पटना में दारोगा भर्ती-BPSC को लेकर हजारों छात्र सड़क पर, JP गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी; CM आवास घेरने निकले

पटना में BSSC, BPSSC दारोगा भर्ती और 70वीं BPSC को लेकर हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतरे। गांधी मैदान से CM आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने JP गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी। छात्र कथित अनियमितताओं की जांच और री-एग्जाम की मांग कर रहे हैं।

बिहार की भर्ती परीक्षाओं को लेकर पटना में बड़ा छात्र प्रदर्शन हुआ। हजारों अभ्यर्थी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, जिन्हें JP गोलंबर पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और पुलिस-अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारी 70वीं BPSC और 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए इन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने तथा BSSC की लंबित परीक्षाएं जल्द कराने की मांग कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | पटना | 15 सितंबर 2026

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पटना में 70वीं BPSC और दारोगा भर्ती को लेकर प्रदर्शन करते अभ्यर्थियों को JP गोलंबर पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की।

खबर में खास

  • पटना की सड़कों पर उतरे हजारों अभ्यर्थी
  • JP गोलंबर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग
  • 70वीं BPSC और दारोगा भर्ती दोबारा कराने की मांग
  • 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती पर भी उठाए सवाल
बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर छात्रों का गुस्सा मंगलवार को पटना की सड़कों पर दिखाई दिया।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन JP गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस तथा छात्रों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई।

आखिर क्यों सड़क पर उतरे छात्र?

प्रदर्शन में BSSC, BPSSC और BPSC से जुड़ी अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थी शामिल हुए।
छात्रों का आरोप है कि 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा और 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।
इन्हीं आरोपों के आधार पर प्रदर्शनकारी दोनों परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।
यहां यह स्पष्ट है कि परीक्षाओं में धांधली के आरोप प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के हैं। अंतिम रूप से अनियमितता सिद्ध होने और पूरी भर्ती रद्द होने को तथ्य की तरह नहीं लिखा जाना चाहिए।

JP गोलंबर पर कैसे बिगड़ी स्थिति?

प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले अभ्यर्थियों को रोकने के लिए प्रशासन ने JP गोलंबर पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाई थी।
लेकिन प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा बैरिकेड्स पर चढ़ गया और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई।

दारोगा भर्ती को लेकर क्या विवाद है?

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बिहार पुलिस की 1,799 पदों वाली दारोगा भर्ती शामिल है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दारोगा परीक्षा के परिणाम को लेकर आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU पहले से कुछ परीक्षा केंद्रों के परिणामों की जांच कर रही है।
EOU ने ऐसे 20 परीक्षा केंद्रों का विवरण मांगा है जहां सफल अभ्यर्थियों का अनुपात अधिक रहा, साथ ही क्रमवार रोल नंबर वाले अधिक अभ्यर्थियों के सफल होने से जुड़े केंद्रों का ब्योरा भी मांगा गया है।
इस जांच का होना अपने-आप पूरी भर्ती में धांधली सिद्ध नहीं करता; जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

70वीं BPSC को लेकर क्या मांग?

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध नया नहीं है।
छात्र पहले से परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की जांच तथा पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग करते रहे हैं।
अगस्त में पटना के गर्दनीबाग में भी इसे लेकर प्रदर्शन जारी था।
अब मंगलवार के प्रदर्शन में यह मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठी।

BSSC को लेकर क्या चाहते हैं छात्र?

प्रदर्शन केवल BPSC और दारोगा भर्ती तक सीमित नहीं है।
अभ्यर्थियों ने BSSC की लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की भी मांग की है।
छात्रों का कहना है कि भर्ती कैलेंडर और परीक्षा प्रक्रियाओं में देरी से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का समय प्रभावित होता है।

भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से चल रहा आंदोलन

बिहार में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले कई सप्ताह से अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा है।
अगस्त में TRE-4 को लेकर भी प्रदर्शन हुए थे। बाद में BPSC ने 32,388 शिक्षक पदों के लिए TRE-4 भर्ती की घोषणा की, लेकिन इसके बाद भी अभ्यर्थियों की कई दूसरी मांगें बनी रहीं।
इसमें परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई, OMR और answer key से जुड़ी मांगें तथा लंबित भर्तियों को पूरा करने जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।

अब आगे क्या?

पटना में प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि प्रदर्शनकारियों की री-एग्जाम और उच्चस्तरीय जांच की मांग पर सरकार, BPSC और संबंधित भर्ती आयोग आगे क्या रुख अपनाते हैं।

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