नेहा बोरा को राहुल गांधी ने दी अहमियत तो NSUI में नाराजगी? WhatsApp ग्रुप का नाम रखा 'WE THE छोटू'

राहुल गांधी के साथ नेहा बोरा की बढ़ती मौजूदगी से NSUI के कुछ पदाधिकारियों की नाराजगी की खबर है। संगठन के WhatsApp ग्रुप का नाम 'WE THE छोटू' रखा गया। राहुल ने करीब 60 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, लेकिन NSUI अध्यक्ष ने नाराजगी से इनकार किया।

Rahul Gandhi Neha Bora: कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में नेहा बोरा को मिली अहमियत पर असंतोष की खबर। जानिए 'WE THE छोटू' WhatsApp ग्रुप और राहुल गांधी की बैठक का मामला।

प्रत्यक्षदर्शी समाचार | नई दिल्ली | 16 अक्टूबर 2026

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सुप्रीम कोर्ट मार्च में राहुल गांधी और नेहा बोरा की मौजूदगी के बाद NSUI के कुछ पदाधिकारियों की नाराजगी की खबर सामने आई।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ छात्र नेता नेहा बोरा की लगातार बढ़ती मौजूदगी को लेकर कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के छात्र संगठन NSUI के कुछ पदाधिकारी इससे नाराज थे। नाराजगी जताने के लिए एक WhatsApp ग्रुप का नाम तीन दिनों तक 'WE THE छोटू' रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
मामला तब चर्चा में आया जब राहुल गांधी ने कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों के करीब 60 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। हालांकि, NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने संगठन में नाराजगी होने से इनकार किया है।

खबर में खास

  • राहुल गांधी के साथ नेहा बोरा की बढ़ती मौजूदगी से NSUI के कुछ पदाधिकारियों में असंतोष की खबर।
  • संगठन के एक WhatsApp ग्रुप का नाम तीन दिनों तक 'WE THE छोटू' रखे जाने का दावा।

  • राहुल गांधी ने NSUI, युवा कांग्रेस और सेवा दल के करीब 60 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

  • NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने नाराजगी की बात खारिज की, जबकि कांग्रेस ने साझा आंदोलन पर जोर दिया।

राहुल गांधी के साथ नेहा बोरा को देखकर NSUI में नाराजगी क्यों?

12 अक्टूबर को विपक्षी गठबंधन के नेता चुनाव आयोग और SIR विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे।
इस दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पैदल मार्च में दिखाई दीं। बाद में वह विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक ट्रक पर भी नजर आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कुछ पदाधिकारियों को यह बात पसंद नहीं आई कि प्रदर्शन की तैयारियों में सक्रिय रहने के बावजूद दूसरे छात्र संगठन की नेता को प्रमुख स्थान मिला।
इस नाराजगी की एक वजह छात्र राजनीति में NSUI और AISA की आपसी प्रतिस्पर्धा भी बताई गई है।

WhatsApp ग्रुप का नाम 'WE THE छोटू' क्यों रखा गया?

सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, 12 अक्टूबर के मार्च के बाद NSUI के 'दिल्ली कॉर्डिनेशन' WhatsApp ग्रुप में कुछ पदाधिकारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
एक सदस्य ने ग्रुप का नाम बदलकर 'WE THE छोटू' रख दिया।
इस नाम के पीछे कथित संदेश यह था कि संगठन के कार्यकर्ता प्रदर्शनों में मेहनत करते हैं, लेकिन राजनीतिक मंच पर उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं मिलता।
बताया गया है कि ग्रुप में संगठन के प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई पदाधिकारी जुड़े थे।
हालांकि, ग्रुप की बातचीत और नाम बदलने के घटनाक्रम की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

राहुल गांधी ने 60 कार्यकर्ताओं को क्यों बुलाया?

गुरुवार, 15 अक्टूबर को राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में NSUI, युवा कांग्रेस और सेवा दल के करीब 60 कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और दूसरे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की।
बैठक में मौजूद एक नेता के अनुसार, राहुल ने संदेश दिया कि संगठन में केवल व्यक्तिगत श्रेय हासिल करने के लिए काम नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन, संघर्ष और सामूहिक नेतृत्व का महत्व समझाया।
प्रियंका गांधी ने भी युवा कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखने की सलाह दी।

क्या राहुल गांधी के सामने नेहा बोरा की शिकायत हुई?

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यकर्ताओं की बैठक में नेहा बोरा को लेकर नाराजगी सीधे राहुल गांधी के सामने नहीं उठाई गई।
एक NSUI पदाधिकारी ने बताया कि राहुल गांधी से बातचीत के बाद कार्यकर्ताओं का असंतोष दूर हुआ।
इसके बाद WhatsApp ग्रुप का पुराना नाम वापस रखे जाने की जानकारी भी सामने आई।
हालांकि, मुलाकात का उद्देश्य विशेष रूप से नाराजगी दूर करना था या कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करना, इस बारे में कांग्रेस की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।

NSUI अध्यक्ष और कांग्रेस ने क्या कहा?

NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने नेहा बोरा को लेकर पदाधिकारियों की नाराजगी की खबरों से इनकार किया।
वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी उन सभी आवाजों को मंच देती है जो गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीकों से जनता के मुद्दे उठाती हैं।
कांग्रेस का जोर अलग-अलग छात्र और युवा संगठनों को चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में साथ लाने पर है।
फिलहाल नेहा बोरा को मिली अहमियत पर NSUI के कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी की रिपोर्टें हैं, लेकिन संगठन के अध्यक्ष ने इससे इनकार किया है। राहुल गांधी की मुलाकात के बाद असंतोष कम होने की जानकारी सामने आई है।

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