विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जा रहे अजय राय हिरासत में, पुलिस मसौली थाने ले गई
गोंडा के विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को बाराबंकी के मसौली इलाके में पुलिस ने रोक लिया। नोकझोंक के बाद उन्हें थाने ले जाया गया। कांग्रेस ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
गोंडा में विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने बाराबंकी में रोककर हिरासत में लिया। पुलिस उन्हें मसौली थाने ले गई, जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर विपक्ष को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने का आरोप लगाया।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | गोंडा/बाराबंकी | 12 सितंबर 2026
गोंडा जा रहे अजय राय को पुलिस ने रास्ते में रोका!
खबर में खास
विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे अजय राय
शहावपुर टोल के पास पुलिस ने काफिला रोका
हिरासत में लेकर मसौली थाने ले गई पुलिस
उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की मौत को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। शनिवार को उनके परिवार से मिलने जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने बाराबंकी में रोक लिया।
पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच नोकझोंक के बाद अजय राय को हिरासत में लेकर मसौली थाने ले जाया गया। उनके गोंडा दौरे को देखते हुए रास्ते में कई जगह बैरिकेडिंग भी की गई थी।
टोल प्लाजा पर रोका गया अजय राय का काफिला
अजय राय कांग्रेस नेताओं के साथ गोंडा के परसपुर इलाके में विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे।
इसी दौरान शहावपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई।
कुछ देर बाद अजय राय को पुलिस अपने साथ मसौली थाने ले गई।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा है।
कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का सवाल है कि जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद विनोद साहनी के परिवार के समर्थन में सामने आ सकते हैं, तो कांग्रेस नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने यह दावा भी किया कि अजय राय के दौरे को देखते हुए पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं को घरों से बाहर निकलने से रोका गया।
अजय राय ने BJP सरकार पर साधा निशाना
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर BJP सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस पर हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि वह केवल पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
अजय राय ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों की आवाज उठाने से विपक्ष को नहीं रोका जा सकता। यह कांग्रेस नेता का आरोप है; पुलिस की ओर से इस रिपोर्ट में विस्तृत आधिकारिक कारण नहीं दिया गया है।
क्या है विनोद साहनी का मामला?
गोंडा के परसपुर क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव निवासी विनोद साहनी बर्तन कारोबारी थे।
रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल विनोद साहनी की बाद में लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ने लगा।
संजय निषाद से लेकर विपक्ष तक सक्रिय
विनोद साहनी की मौत के बाद केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मामला उठाया है।
सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद भी इस मामले को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। यही वजह है कि विनोद साहनी का मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यूपी की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
अब सियासत क्यों हो रही तेज?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में निषाद समुदाय से जुड़े किसी मामले का राजनीतिक असर स्वाभाविक रूप से बड़ा हो सकता है।
विपक्ष इस घटना के जरिए कानून-व्यवस्था और पीड़ित परिवार तक पहुंचने से नेताओं को रोके जाने का मुद्दा उठा रहा है।
वहीं अब नजर इस बात पर होगी कि पुलिस अजय राय को कब तक रोके रखती है और विनोद साहनी मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।