नियुक्ति पत्र पाने वाले शिक्षकों से ज्वाइनिंग के नाम पर मांगे पैसे तो होगी जेल, CM योगी की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3,567 नवनियुक्त शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि ज्वाइनिंग के बदले पैसे मांगने वाले विद्यालय प्रबंधकों को जेल भेजा जाएगा।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र दिए। सीएम ने कहा कि तैनाती के नाम पर पैसे मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 22 सितंबर 2026
लखनऊ में नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
खबर में खास
3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को मिले नियुक्ति पत्र
ज्वाइनिंग के नाम पर पैसे मांगने पर होगी कार्रवाई
आरोपी विद्यालय प्रबंधक को भेजा जाएगा जेल
माध्यमिक शिक्षा विभाग को निगरानी के निर्देश
चयनित अभ्यर्थियों से बिना डर शिकायत करने को कहा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की ज्वाइनिंग को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी चयनित शिक्षक या प्रधानाचार्य से तैनाती के बदले पैसे मांगे गए तो संबंधित विद्यालय प्रबंधक को जेल भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि नवनियुक्त शिक्षकों की तैनाती पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जाए। किसी भी अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
3,567 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षक शामिल हैं। चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पूरी की गई है। नियुक्ति पाने वालों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष बताए गए हैं।
पैसे मांगे तो प्रबंधक जाएगा जेल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी चयनित शिक्षक या प्रधानाचार्य से तैनाती के नाम पर पैसा नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने साफ कहा कि अगर विद्यालय का कोई प्रबंधक नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थी से ज्वाइनिंग के लिए पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा।
सीएम योगी ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और सभी संबंधित विद्यालयों तक स्पष्ट संदेश पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रबंधकों को भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने विद्यालय प्रबंधकों से कहा कि यदि नियुक्ति या तैनाती से जुड़ी कोई वास्तविक समस्या है तो वे शासन से संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्या का समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
हालांकि किसी भी समस्या के नाम पर चयनित अभ्यर्थी को परेशान करने या उससे पैसे मांगने की अनुमति नहीं होगी।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने चयनित अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें तैनाती के लिए किसी व्यक्ति को पैसा देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या विद्यालय प्रबंधक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत विभाग से की जा सकती है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग को ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि चयन और तैनाती की पूरी प्रक्रिया योग्यता तथा नियमों के आधार पर पूरी की जाएगी।
खाली पदों को भरने की कोशिश
प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के कई पद खाली थे। नए शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के विभिन्न पदों पर 48 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन या नियुक्ति की गई है।
चयनित शिक्षकों से ईमानदारी की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई कराने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण भी करते हैं।
सरकार ने नवनियुक्त शिक्षकों से विद्यालयों में अनुशासन, बेहतर पढ़ाई और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की उम्मीद जताई है।