‘सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित नहीं तो बड़ी योजनाओं का क्या फायदा?’ जमुई कांड पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी के वायरल वीडियो पर प्रियंका गांधी ने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने को कहा।
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी से बदसलूकी के मामले पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को भयावह बताते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती तो बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की बात का क्या फायदा है।
‘सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित नहीं तो बड़ी योजनाओं का क्या फायदा?’ जमुई कांड पर प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
जमुई कांड पर प्रियंका गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों से सवाल किया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 22 सितंबर 2026
खबर में खास
जमुई कांड पर प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया
महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर जताई चिंता
केंद्र और राज्य सरकारों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
वायरल वीडियो के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ हुई बदसलूकी का मामला अब महिला सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे भयावह बताया और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई।
प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि अगर महिलाओं के लिए सड़कों पर सुरक्षित माहौल ही सुनिश्चित नहीं किया जा सकता तो बड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की बात करने का क्या अर्थ रह जाता है।
उन्होंने केंद्र के साथ सभी राज्य सरकारों से महिला सुरक्षा को गंभीरता से लेने और ऐसा माहौल बनाने की अपील की जिसमें महिलाएं बिना डर के बाहर निकल सकें।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
वायनाड दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने हाल में सामने आई महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पहले भी चिंता का विषय रही है, लेकिन अब हिंसा की घटनाएं अधिक गंभीर होती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने इसे ऐसा मुद्दा बताया जिस पर केंद्र और राज्य सरकारों दोनों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रियंका का जोर इस बात पर था कि विकास योजनाओं के साथ महिलाओं की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
आखिर जमुई में हुआ क्या था?
यह मामला 19 सितंबर की शाम का है।
पुलिस के मुताबिक नाबालिग छात्र और छात्रा कोचिंग से लौट रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। सामने आए वीडियो में दोनों को भीड़ से घिरा देखा गया। लड़के के साथ मारपीट और लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
वीडियो के एक हिस्से में लड़की हाथ जोड़कर वहां मौजूद लोगों से उन्हें जाने देने की गुहार लगाती दिखाई देती है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
वायरल VIDEO के बाद बनी SIT
जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तारी की संख्या पर अलग-अलग समय पर प्रकाशित रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े आए हैं, इसलिए इस खबर को आगे की आधिकारिक पुलिस जानकारी के साथ अपडेट करना जरूरी होगा।
यही इस story का अगला महत्वपूर्ण development है।
महिला आयोग भी आया हरकत में
मामले ने केवल राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, महिला सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं का भी ध्यान खींचा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार के DGP से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। आयोग ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और समयबद्ध निष्पक्ष जांच की बात कही।
इससे पहले राज्य महिला आयोग की ओर से भी मामले का संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
दिल्ली की घटनाओं का भी किया जिक्र
प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया केवल जमुई तक सीमित नहीं थी।
उन्होंने हाल के दिनों में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ सामने आई दूसरी घटनाओं का संदर्भ देते हुए व्यापक स्तर पर महिला सुरक्षा पर चिंता जताई। दिल्ली में सितंबर के दौरान नाबालिग लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा और उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इसलिए उनका बयान जमुई की घटना से शुरू होकर देश में महिलाओं की सार्वजनिक सुरक्षा के व्यापक मुद्दे तक पहुंचता है।
अब आगे क्या?
जमुई मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा SIT की जांच है।
साथ ही वायरल वीडियो में नाबालिगों की पहचान उजागर होने का अलग मुद्दा भी सामने आया है। पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया खातों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जिन्होंने नाबालिगों की पहचान सामने आने वाली सामग्री प्रसारित की।
इस मामले में आगे गिरफ्तारी, SIT की जांच या पुलिस की नई आधिकारिक जानकारी आती है तो इसी मुख्य Jamui coverage को अपडेट करना ज्यादा उपयोगी होगा।