लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर फैजुल्लागंज से लेकर बख्शी का तालाब के ग्रामीण इलाकों तक लोगों की मुश्किल बढ़ा रहा है। हनुमान मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया है और कई प्रभावित बस्तियों में नावों से राहत पहुंचाई जा रही है। जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव से इलाकों का निरीक्षण किया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी और राहत व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
गोमती का पानी मंदिर से घरों तक, लखनऊ में राहत अभियान तेज
गोमती का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के हनुमान मंदिर परिसर समेत फैजुल्लागंज और कई निचले इलाके प्रभावित हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी समाचार | लखनऊ डेस्क | 5 अक्टूबर 2026
खबर में खास
गोमती का जलस्तर 108.14 मीटर तक पहुंचा
पानी हनुमान मंदिर परिसर तक पहुंचा
हनुमत धाम, शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भी असर
गोमती रिवरफ्रंट की Food Valley अस्थायी रूप से बंद
फैजुल्लागंज में कई जगह नावों से आवाजाही और राहत
DM विशाख जी. और JCP बबलू कुमार ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित निकालने के निर्देश
प्रभावित परिवारों तक नाव से राहत किट और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा
BKT के कई गांवों में भी बढ़े पानी का असर
जलभराव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग और ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव की तैयारी
लखनऊ में गोमती का बढ़ता पानी बना चिंता
लखनऊ: राजधानी में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब सिर्फ नदी किनारे तक सीमित नहीं है। पानी निचले रिहायशी इलाकों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक जगहों तक पहुंच चुका है। फैजुल्लागंज से लेकर बख्शी का तालाब के ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित है और राहत पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज किया है। जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार स्वयं प्रभावित इलाकों में पहुंचे और कुछ स्थानों का नाव से निरीक्षण किया।
हनुमान जी के चरणों तक पहुंचा गोमती का पानी
गोमती का पानी शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
हनुमान मंदिर के मुख्य पुरोहित विनोद तांगड़ी के मुताबिक नदी का पानी हनुमान जी के चरणों तक पहुंच गया है। उनका कहना है कि पानी और बढ़ने की स्थिति में मंदिर की परंपरा के अनुसार बाहर से ही पूजा और आरती की जाती है।
हनुमत धाम के अलावा प्राचीन शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास भी पानी का असर दिखाई दे रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स ने भी हनुमान मंदिर परिसर में पानी पहुंचने और शहर में नए इलाकों तक नदी का फैलाव दर्ज किया है।
108.14 मीटर तक पहुंचा गोमती का जलस्तर
रिपोर्टों के मुताबिक गोमती का जलस्तर 108.14 मीटर तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसे सामान्य स्तर से करीब आठ फीट ऊपर बताया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने Hindustan Times को बताया कि पानी बढ़ने की बड़ी वजह सिर्फ लखनऊ में हुई ताजा बारिश नहीं, बल्कि सीतापुर, लखीमपुर खीरी और दूसरे upstream catchment areas से आने वाला पानी भी है।
फैजुल्लागंज में नाव से पहुंचे DM और JCP
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में फैजुल्लागंज शामिल है।
यहां कई रिहायशी हिस्सों में पानी भरने के बाद जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार नाव से बस्तियों तक पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर राहत सामग्री और दूसरी जरूरतों का जायजा लिया। AajTak
फैजुल्लागंज में नगर निगम की टीमें भी लगाई गई हैं। जलनिकासी के लिए पंपसेट चलाए जा रहे हैं और सफाई व फॉगिंग की व्यवस्था की गई है।
गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पहले निकाले जाएंगे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने सबसे ज्यादा संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता देने को कहा है।
ग्राम सैथा के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। वहां तत्काल 10 नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
जिला प्रशासन के door-to-door राहत और evacuation अभियान में इन्हीं समूहों को प्राथमिकता देने की पुष्टि की गई है।
घर-घर नाव से पहुंच रही राहत
जिन परिवारों के घर पानी से घिर गए हैं, उनके लिए प्रशासन ने नावों के जरिए राहत सामग्री भेजने की व्यवस्था की है।
राहत किट, भोजन और दूसरी जरूरी चीजें प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं और मेडिकल किट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।
पशुपालन विभाग को प्रभावित परिवारों के पशुओं के लिए भूसा और चारा उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
दाऊद नगर में बनेगा अतिरिक्त कंट्रोल रूम
रात में अचानक जलस्तर बढ़ने या किसी परिवार को मदद की जरूरत पड़ने की स्थिति को देखते हुए दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में रात की पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने को भी कहा गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में टीम जल्द मौके तक पहुंच सके।
BKT के इन गांवों तक भी पहुंचा असर
लखनऊ शहर के अलावा बख्शी का तालाब क्षेत्र के गांव भी गोमती के बढ़े जलस्तर से प्रभावित हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ जैसे गांवों में पानी का असर बना हुआ है। कुछ इलाकों में पानी थोड़ा घटने की जानकारी है, लेकिन आवाजाही और सामान्य जीवन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
प्रभावित गांवों में नाव और राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है।
Riverfront की Food Valley बंद
गोमती रिवरफ्रंट स्थित Food Valley को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
नदी के बढ़े जलस्तर के कारण हनुमत धाम, लक्ष्मण मेला मैदान और दूसरे नदी किनारे के सार्वजनिक क्षेत्रों में भी लोगों से अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है।
पानी उतरने के बाद बीमारी की भी चुनौती
प्रशासन सिर्फ बाढ़ के पानी पर ही नहीं, उसके बाद फैल सकने वाली बीमारियों की आशंका पर भी तैयारी कर रहा है।
फैजुल्लागंज के जलभराव वाले क्षेत्रों में फॉगिंग के साथ ड्रोन से anti-larva chemical का छिड़काव करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग मेडिकल किट और क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध करा रहा है।
क्या अभी और बढ़ सकता है पानी?
अलग-अलग रिपोर्टों में अधिकारियों ने जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है। Hindustan Times ने सिंचाई विभाग के हवाले से बताया कि नदी का उफान संभवतः अपने peak के करीब पहुंच चुका है और आगे गिरावट आ सकती है, लेकिन प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है।
इसीलिए प्रशासन अभी स्थिति को सामान्य मानकर राहत अभियान बंद नहीं कर रहा है।
लोगों के लिए क्या जरूरी है?
नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में रहने वालों को पानी के पास भीड़ लगाने या अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।
बिजली के खुले तार, जलमग्न सड़कें और तेज बहाव वाले हिस्से अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन की evacuation या सुरक्षा सलाह मिलने पर उसका पालन करना जरूरी है।
लखनऊ में गोमती का बढ़ा जलस्तर शहर के लिए सिर्फ नदी का उफान नहीं, बल्कि निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी का संकट बन गया है। मंदिर परिसर से लेकर घरों और गांवों तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन राहत और निकासी अभियान में जुटा है। अब सबसे अहम नजर गोमती के जलस्तर पर है—पानी घटने तक फैजुल्लागंज, BKT और नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी रहेगी।