‘गोली मार दूंगा, योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे’, BJP नेता का पंचायत सचिव पर धमकी देने का आरोप; शाहजहांपुर में केस दर्ज
शाहजहांपुर में BJP नेता श्यामनारायण मिश्रा ने पंचायत सचिव अवनीश सिंह पर फोन पर गाली-गलौज और गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सचिव ने कहा- ‘योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे।’ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यूपी के शाहजहांपुर में मृत्यु प्रमाणपत्र की जानकारी लेने के लिए किए गए एक फोन के बाद विवाद खड़ा हो गया। BJP नेता श्यामनारायण मिश्रा का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश सिंह ने उनसे अभद्रता की और गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। तहरीर में आरोप है कि अधिकारी ने यहां तक कहा कि ‘योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे’। निगोही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | शाहजहांपुर | 14 सितंबर 2026
खबर में खास
- मृत्यु प्रमाणपत्र की जानकारी लेने के लिए BJP नेता ने किया था फोन
- पंचायत सचिव पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
- तहरीर में दावा- कहा ‘योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे’
- निगोही थाने में मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक मृत्यु प्रमाणपत्र की जानकारी लेने के लिए किया गया फोन बड़े विवाद में बदल गया।
आरोप है कि BJP नेता ने जब ग्राम पंचायत अधिकारी से लंबित मृत्यु प्रमाणपत्र के बारे में पूछा तो अधिकारी नाराज हो गए और फोन पर ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
मामला यहीं नहीं रुका। BJP नेता श्यामनारायण मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने उन्हें गोली मारकर हत्या करने की धमकी तक दे दी।
तहरीर में इससे भी गंभीर आरोप लगाया गया है। दावा है कि पंचायत अधिकारी ने कहा कि “योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे” और जहां मिलेंगे, वहीं गोली मार देंगे।
मामले में निगोही थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
मृत्यु प्रमाणपत्र से शुरू हुआ पूरा विवाद
मामला शाहजहांपुर जिले के निगोही थाना क्षेत्र का है।
रिपोर्ट के मुताबिक 12 सितंबर को परसरा-परसरी गांव के विजय सिंह BJP नेता श्यामनारायण मिश्रा के पास पहुंचे थे।
विजय सिंह ने अपने पिता प्रेमपाल सिंह का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने से जुड़ी समस्या उनके सामने रखी।
उनका कहना था कि मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत सिकटोरा के ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश सिंह के पास लंबित है।
BJP नेता ने पंचायत अधिकारी को किया फोन
समस्या जानने के बाद श्यामनारायण मिश्रा ने ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश सिंह को फोन किया।
BJP नेता ने उनसे मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित रहने की वजह पूछी।
आरोप है कि इसी बातचीत के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी नाराज हो गए और फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
‘गोली मारकर हत्या कर दूंगा’
श्यामनारायण मिश्रा की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि विरोध करने पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
तहरीर के मुताबिक अधिकारी ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने की बात कही और दावा किया कि “योगी बाबा भी बचाने नहीं आएंगे।”
इतना ही नहीं, BJP नेता का आरोप है कि उन्हें यह भी कहा गया कि जहां मिलेंगे, वहीं गोली मार दी जाएगी।
ये सभी बातें BJP नेता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
थाने पहुंचा मामला, जुटे जनप्रतिनिधि
धमकी का आरोप लगने के बाद मामला निगोही थाने पहुंच गया।
रिपोर्ट के मुताबिक थाने में कई लोगों के जुटने की चर्चा रही और कुछ जनप्रतिनिधि भी वहां पहुंचे।
सदर सीओ शुभम वर्मा भी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक बातचीत चली, लेकिन समझौता नहीं होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
BDO और ब्लॉक प्रमुख को भी दी जानकारी
श्यामनारायण मिश्रा ने घटना की जानकारी खंड विकास अधिकारी यानी BDO और निगोही ब्लॉक प्रमुख भानू प्रताप सिंह को भी दी।
इसके बाद रविवार को वह निगोही थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर सौंपी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सदर सीओ शुभम वर्मा के मुताबिक केस दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है।
अब पुलिस के सामने सबसे अहम काम फोन पर हुई कथित बातचीत और BJP नेता द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करना है।
पंचायत सचिव का पक्ष सामने आना बाकी
उपलब्ध रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश सिंह का विस्तृत पक्ष प्रकाशित नहीं है।
ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित फोन कॉल में वास्तव में क्या बातचीत हुई और विवाद किस परिस्थिति में इतना बढ़ा।
पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
‘योगी बाबा’ वाली बात से बढ़ी चर्चा
यह मामला एक सरकारी प्रमाणपत्र को लेकर शुरू हुए विवाद से जुड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर धमकी देने के आरोप के कारण इसने ज्यादा ध्यान खींचा है।
एक तरफ शिकायतकर्ता सत्तारूढ़ BJP से जुड़ा बताया गया है, वहीं दूसरी तरफ आरोप एक ग्राम पंचायत अधिकारी पर है।
फिलहाल मुकदमा दर्ज हो चुका है और अब पुलिस जांच तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है
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