मायावती ने आकाश आनंद को फिर मैदान में उतारा, 28 अक्टूबर से रैलियां; UP की 5 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान

UP चुनाव 2027 के लिए आकाश आनंद 28 अक्टूबर से बसपा की रैलियां करेंगे। बुलंदशहर से शुरुआत होगी। सहारनपुर, अयोध्या, आगरा और कानपुर में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जहां प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं।

UP Election 2027: आकाश आनंद 28 अक्टूबर से चुनावी सभाएं करेंगे। जानिए मायावती की योजना, पांच विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवार और रैलियों की तारीखें।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ | 16 अक्टूबर 2026
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मायावती के नेतृत्व में आकाश आनंद 28 अक्टूबर से यूपी में चुनावी रैलियों की नई श्रृंखला शुरू करने की तैयारी में हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपने चुनाव प्रचार की नई रूपरेखा तैयार की है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर प्रदेश में सक्रिय करने का फैसला किया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, आकाश 28 अक्टूबर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में रैलियां करेंगे और संभावित प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक करेंगे।
सबसे पहले बुलंदशहर से अभियान शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद सहारनपुर, अयोध्या, आगरा और कानपुर के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

खबर में खास

  • आकाश आनंद का नया चुनावी अभियान 28 अक्टूबर से बुलंदशहर में शुरू होने की योजना।
  • अनूपशहर से मनोज कुमार प्रधान और नकुड़ से नरेश कुमार सैनी के नाम प्रस्तावित।

  • अयोध्या, आगरा और कानपुर में नवंबर के दौरान चुनावी सभाओं की तैयारी।

  • प्रत्याशियों के चयन पर अंतिम फैसला मायावती का रहेगा, आकाश आनंद प्रचार और घोषणाओं की भूमिका निभाएंगे।

28 अक्टूबर को बुलंदशहर से शुरुआत, किसे मिलेगा टिकट?

आकाश आनंद का पहला प्रस्तावित कार्यक्रम 28 अक्टूबर को बुलंदशहर जिले की अनूपशहर विधानसभा सीट पर होगा।
यहां बसपा की बड़ी सभा आयोजित करने की तैयारी है। इस कार्यक्रम में मनोज कुमार प्रधान का नाम पार्टी प्रत्याशी के रूप में घोषित किए जाने की योजना बताई जा रही है।
मनोज कुमार प्रधान जाट समुदाय से आते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए मेरठ मंडल के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर भी जोर रहेगा।
हालांकि, औपचारिक घोषणा होने तक उन्हें अंतिम रूप से घोषित उम्मीदवार नहीं माना जाना चाहिए।

सहारनपुर में 2 नवंबर को आकाश आनंद की रैली

बुलंदशहर के बाद 2 नवंबर को सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट पर जनसभा प्रस्तावित है।
इस सीट से नरेश कुमार सैनी का नाम सामने आया है। पार्टी की योजना उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता के सामने प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत करने की है।
सहारनपुर में बसपा का पुराना संगठनात्मक आधार रहा है। ऐसे में पार्टी यहां कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

अयोध्या की बीकापुर सीट पर किसका नाम सामने आया?

आकाश आनंद का अगला बड़ा कार्यक्रम 20 नवंबर को अयोध्या की बीकापुर विधानसभा सीट पर प्रस्तावित है।
यहां पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू को प्रत्याशी घोषित किए जाने की तैयारी बताई जा रही है।
जितेंद्र सिंह बबलू पहले भी इस क्षेत्र की चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। अब उनकी संभावित उम्मीदवारी के जरिए बसपा स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, अंतिम घोषणा अभी बाकी है।

आगरा और कानपुर में 22 नवंबर को क्या कार्यक्रम है?

22 नवंबर को आगरा मंडल की एत्मादपुर विधानसभा सीट पर आकाश आनंद की सभा प्रस्तावित है।
इस सीट से सर्वेश बघेल का नाम सामने आया है। वह ओबीसी समुदाय से आते हैं।
इसी तारीख को कानपुर मंडल की बिल्हौर सीट पर भी कार्यक्रम की योजना है, जहां अवधेश कोरी का नाम संभावित प्रत्याशी के रूप में बताया जा रहा है।
दोनों जगह एक ही दिन कार्यक्रम प्रस्तावित होने के कारण अंतिम समय और संचालन की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

मायावती ने आकाश आनंद को फिर जिम्मेदारी क्यों दी?

आकाश आनंद की बसपा में वापसी 5 अक्टूबर को हुई थी। इससे पहले सितंबर में मायावती ने उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाकर निष्कासित कर दिया था।
बाद में आकाश ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और पार्टी में दोबारा काम करने का अवसर मांगा।
मायावती ने उनकी वापसी स्वीकार करते हुए फिर राष्ट्रीय संयोजक बनाया।
अब प्रस्तावित रैलियों से आकाश की चुनावी गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि, मायावती पहले स्पष्ट कर चुकी हैं कि विधानसभा उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार उनके पास ही रहेगा।
इसलिए प्रचार कार्यक्रमों में नाम घोषित करने और उम्मीदवार तय करने के अधिकार को अलग-अलग समझना जरूरी है।

UP चुनाव 2027 में BSP की क्या तैयारी है?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा को केवल एक सीट मिली थी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी।
इसी पृष्ठभूमि में पार्टी अब उम्मीदवारों की पहचान, क्षेत्रीय सभाओं और संगठन को सक्रिय करने पर जोर दे रही है।
प्रस्तावित कार्यक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि बसपा चुनाव से पहले अलग-अलग क्षेत्रों में प्रत्याशियों का परिचय कराना चाहती है।
अब नजर 28 अक्टूबर की अनूपशहर रैली पर रहेगी। उसी कार्यक्रम से स्पष्ट होगा कि नई रूपरेखा किस तरह लागू होती है और पार्टी किन नामों की औपचारिक घोषणा करती है।

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