UP Election 2027: BJP का बड़ा बूथ प्लान, 17 सितंबर से घर-घर ‘सेवा संकल्प’; लाभार्थी परिवार जलाएंगे ‘आशीर्वाद का दीया’

बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई BJP कोर कमेटी की बैठक में मिशन-2027 और एक महीने के ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर मंथन हुआ। 17 सितंबर से पार्टी युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और लाभार्थियों तक बूथ स्तर पर पहुंचने की तैयारी में है।

UP Election 2027 से पहले BJP सेवा संकल्प अभियान की रणनीति पर बैठक करते पार्टी नेता

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाते हुए बड़े जनसंपर्क अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी 17 सितंबर से एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी। इस दौरान युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक बूथ स्तर पर पहुंचने की रणनीति बनाई गई है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की लड़ाई अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है, लेकिन BJP ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के लखनऊ दौरे के दौरान हुई कोर कमेटी की बैठक में मिशन-2027 के साथ एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का बड़ा फोकस सरकार और संगठन के बीच तालमेल मजबूत करना और पार्टी की योजनाओं को सीधे बूथ और मतदाता तक पहुंचाना रहा।

17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

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यूपी चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर लखनऊ में भाजपा कोर कमेटी की अहम बैठक हुई।

BJP का यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक करीब एक महीने चलेगा। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर की जाएगी। अभियान के जरिए पार्टी और सरकार दोनों स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश में पार्टी का लक्ष्य केवल बड़े राजनीतिक कार्यक्रम करने का नहीं है। रणनीति ऐसी बनाई जा रही है कि कार्यकर्ता सीधे बूथ स्तर पर युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचें।

लाभार्थी परिवारों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रत्येक बूथ पर सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थी परिवार ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करें। यह कार्यक्रम BJP की लाभार्थी राजनीति और बूथ स्तर के जनसंपर्क को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।

पार्टी पिछले कई चुनावों में उज्ज्वला, आवास, मुफ्त राशन, किसान सम्मान निधि और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को महत्वपूर्ण राजनीतिक वर्ग के रूप में देखती रही है। इस बार भी अभियान के केंद्र में इस लाभार्थी वर्ग तक सीधा संपर्क रहेगा।

युवा वोटरों तक पहुंचने के लिए स्कूल-कॉलेज पर फोकस

2027 चुनाव की तैयारी में BJP युवा मतदाताओं पर भी विशेष ध्यान देने जा रही है।

कोर कमेटी की बैठक में स्कूल और कॉलेजों में अलग-अलग प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के जरिए युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही पार्टी ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अभियान को प्रभावी तरीके से प्रचारित करने पर भी जोर दिया है।

यानी BJP की रणनीति दो स्तर पर काम करने की है—एक तरफ बूथ और घर-घर संपर्क, दूसरी तरफ युवा मतदाताओं तक डिजिटल और शैक्षणिक संस्थानों के जरिए पहुंच।

सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर

बीएल संतोष ने बैठक में सरकार और BJP संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सरकार की योजनाओं और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच ऐसा तालमेल बने जिससे सरकारी उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान को लेकर सरकार की तैयारियों की जानकारी साझा की, जबकि प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने संगठन के स्तर पर की गई तैयारी का ब्यौरा रखा।

केशव मौर्य बोले—तीसरी बार सरकार बनाने पर मंथन

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार BJP सरकार बनाने की रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ है।

2027 का चुनाव BJP के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी 2017 और 2022 में लगातार दो विधानसभा चुनाव जीत चुकी है। ऐसे में पार्टी का लक्ष्य सत्ता की हैट्रिक लगाना है, जबकि समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष BJP को रोकने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहा है।

सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं, MLC और राज्यसभा पर भी चर्चा

बैठक केवल 2027 विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रही।

प्रदेश BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी के मुताबिक कोर कमेटी में मिशन-2027 के अलावा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, संगठन के मोर्चा और प्रकोष्ठों के गठन तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।

नवंबर में प्रस्तावित विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव की तैयारियों पर भी मंथन हुआ। इसके साथ राज्यसभा चुनाव और संगठनात्मक नियुक्तियों को जल्द पूरा करने की जरूरत पर चर्चा हुई।

मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन के कार्यक्रमों पर भी नजर

कोर कमेटी की बैठक में आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश में संभावित कार्यक्रमों और दौरों को लेकर भी चर्चा हुई।

इससे साफ है कि आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में BJP के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

बीएल संतोष का कानपुर-बुंदेलखंड पर भी फोकस

लखनऊ की बैठकों के बाद बीएल संतोष का कार्यक्रम कानपुर जाने का भी है, जहां वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इससे पहले भी BJP नेतृत्व अवध और कानपुर-बुंदेलखंड समेत उन इलाकों की जमीन पर खास ध्यान दे रहा है जहां लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी को राजनीतिक नुकसान हुआ था। पार्टी की रणनीति अब बूथ स्तर तक चुनावी समीकरण और संगठन की स्थिति का आकलन करने की है।

मिशन-2027 में बूथ क्यों बना BJP की सबसे बड़ी प्राथमिकता?

चुनाव में बड़े नेताओं की रैलियां माहौल जरूर बनाती हैं, लेकिन वोट को मतदान केंद्र तक पहुंचाने में बूथ संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

इसी वजह से BJP 2027 से पहले अपने बूथ नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने, लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संगठन की मौजूदगी मजबूत करने पर काम कर रही है।

हाल की रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी उन बूथों पर भी अलग रणनीति तैयार कर रही है जहां पिछले चुनावों में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा था।

‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी बड़ी चुनावी तैयारी का शुरुआती चरण माना जा सकता है।

अभी BJP इसे सेवा, जनसंपर्क और सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने का अभियान बता रही है, लेकिन इसकी टाइमिंग और बूथ स्तर की तैयारी को देखते हुए मिशन-2027 का राजनीतिक गणित भी इसके पीछे साफ दिखाई देता है।

अब बड़ा सवाल यह है—क्या लाभार्थियों, महिलाओं और युवा मतदाताओं पर BJP का यह बूथ फॉर्मूला 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता दिला पाएगा, या विपक्ष इसकी काट निकाल लेगा?

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