पहले अखिलेश, अब राहुल गांधी से मिले लोकदल अध्यक्ष; UP चुनाव में मांगी 35 सीटें, बोले- 2029 में PM बनाना है
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने राहुल गांधी से करीब आधे घंटे मुलाकात की और UP चुनाव के लिए 35 सीटों की मांग रखी। चार दिन पहले वे अखिलेश यादव से भी मिले थे, जहां सीट शेयरिंग पर बातचीत हुई थी।
UP चुनाव 2027 से पहले लोकदल ने 35 विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी तेज कर दी है। अखिलेश यादव से मुलाकात के चार दिन बाद सुनील सिंह अब राहुल गांधी से मिले और गठबंधन से लेकर 2029 तक की राजनीति पर बात की।
पहले अखिलेश, अब राहुल गांधी से मिले लोकदल अध्यक्ष; UP चुनाव में मांगी 35 सीटें, बोले- 2029 में PM बनाना है
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात कर 35 विधानसभा सीटों की मांग रखी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 22 सितंबर 2026
खबर में खास
राहुल गांधी और सुनील सिंह की करीब आधे घंटे मुलाकात
लोकदल ने UP में मांगी 35 विधानसभा सीटें
चार दिन पहले अखिलेश यादव से भी मिले थे सुनील सिंह
जयंत चौधरी को लेकर भी लोकदल अध्यक्ष ने किया दावा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी खेमे में सीटों की दावेदारी तेज होने लगी है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी पार्टी के लिए 35 विधानसभा सीटों की मांग रखी है। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे बातचीत हुई, जिसमें गठबंधन और उत्तर प्रदेश की चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।
यह मुलाकात इसलिए ज्यादा अहम हो जाती है क्योंकि सिर्फ चार दिन पहले 18 सितंबर को सुनील सिंह ने लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में भी 2027 का चुनाव और 35 सीटों की मांग चर्चा में थी।
यानी लोकदल अब 35 सीटों की अपनी मांग को गठबंधन के दो प्रमुख नेताओं के सामने रख चुका है।
राहुल गांधी के सामने रखी 35 सीटों की मांग
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि बैठक अच्छी रही और लोकदल ने UP विधानसभा चुनाव में 35 सीटें मांगी हैं।
उनके मुताबिक राहुल गांधी की ओर से इस मुद्दे पर मिल-बैठकर बातचीत करने की बात कही गई। इसलिए यहां यह समझना जरूरी है कि 35 सीटें अभी लोकदल की मांग हैं, सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति नहीं हुई है।
UP विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। ऐसे में गठबंधन की सीट शेयरिंग तय होने पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लोकदल की 35 सीटों की मांग पर आखिर क्या फैसला होता है।
चार दिन पहले अखिलेश यादव से हुई थी मुलाकात
राहुल गांधी से मुलाकात को समझने के लिए चार दिन पीछे जाना जरूरी है।
18 सितंबर को सुनील सिंह ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उस बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव, किसान, गरीब, रोजगार, महंगाई और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की बात सामने आई थी।
उस समय भी लोकदल की तरफ से 35 विधानसभा सीटों की मांग सामने आई थी और सुनील सिंह ने कहा था कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत आगे जारी रहेगी।
उन्होंने तब 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करने की बात भी कही थी।
इस तरह चार दिनों के भीतर अखिलेश और राहुल गांधी से हुई मुलाकातों में 35 सीटों का आंकड़ा लगातार बना हुआ है।
2027 में अखिलेश, 2029 में राहुल की बात
सुनील सिंह के हालिया बयानों में एक और दिलचस्प राजनीतिक तस्वीर दिखाई देती है।
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने 2027 में अखिलेश यादव को UP का मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कही।
ये दोनों सुनील सिंह के राजनीतिक बयान और लक्ष्य हैं; इन्हें किसी चुनावी परिणाम की भविष्यवाणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
पश्चिमी UP पर भी नजर
सुनील सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री और RLD प्रमुख जयंत चौधरी उनके लिए पश्चिमी UP में चुनौती नहीं हैं। उन्होंने खुद को “किंग” के बजाय “किंग मेकर” बनाने की बात भी कही।
यह सुनील सिंह का राजनीतिक दावा है। पश्चिमी UP में अलग-अलग दलों की वास्तविक चुनावी ताकत का आकलन आगामी चुनाव, उम्मीदवारों, गठबंधन और मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
2 अक्टूबर से गांवों की तरफ जाने की तैयारी
राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत में आगे के राजनीतिक कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। सुनील सिंह ने कहा कि गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज को लेकर पंचायतों के बीच जाने की तैयारी है।
इससे संकेत मिलता है कि लोकदल 35 सीटों की दावेदारी के साथ किसान और ग्रामीण मुद्दों को भी अपनी चुनावी रणनीति के केंद्र में रखने की कोशिश कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल- क्या मिलेंगी 35 सीटें?
फिलहाल यही इस पूरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण unanswered question है।
लोकदल 35 सीटों की मांग अखिलेश यादव और राहुल गांधी के सामने रख चुका है, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि गठबंधन में पार्टी को वास्तव में कितनी सीटें मिलेंगी और वे कौन-सी सीटें होंगी।
इसलिए अगला बड़ा अपडेट सिर्फ एक और राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि सीट शेयरिंग पर होने वाली अगली बैठक या आधिकारिक फैसला होगा।