UP चुनाव से पहले संजय निषाद का BJP को बड़ा संदेश- ‘दरवाजे बंद किए तो आगे सोचना पड़ेगा’, SP से गठबंधन पर भी दिया जवाब
NDA सहयोगी संजय निषाद ने SP से गठबंधन की अटकलों पर कहा कि फिलहाल वह BJP के साथ हैं, लेकिन अगर BJP अपने दरवाजे बंद करती है तो आगे के बारे में सोचना पड़ेगा। उन्होंने 2027 चुनाव में पिछली बार की 16 सीटों से ज्यादा की उम्मीद भी जताई।
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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले निषाद पार्टी प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद के बयान ने सियासी चर्चा बढ़ा दी है। SP नेता माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद गठबंधन की अटकलों पर उन्होंने कहा कि अगर BJP अपने दरवाजे बंद करती है तो आगे के बारे में सोचना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने निषाद समाज के मुद्दे उठाते हुए आगामी चुनाव में पिछली बार मिली 16 सीटों से ज्यादा की उम्मीद जताई।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 15 सितंबर 2026
खबर में खास
- SP से गठबंधन के सवाल पर संजय निषाद का बड़ा बयान
- कहा- BJP ने दरवाजे बंद किए तो आगे सोचना पड़ेगा
- माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात को बताया शिष्टाचार भेंट
- 2027 में पिछली बार की 16 सीटों से ज्यादा की उम्मीद
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले NDA के अंदर सीटों और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ती दिखाई दे रही है।
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अब BJP और समाजवादी पार्टी दोनों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे 2027 के गठबंधन समीकरणों की चर्चा फिर तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावना के सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि जब SP ने अपने दरवाजे बंद किए थे तब वह BJP के साथ आए थे।
इसके बाद उन्होंने साफ किया कि अगर BJP अपने दरवाजे बंद करती है तो उन्हें भी आगे के बारे में सोचना पड़ेगा।
SP से गठबंधन पर क्या बोले संजय निषाद?
आजतक से बातचीत में संजय निषाद से आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ जाने की संभावना को लेकर सवाल किया गया।
उनका कहना था कि उनकी पार्टी उस राजनीतिक पक्ष के साथ रहेगी जो निषाद समाज के मुद्दों को हल करने और सरकार से जुड़े मामलों को सुलझाने में मदद करेगा।
यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि निषाद पार्टी फिलहाल BJP की सहयोगी है और संजय निषाद खुद योगी सरकार में मंत्री हैं।
हालांकि इसे SP के साथ गठबंधन की घोषणा नहीं माना जा सकता। संजय निषाद ने केवल भविष्य की स्थिति को BJP के रुख से जोड़कर conditional जवाब दिया है।
माता प्रसाद पांडेय से क्यों मिले थे?
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत संजय निषाद की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ SP नेता माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद हुई।
दोनों की तस्वीर सामने आते ही सवाल उठने लगे कि क्या 2027 से पहले कोई नया राजनीतिक समीकरण बन रहा है।
संजय निषाद ने इन अटकलों पर कहा कि माता प्रसाद पांडेय उनके पुराने साथी और मार्गदर्शक रहे हैं।
उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह उनका हालचाल जानने गए थे। उन्होंने मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया।
मुलाकात में विनोद साहनी मामले पर भी हुई बात
संजय निषाद के मुताबिक मुलाकात के दौरान केवल स्वास्थ्य संबंधी बातचीत नहीं हुई।
दोनों नेताओं के बीच समसामयिक मुद्दों के साथ विनोद साहनी की मौत के मामले पर भी चर्चा हुई।
यह मामला हाल के दिनों में UP की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना है।
संजय निषाद ने विनोद साहनी की मौत को लेकर धरना दिया था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। SP के नेता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम में गोली या चाकू से चोट की पुष्टि नहीं हुई थी; तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
BJP से नाराज हैं संजय निषाद?
इसी सवाल पर राजनीतिक चर्चा सबसे ज्यादा है।
हाल के दिनों में संजय निषाद मछुआ/निषाद समाज से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर मुखर रहे हैं।
लेकिन उन्होंने अपने धरने को BJP से मतभेद का प्रमाण मानने से भी इनकार किया था और कहा था कि उनकी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी में थी।
इसलिए फिलहाल यह कहना कि संजय निषाद ने BJP छोड़ने का फैसला कर लिया है, तथ्यों से आगे जाना होगा।
उनका नया बयान BJP के सामने अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं और भविष्य के विकल्प खुले रखने के संकेत के रूप में जरूर देखा जा रहा है।
2024 की हार का भी किया जिक्र
संजय निषाद ने 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए BJP को नसीहत दी।
उन्होंने दावा किया कि 2024 में निषाद समाज के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई और गठबंधन को इसका चुनावी नुकसान उठाना पड़ा।
इसके उलट उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय इन मुद्दों पर बात हुई और गठबंधन ने बेहतर प्रदर्शन किया।
2027 में 16 से ज्यादा सीटों की मांग?
2027 का एक और महत्वपूर्ण संकेत seat sharing को लेकर मिला है।
संजय निषाद ने बताया कि उनकी BJP के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह से बातचीत हुई है और उन्होंने अपनी मांगें उनके सामने रख दी हैं।
संजय निषाद के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 16 सीटें मिली थीं और इस बार वह इससे ज्यादा सीटों की उम्मीद कर रहे हैं।
उन्होंने उन सीटों पर भी मेहनत करने की बात कही जहां BJP पिछली बार चुनाव हार गई थी।
2027 में निषाद वोट क्यों अहम?
UP में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले OBC और अति पिछड़े वर्ग के वोटों को लेकर BJP और SP दोनों अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं।
विनोद साहनी प्रकरण के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से निषाद समुदाय तक राजनीतिक पहुंच बढ़ी है।
ऐसे माहौल में संजय निषाद का “दरवाजे बंद हुए तो आगे सोचेंगे” वाला बयान सिर्फ एक मुलाकात की सफाई तक सीमित नहीं रह जाता।
हालांकि अभी निषाद पार्टी NDA में है और किसी नए गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि 2027 के लिए BJP और निषाद पार्टी के बीच सीट बंटवारे और निषाद समाज से जुड़े मुद्दों पर क्या सहमति बनती है।
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