अपने राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन किस आधार पर करेगी।
उन्होंने फिलहाल किसी नए नाम की घोषणा नहीं की है।
लेकिन “100 बार ठोक-बजाकर” उम्मीदवार चुनने वाला बयान यह साफ करता है कि पार्टी भविष्य के राज्यसभा टिकटों को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहने का संदेश दे रही है।
राघव चड्ढा जैसे कभी बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले चेहरे के पार्टी छोड़ने के बाद AAP के सामने अब चुनौती सिर्फ नए नेताओं को चुनने की नहीं, बल्कि उनकी दीर्घकालिक राजनीतिक निष्ठा परखने की भी है।
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