ससुर की रोक-टोक से परेशान बहू ने दी ₹6 लाख की सुपारी? कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा

CCTV फुटेज और डुप्लीकेट चाबी से खुलीं कथित साजिश की परतें; पुलिस ने बहू, पूर्व नौकर और उसके साथी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू पर छह लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू को कथित साजिशकर्ता बताया है। पुलिस का दावा है कि घरेलू रोक-टोक और घर में लगे CCTV कैमरों से नाराज होकर उसने पूर्व नौकर को ₹6 लाख की सुपारी दी थी।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में कारोबारी की बहू शालू पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। दावा है कि घर में लगातार रोक-टोक और CCTV कैमरों के कारण निजता प्रभावित होने से नाराज बहू ने पूर्व नौकर को कथित रूप से छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।

पुलिस ने बहू शालू, कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

फ्लैट में मिला था दवा कारोबारी का शव

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कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने उनकी बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्वीर सांकेतिक/स्रोत के अनुसार।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा नगर की प्लैनेट ऑर्बिट सोसाइटी के एक फ्लैट में रहने वाले 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा का शव रविवार सुबह उनके कमरे में मिला था।

घटना के समय कारोबारी के बेटे और बहू के घर से बाहर होने की बात सामने आई थी। दोनों जब वापस लौटे तो फ्लैट का दरवाजा खुला मिला। अंदर पहुंचने पर विनीत मिनोचा मृत अवस्था में मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए तथा सोसाइटी और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू की। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारी के बेटे की शिकायत पर कल्याणपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

CCTV फुटेज से पूर्व कर्मचारी तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को CCTV फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति फ्लैट में जाते दिखाई दिए। इनमें से एक की पहचान कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम के रूप में की गई। बताया जा रहा है कि विशाल पहले विनीत मिनोचा के यहां काम करता था और परिवार से परिचित था।

पुलिस के मुताबिक, विशाल और उसका साथी राजकिशोर पहले से फ्लैट के अंदर पहुंच गए थे। दोनों कारोबारी के वापस आने का इंतजार करते रहे और उनके घर पहुंचने के बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। बाद में कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान विशाल और राजकिशोर घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उपचार के बाद दोनों से पूछताछ की गई।

पूछताछ में बहू का नाम आने का दावा

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान विशाल ने कारोबारी की बहू शालू का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने शालू से पूछताछ शुरू की और उसके तथा आरोपी के बीच हुई कथित बातचीत, सोसाइटी में प्रवेश से जुड़ी जानकारी और फ्लैट की चाबी जैसे साक्ष्यों की जांच की।

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि बहू ने विशाल को सोसाइटी में दूसरे नाम से प्रवेश दिलाने और फ्लैट के अंदर पहुंचने में सहायता की थी।

जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल डिटेल, आपसी बातचीत, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर कथित साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी हैं।

रोक-टोक और CCTV कैमरों से नाराज होने का दावा

पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित बयान के अनुसार, शालू अपने ससुर की रोक-टोक से परेशान थी। आरोप है कि घर में लगे CCTV कैमरों और कपड़े पहनने, बाहर जाने तथा खर्च करने जैसी बातों पर रोक-टोक को लेकर परिवार में विवाद होता था।

पुलिस का दावा है कि इसी नाराजगी के कारण शालू ने पूर्व कर्मचारी विशाल से संपर्क किया और छह लाख रुपये में ससुर की हत्या की कथित सुपारी दी। जांच में संपत्ति और घरेलू खर्च से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।

डुप्लीकेट चाबी और गलत नाम से एंट्री का आरोप

पुलिस के अनुसार, हमलावरों को फ्लैट में प्रवेश करने के लिए कथित रूप से डुप्लीकेट चाबी उपलब्ध कराई गई थी। सोसाइटी के सुरक्षा रिकॉर्ड में एक आरोपी ने अपना नाम कथित तौर पर ‘शिवम’ दर्ज कराया था।

यही तथ्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बने। CCTV फुटेज, सुरक्षा गार्ड के बयान और आरोपियों की गतिविधियों को मिलाने के बाद जांच का दायरा परिवार के भीतर पहुंचा।

तीनों आरोपियों को भेजा गया जेल

कानपुर पुलिस ने शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह पूरा खुलासा फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपियों से हुई पूछताछ पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं और मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। आजतक की विस्तृत रिपोर्ट

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