CM योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- ‘प्रेस वार्ता में चर्चा ही नहीं हुई’; UP में फिर गरमाई सियासत
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि ‘प्रेस वार्ता में चर्चा ही नहीं हुई।’ इससे कुछ घंटे पहले योगी ने BJP के सेवा संकल्प अभियान, युवा कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े आयोजनों की रूपरेखा बताई थी।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 12 सितंबर 2026
खबर में खास
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CM योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश यादव का तंज
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योगी ने बताया था ‘सेवा संकल्प अभियान’ का पूरा रोडमैप
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17 सितंबर से यूपी में शुरू होंगे कई कार्यक्रम
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2027 से पहले BJP-SP की बयानबाजी हुई और तेज
योगी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश का तंज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “प्रेस वार्ता में चर्चा ही नहीं हुई।”
Vistaar News की ओर से साझा वीडियो में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते नजर आ रहे हैं।
उनकी यह प्रतिक्रिया उसी दिन आई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की रूपरेखा सार्वजनिक की।
योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का जो मॉडल दिया है, उसकी चर्चा दुनिया भर में होती है।
योगी ने इसके साथ उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान का पूरा कार्यक्रम भी बताया।
अभियान के तहत प्रदेश में जनसेवा, स्वच्छता, युवा सहभागिता और अलग-अलग सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 सितंबर से शुरू होगा अभियान
उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से की जाएगी।
राज्य सरकार की तैयारियों के मुताबिक यह अभियान करीब एक महीने तक चलाने की योजना है। इसके जरिए प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियों और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी इससे पहले सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों और दूसरे जनप्रतिनिधियों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील कर चुके हैं।
स्कूल-कॉलेज के युवाओं को भी जोड़ने की तैयारी
सेवा संकल्प अभियान में BJP और सरकार का खास फोकस युवाओं पर भी रहेगा।
मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भाषण प्रतियोगिताएं तथा अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
रंगोली प्रतियोगिता और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों के जरिए भी युवाओं को अभियान से जोड़ने की योजना है।
काशी से वडनगर तक विशेष यात्राएं
मुख्यमंत्री योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में काशी से गुजरात के वडनगर तक विशेष यात्राओं का भी जिक्र किया।
17 सितंबर को उत्तर प्रदेश की 10 पवित्र नदियों का जल लेकर यात्राएं निकलने की योजना है, जो अलग-अलग मार्गों से वडनगर तक पहुंचेंगी।
इन्हें प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा अभियान से जोड़कर आयोजित किया जा रहा है।
फिर अखिलेश ने क्यों कसा तंज?
अखिलेश यादव की ओर से दी गई छोटी प्रतिक्रिया में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कटाक्ष किया, लेकिन वायरल वीडियो क्लिप में वह यह विस्तार से नहीं बताते कि किस विशेष मुद्दे की चर्चा न होने की बात कर रहे थे।
इसलिए उनकी टिप्पणी को फिलहाल राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखना सही होगा।
हाल के दिनों में अखिलेश लगातार BJP सरकार को रोजगार, कानून-व्यवस्था, महंगाई, भ्रष्टाचार और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर घेर रहे हैं।
आजम खान के खिलाफ नई FIR के बाद भी उन्होंने BJP सरकार पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया था।
पहले से सेवा संकल्प अभियान को लेकर हमलावर हैं अखिलेश
अखिलेश यादव BJP के सेवा संकल्प अभियान पर पहले भी सवाल उठा चुके हैं।
सितंबर की शुरुआत में उन्होंने अभियान को चुनाव से पहले जनता तक पहुंच बनाने की कोशिश बताते हुए BJP सरकार के पिछले वर्षों के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
यानी मुख्यमंत्री योगी की ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उनका तंज अचानक आया बयान नहीं है। सपा पहले से ही BJP के इस अभियान को राजनीतिक नजर से देख रही है।
2027 से पहले BJP का बड़ा जनसंपर्क अभियान
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे समय में सेवा संकल्प अभियान BJP के लिए केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि जनता से सीधे संपर्क का बड़ा माध्यम भी बन सकता है।
पार्टी ने गांव से लेकर शहर तक कार्यक्रम आयोजित करने, लाभार्थियों से संपर्क बढ़ाने और युवाओं के बीच सक्रियता बढ़ाने की तैयारी की है।
इसलिए विपक्ष भी इस अभियान के राजनीतिक असर को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहा है।
BJP-SP की लड़ाई अब और तेज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिलहाल BJP और समाजवादी पार्टी सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों के रूप में आमने-सामने हैं।
एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और BJP सरकार अपने कामकाज, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं को जनता के सामने रख रही है।
दूसरी तरफ अखिलेश यादव रोजगार, आरक्षण, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं।
ऐसे में छोटी सी टिप्पणी भी 2027 के चुनावी माहौल में बड़ी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रही है।
अब सवाल यही है—क्या BJP का सेवा संकल्प अभियान जनता तक सरकार का संदेश पहुंचाने में सफल होगा या अखिलेश यादव इसे चुनावी मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने में कामयाब होंगे?
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