UP Government Jobs: ‘पहली बार बिना भेदभाव मिल रही सरकारी नौकरी’, CM योगी का दावा—6 महीने में एक लाख नियुक्तियां

योगी सरकार ने नौ वर्षों में 9.30 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का किया दावा; भर्ती आयोगों को छह महीने में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

उत्तर प्रदेश में बिना भेदभाव सरकारी नौकरी देने का दावा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार युवाओं को बिना किसी भेदभाव, सिफारिश और लेन-देन के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। सरकार के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने का ऐलान भी किया है।

पारदर्शी प्रक्रिया से नियुक्ति दी है, इसलिए अब नवनियुक्त कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने काम से प्रदेश, देश और आने वाली पीढ़ियों को लाभ पहुंचाएं।

नौ वर्षों में 9.30 लाख सरकारी नौकरियों का दावा

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उत्तर प्रदेश में बिना भेदभाव सरकारी नौकरी देने का दावा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार ने दावा किया है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये नियुक्तियां योग्यता और आरक्षण के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से की गई हैं।

यह 9.30 लाख का आंकड़ा उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत किया गया दावा है। इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए विभागवार पदों, भर्ती वर्षों, स्थायी एवं संविदा नियुक्तियों और चयनित अभ्यर्थियों का विस्तृत सरकारी डेटा सामने आना आवश्यक है।

सरकार का कहना है कि भर्ती आयोगों और बोर्डों को चयन प्रक्रिया स्वतंत्र रूप से पूरी करने की छूट दी गई है और सरकार उनकी कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप नहीं करती।

छह महीने में पूरी करनी होगी भर्ती प्रक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के भर्ती आयोगों और बोर्डों को निर्देश दिया है कि किसी विभाग से अधियाचन मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी करके परिणाम जारी करने में छह महीने से अधिक समय नहीं लगना चाहिए।

उनके मुताबिक, भर्ती का प्रस्ताव मिलने के एक महीने के भीतर विज्ञापन जारी किया जाए और अगले दो महीने के अंदर परीक्षा आयोजित कराई जाए। इसके बाद निर्धारित समय के भीतर परिणाम घोषित करके चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।

मुख्यमंत्री ने आयोगों और बोर्डों से भर्ती प्रक्रिया को सरल तथा समयबद्ध बनाने को कहा है, ताकि युवाओं का समय बर्बाद न हो और खाली सरकारी पदों को जल्द भरा जा सके।

नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई का दावा

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल और भर्ती माफिया की कमर तोड़ने का संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनकी संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई भी कराई गई।

उत्तर प्रदेश सरकार भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा जैसे कदम उठाने का दावा करती रही है।

हालांकि, प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक के आरोप और परिणामों को लेकर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन भी सामने आए हैं। इसलिए सरकार के पारदर्शी भर्ती के दावे के साथ अभ्यर्थियों की शिकायतों और लंबित भर्तियों की स्थिति पर नजर रखना भी जरूरी है।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्तियों की पिछली व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही प्रभावशाली राजनीतिक परिवार और भ्रष्ट अधिकारी सक्रिय हो जाते थे।

सीएम योगी ने दावा किया कि अभ्यर्थियों से वसूली की जाती थी, भर्ती परिणाम समय पर नहीं आते थे और कई चयन प्रक्रियाओं पर अदालत को रोक लगानी पड़ती थी। उनके अनुसार, इसका सबसे अधिक नुकसान उन युवाओं को होता था, जिनका समय और सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित आयु सीमा समाप्त होती जा रही थी।

ये मुख्यमंत्री योगी के राजनीतिक आरोप हैं। संबंधित विपक्षी पार्टियां पहले भी सरकार पर बेरोजगारी, पेपर लीक और नियमित भर्तियां समय पर पूरी नहीं करने के आरोप लगाती रही हैं।

विपक्ष ने घोषणा के समय पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री की एक लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं की नाराजगी कम करने की कोशिश बताया।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी कहा कि रोजगार का आकलन केवल नियुक्ति पत्र वितरण समारोहों से नहीं, बल्कि वास्तव में भरे गए पदों और लंबे समय से खाली पड़े सरकारी पदों के आधार पर होना चाहिए।

विपक्ष का आरोप है कि कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबे समय से लंबित हैं और बेरोजगार युवा परीक्षा परिणाम तथा नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पहले के मुकाबले अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

यूपी बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था पर भी बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी ने यूपी बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षाएं और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया कई महीनों तक चलती थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होती थी।

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि अब लगभग 56 लाख विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा 14 दिनों में पूरी कराई जाती है और अगले 14 दिनों में परिणाम जारी कर दिया जाता है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और दूसरे शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ कौशल विकास, रोजगार और करियर निर्माण पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया।

युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए राज्य और देश के साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां की कंपनियां उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देना चाहती हैं।

सीएम योगी ने जर्मनी और इजराइल में भी प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलने की बात कही। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के करीब पांच हजार युवा इजराइल में काम कर रहे हैं और उन्हें ₹1 लाख से ₹1.50 लाख तक मासिक वेतन मिल रहा है।

विदेश में रोजगार से जुड़े वेतन, काम की परिस्थितियां, सुरक्षा और श्रमिकों की वास्तविक संख्या अलग-अलग अनुबंध तथा नियोक्ता के आधार पर बदल सकती है।

एक लाख नौकरियों के ऐलान पर युवाओं की नजर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, प्रदेश में पहली बार युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना भेदभाव सरकारी नौकरी मिल रही है। दूसरी तरफ, विपक्ष सरकार से खाली पदों, लंबित भर्तियों और पेपर लीक से जुड़े मामलों का जवाब मांग रहा है।

अब युवाओं की नजर सरकार की उस समयसीमा पर रहेगी, जिसमें अगले छह महीने के भीतर एक लाख नियुक्ति पत्र देने का वादा किया गया है। इस घोषणा की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब विभागवार पदों की जानकारी, परिणाम और नियुक्ति पत्र निर्धारित समय के भीतर जारी कर दिए जाएं।

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