‘सड़क बनेगी तो धंसेगी…’, केशव मौर्य के बयान पर अखिलेश का करारा तंज—‘फिर उखड़ जाएंगे डिप्टी!’
राम वन गमन मार्ग की सड़क धंसने पर डिप्टी सीएम ने बारिश का दिया हवाला; गुणवत्ता खराब मिलने पर जांच और दोषियों पर कार्रवाई की कही बात
राम वन गमन मार्ग की सड़क धंसने पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो साझा कर इसे भाजपा सरकार के भविष्य से जोड़ते हुए तीखा तंज कसा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आमने-सामने आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह प्रयागराज के शृंग्वेरपुर में राम वन गमन मार्ग की सड़क धंसने और उस पर केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया है।
डिप्टी सीएम ने सड़क से जुड़े सवाल पर कहा था कि सड़क बनेगी तो धंसेगी और धंसने के बाद उसे दोबारा बनाया जाएगा। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अखिलेश यादव ने इसे भाजपा सरकार के भविष्य से जोड़ते हुए राजनीतिक हमला कर दिया।
अखिलेश यादव ने क्या लिखा?
अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य के बयान का वीडियो अपने आधिकारिक X अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने सवाल किया कि डिप्टी सीएम सड़क के बारे में बोल रहे हैं या अपनी सरकार के भविष्य के बारे में?
इसके बाद अखिलेश ने तंज कसते हुए लिखा, “फिर उखड़ जाएंगे डिप्टी!” अखिलेश यादव की X पोस्ट
अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लगातार दावा कर रही है कि अगले चुनाव में भाजपा सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी।
केशव मौर्य ने सड़क पर क्या कहा था?
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से प्रयागराज दौरे के दौरान शृंग्वेरपुर में राम वन गमन मार्ग की सड़क धंसने का वीडियो वायरल होने पर सवाल पूछा गया था।
इस पर उन्होंने कहा कि सड़क बनेगी तो धंसेगी और धंसने के बाद दोबारा बनेगी। केशव मौर्य ने बारिश का हवाला देते हुए कहा कि अधिक वर्षा के कारण केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि नेपाल में बड़े-बड़े पुल तक गिर गए।
डिप्टी सीएम ने आगे यह भी कहा कि अगर किसी सड़क के निर्माण में गुणवत्ता खराब पाई जाएगी तो जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई सड़क धंसी है तो उसकी मरम्मत और सुधार कराया जाएगा। केशव मौर्य के पूरे बयान की रिपोर्ट
किस सड़क को लेकर हुआ विवाद?
यह मामला प्रयागराज के शृंग्वेरपुर क्षेत्र में बनाए जा रहे राम वन गमन मार्ग से जुड़ा बताया जा रहा है। इस सड़क के एक हिस्से के धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
वीडियो में सड़क के किनारे का हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा था। इसके बाद निर्माण की गुणवत्ता और परियोजना की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे। इसी मामले पर पत्रकारों ने केशव प्रसाद मौर्य से जवाब मांगा था।
हालांकि, सड़क किस तकनीकी कारण से धंसी, इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगा। इसे केवल भ्रष्टाचार का परिणाम बताने के लिए अभी किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हुई है।
बयान का छोटा हिस्सा हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर केशव प्रसाद मौर्य के बयान का मुख्य रूप से वही हिस्सा वायरल हुआ, जिसमें वह सड़क बनने और धंसने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।
इस छोटे वीडियो को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। हालांकि, डिप्टी सीएम के पूरे बयान में बारिश का उल्लेख करने के साथ खराब निर्माण गुणवत्ता मिलने पर जांच और कार्रवाई की बात भी कही गई थी।
इसलिए बयान की रिपोर्टिंग करते समय उसका पूरा संदर्भ देना आवश्यक है। विपक्ष इसे सरकार की लापरवाही से जोड़ रहा है, जबकि केशव मौर्य का कहना है कि बारिश से सड़क क्षतिग्रस्त हो सकती है और खराब गुणवत्ता मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सड़क से सरकार तक पहुंचा अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने केशव मौर्य के बयान के शब्दों को ही भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक हथियार बना लिया। उन्होंने सड़क के धंसने और दोबारा बनने की बात को सरकार के सत्ता से हटने से जोड़ दिया।
अखिलेश की टिप्पणी में इस्तेमाल किया गया ‘उखड़ जाएंगे डिप्टी’ शब्द सीधे केशव प्रसाद मौर्य पर व्यक्तिगत राजनीतिक तंज माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच पहले भी विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर तीखी बयानबाजी होती रही है।
सपा अध्यक्ष कई बार केशव मौर्य को भाजपा के विधायकों के साथ आने पर मुख्यमंत्री बनाने का कथित ऑफर देकर भी तंज कस चुके हैं। वहीं केशव मौर्य लगातार दावा करते रहे हैं कि 2027 में भाजपा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी।
स्कूलों के मुद्दे पर भी केशव ने सपा को घेरा
इसी बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल बंद किए जाने के सपा के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कोई स्कूल बंद नहीं कर रही और वर्तमान सरकार में प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति बेहतर हुई है।
उन्होंने अखिलेश सरकार के कार्यकाल की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सपा पर नकल को बढ़ावा देने और शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। ये आरोप केशव प्रसाद मौर्य के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
सपा का दावा है कि सरकार हजारों सरकारी स्कूलों का विलय या बंद करने की तैयारी कर रही है। वहीं प्रदेश सरकार का कहना है कि विद्यालयों को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का पेयरिंग के माध्यम से पुनर्गठन किया जा रहा है।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आने के साथ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी लड़ाई लगातार तेज हो रही है। सड़क, स्कूल, आरक्षण, PDA और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों पार्टियां एक-दूसरे को घेर रही हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को सत्ता के लिए 2047 तक इंतजार करना पड़ेगा और वर्ष 2027 में सपा के लिए कोई संभावना नहीं है। दूसरी ओर, अखिलेश लगातार दावा कर रहे हैं कि भाजपा सरकार अगले चुनाव में सत्ता से बाहर हो जाएगी।
सड़क धंसने पर शुरू हुआ यह विवाद अब सड़क की गुणवत्ता से आगे बढ़कर 2027 के चुनावी मुकाबले और भाजपा सरकार के भविष्य तक पहुंच गया है।
