UP Election 2027: पिंडरा से चुनाव लड़ेंगे अजय राय, मछली-भात विवाद में CM योगी को दी खुली चुनौती
‘पंचायत आजतक’ के मंच से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा ऐलान, सपा से गठबंधन और सीट बंटवारे पर भी साफ किया रुख
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 2027 का विधानसभा चुनाव वाराणसी की पिंडरा सीट से लड़ने का ऐलान कर दिया है। मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ के मंच से उन्होंने कांग्रेस की चुनावी तैयारी, सपा से गठबंधन और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बात की। मछली-भात विवाद में अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आरोप साबित करने या माफी मांगने की चुनौती भी दी।
,559 वोटों के अंतर से यह सीट जीती थी। ऐसे में 2027 के चुनाव में अजय राय को भाजपा के मजबूत संगठन के साथ पिंडरा के जातीय और स्थानीय समीकरणों की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा।
मछली-भात विवाद पर क्या बोले अजय राय?
‘पंचायत आजतक’ के मंच पर अजय राय ने मछली-भात खाने से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
अजय राय ने कहा कि उन्होंने इस मामले को अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से कहा कि यदि उनके पास आरोप साबित करने वाले प्रमाण हैं तो उन्हें न्यायालय के सामने पेश करें, अन्यथा अपने बयान के लिए माफी मांगें।
हालांकि, मछली-भात मामले को लेकर कही गई बातें अजय राय के आरोप और उनके राजनीतिक पक्ष का हिस्सा हैं। इस मामले पर न्यायालय का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।
सपा से गठबंधन पर अजय राय ने साफ किया रुख
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे से जुड़े सवाल पर अजय राय ने कहा कि अंतिम फैसला कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका मुख्य काम उत्तर प्रदेश के गांव-गांव और गली-गली तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करना है। पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपनी संगठनात्मक तैयारी कर रही है।
अजय राय के बयान से साफ है कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का विकल्प अभी बंद नहीं किया है। हालांकि, कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पिंडरा सीट गठबंधन में किसके खाते में जाएगी, इसका निर्णय दोनों पार्टियों के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही होगा।
‘2027 में कांग्रेस बनाएगी सरकार’
अजय राय ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने कांग्रेस को संघर्ष और क्रांतिकारियों की पार्टी बताया। अजय राय ने दावा किया कि किसानों, युवाओं और महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर राहुल गांधी तथा कांग्रेस लगातार आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘संगठन सृजन’ अभियान के माध्यम से बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत कर रही है। हालांकि, प्रदेश में सरकार बनाने संबंधी बयान अजय राय का राजनीतिक दावा है और इसका फैसला 2027 के चुनाव परिणाम से होगा।
भाजपा छोड़ने पर क्या बोले अजय राय?
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए अजय राय ने भाजपा छोड़ने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता था, लेकिन अब पार्टी की कार्यप्रणाली बदल चुकी है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा को कॉरपोरेट कंपनी की तरह चलाया जा रहा है और पुराने कार्यकर्ताओं को किनारे किया जा रहा है। उन्होंने इसी कारण भाजपा छोड़ने की बात कही। यह अजय राय की राजनीतिक टिप्पणी है और इस पर भाजपा का पक्ष अलग हो सकता है।
छात्रों और युवाओं का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और छात्र आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है।
अजय राय ने प्रयागराज और लखनऊ में हुए छात्र प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं, बेरोजगारी और पेपर लीक से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय युवाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों तथा बेरोजगार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था पर योगी सरकार को घेरा
अजय राय ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रदेश में हुई अपराध की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर सवाल उठाया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अपराध में सत्तारूढ़ दल अथवा पुलिस से जुड़े किसी व्यक्ति का नाम सामने आने पर सरकार समान रूप से कार्रवाई नहीं करती। कार्यक्रम की संबंधित रिपोर्ट में इन आरोपों पर भाजपा या उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी।
पिंडरा का मुकाबला क्यों होगा महत्वपूर्ण?
पिंडरा विधानसभा क्षेत्र वाराणसी जिले में आता है और वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का इस क्षेत्र से चुनाव लड़ना केवल एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं रहेगा।
यह चुनाव पूर्वांचल में कांग्रेस के संगठन और अजय राय के व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव की परीक्षा भी होगा। वर्ष 2022 में अजय राय तीसरे स्थान पर रहे थे, इसलिए उनके सामने कांग्रेस के पुराने जनाधार को वापस हासिल करने की बड़ी चुनौती होगी।
यदि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2027 का चुनाव गठबंधन में लड़ती हैं तो पिंडरा का चुनावी समीकरण बदल सकता है। लेकिन सीट बंटवारे का निर्णय होने से पहले यह तय नहीं माना जा सकता कि यहां दोनों पार्टियों का संयुक्त उम्मीदवार कौन होगा।
फिलहाल अजय राय ने पिंडरा से चुनाव लड़ने का ऐलान करके पूर्वांचल की राजनीति गरमा दी है। अब सबकी नजर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व, सपा-कांग्रेस गठबंधन और भाजपा की आगामी रणनीति पर रहेगी।
